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Mahoba News: रिमझिम बारिश से खरीफ फसलों को मिली संजीवनी
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महोबा। दो दिन से रुक-रुककर हो रही रिमझिम बारिश महोबा जिले के किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए आसमान से अमृत बरस रहा है। फसलों का उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर पठारी धरती पर इंद्रदेवता मेहरबान हुए हैं। फसलों को इस समय पानी की जरूरत थी।
जिले में खरीफ फसल के दौरान किसान उर्द, मूंग, तिल, मूंगफली आदि की बुआई करते हैं। करीब सवा लाख हेक्टेयर कृषि विभाग भूमि पर आच्छादन किया जाता है। अभी तक 80 फीसदी कृषि भूमि पर खरीफ फसल की बुआई हो चुकी है। एक माह पहले झमाझम बारिश होने के बाद मौसम साफ हो गया था। अधिकांश किसानों ने मौसम साफ होने पर ही फसल की बुआई की है। ऐसे में देरी से बोई गई फसल को पानी की जरूरत थी। दो दिन पहले मानसून सक्रिय हुआ और बारिश का दौर शुरू हुआ। रिमझिम बारिश की बूंदें मूंग, उर्द, तिल आदि फसल के लिए अमृत के रूप में बरस रही हैं। इससे किसानों ने राहत की सांस ली है। बुधवार को पूरे दिन रुक-रुककर बारिश होती रही।
बेलाताल स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि विशेषज्ञ एसपी सोनकर का कहना है कि बारिश खरीफ फसल के लिए अच्छी है लेकिन किसानों को जागरूक रहने की जरूरत है। कहीं-कहीं खेतों में बारिश के चलते जलभराव हो रहा है। ऐसे में किसान खेतों में पानी की निकासी के लिए व्यवस्था करें। ढलान वाली जमीन पर स्थित खेतों में पानी नहीं रुकता। ऐसे में बारिश किसानों के लिए अमृतवर्षा की तरह है।
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जिले में खरीफ फसल के दौरान किसान उर्द, मूंग, तिल, मूंगफली आदि की बुआई करते हैं। करीब सवा लाख हेक्टेयर कृषि विभाग भूमि पर आच्छादन किया जाता है। अभी तक 80 फीसदी कृषि भूमि पर खरीफ फसल की बुआई हो चुकी है। एक माह पहले झमाझम बारिश होने के बाद मौसम साफ हो गया था। अधिकांश किसानों ने मौसम साफ होने पर ही फसल की बुआई की है। ऐसे में देरी से बोई गई फसल को पानी की जरूरत थी। दो दिन पहले मानसून सक्रिय हुआ और बारिश का दौर शुरू हुआ। रिमझिम बारिश की बूंदें मूंग, उर्द, तिल आदि फसल के लिए अमृत के रूप में बरस रही हैं। इससे किसानों ने राहत की सांस ली है। बुधवार को पूरे दिन रुक-रुककर बारिश होती रही।
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बेलाताल स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि विशेषज्ञ एसपी सोनकर का कहना है कि बारिश खरीफ फसल के लिए अच्छी है लेकिन किसानों को जागरूक रहने की जरूरत है। कहीं-कहीं खेतों में बारिश के चलते जलभराव हो रहा है। ऐसे में किसान खेतों में पानी की निकासी के लिए व्यवस्था करें। ढलान वाली जमीन पर स्थित खेतों में पानी नहीं रुकता। ऐसे में बारिश किसानों के लिए अमृतवर्षा की तरह है।
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