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लाखाें का एएनएम सेंटर बना पशुआें का तबेला
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
Updated Thu, 12 Mar 2015 11:44 PM IST
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ग्राम रूरीकला में बाशिंदों को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए गांव में एएनएम सेंटर का निर्माण कराया गया था। लेकिन गांव में तैनात की गई एएनएम के प्रतिदिन एएनएम सेंटर में न बैठने से यह भवन वीरान हो गया है। उधर गांव में आवारा घूमने वाले अन्ना जानवरों से निजात पाने के लिए ग्रामीण जानवरों को एएनएम सेंटर में बंद कर बाहर से गेट बंद कर देते हैं। जिससे एएनएम सेंटर गंदगी से पट जाने के कारण एएनएम के बैठने के लायक नहीं रह गया है। ग्राम रूरीकला निवासी संजीव गुप्ता, विमलेंद्र, मनीष गुप्ता, राजू ने बताया कि गांव में तैनात एएनएम इधर उधर बैठकर गर्भवती महिलाआें और बच्चाें का टीकाकरण करती है। टीकाकरण एएनएम सेंटर में न होने से ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालत यह है कि या तो ग्रामीणाें को प्रतिदिन एएनएम का इंतजार करना पड़ रहा है या फिर एएनएम को बुलाकर टीकाकरण कराना पड़ रहा है। जिससे ग्रामीणाें को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
कोट
पूर्व में बनवाए गए तमाम एएनएम सेंटरों का निर्माण गांव से बाहर कराया गया है। जिससे समस्या पैदा हो रही है। फिर भी समस्या के निराकरण के लिए एएनएम सेंटर में एएनएम को बैठने के निर्देश दिए जाएंगे। जिससे ग्रामीणाें को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
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कोट
पूर्व में बनवाए गए तमाम एएनएम सेंटरों का निर्माण गांव से बाहर कराया गया है। जिससे समस्या पैदा हो रही है। फिर भी समस्या के निराकरण के लिए एएनएम सेंटर में एएनएम को बैठने के निर्देश दिए जाएंगे। जिससे ग्रामीणाें को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
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