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Mahoba News: लबालब होगा कबरई बांध, 25 परिवार गांव छोड़ने को तेयार नहीं

Mon, 24 Aug 2026 12:21 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2026 12:21 AM IST
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Kabarai Dam set to fill to the brim; 25 families unwilling to leave the village.
-पिछले साल 157 मीटर तक भरा था बांध, इस बार 159 मीटर तक भरने की तैयारी
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-गुगौरा गांव 96 फीसदी खाली, झिरसहेवा के ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े
फोटो 23 एमएएचपी 18 परिचय-झिरसहेवा गांव खाली करने के लिए डुग्गी पीटकर मुनादी करता ग्रामीण। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कबरई (महोबा)। कबरई बांध पेयजल परियोजना के तहत डूब क्षेत्र में आ रहे चार गांवों को खाली कराने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से मुनादी कराई जा रही है। पिछले साल बांध को 157 मीटर तक भरा गया था लेकिन इस बार पूरी भंडारण क्षमता के साथ 159 मीटर तक भरा जाना है। ऐसे में डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों के प्रभावित होने का खतरा है लेकिन झिरसहेवा गांव के ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े हैं। यहां के 25 परिवार गांव छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
कबरई बांध के डूब क्षेत्र में अलीपुरा, गंज, गुगौरा व झिरसहेवा गांव आते हैं। मौदहा बांध निर्माण खंड प्रथम महोबा के अधिशासी अभियंता विनय कुमार ने 19 अगस्त को गंज और गुगौरा के ग्राम प्रशासकों को पत्र भेजकर प्रस्तावित जलस्तर की जानकारी दी थी। साथ ही प्रभावित होने वाली आबादी के बीच मुनादी कराकर समय से सूचना देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद रविवार को गांवों में डुग्गी पिटवाई गई है। गुगौरा के अधिकांश ग्रामीण गांव छोड़ने की तैयारी में हैं लेकिन झिरसहेवा के करीब 25 परिवारों ने साफ कर दिया है कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक वह गांव नहीं छोड़ेंगे।
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गंज के ग्राम प्रशासक देवकांत त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2019 में झिरसहेवा के करीब 430 लोगों ने शासन की ओर से निर्धारित मुआवजा लेकर गांव छोड़ दिया था। उस समय एक अप्रैल 2019 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सामान्य व पिछड़ा वर्ग के प्रत्येक वयस्क को 8.20 लाख रुपये और अनुसूचित जाति के वयस्क को 8.70 लाख रुपये विस्थापन राशि निर्धारित की गई थी। 52 लोगों ने चार गुना मुआवजे की मांग करते हुए मुआवजा लेने से इनकार कर दिया था। तबसे अभी तक छह और लोग मुआवजा लेकर गांव छोड़ चुके हैं। अब 46 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने वर्ष 2019 का निर्धारित मुआवजा नहीं लिया। झिरसहेवा निवासी हल्के कुशवाहा, राजाराम, जगदीश, वीरेंद्र, संदीप कुशवाहा आदि ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2019 के बाद गांव में 100 से अधिक लोग वयस्क हो चुके हैं। ऐसे में वर्ष 2026 में मुआवजे का दोबारा निर्धारण कर वर्ष 2019 में तय राशि से चार गुना अधिक मुआवजा दिया जाना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि मांग पूरी होने तक वे गांव छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
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वर्जन
उच्चाधिकारियोंं के निर्देश पर कबरई बांध को पूरी भंडारण क्षमता के साथ भरा जाना है। इसको लेकर डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों में मुनादी कराई जा रही है। गुगौरा गांव 96 प्रतिशत खाली कराया जा चुका है। झिरसहेवा के करीब 25 परिवार अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। -विनय कुमार, अधिशासी अभियंता, मौदहा बांध निर्माण प्रथम, महोबा।
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