{"_id":"604cfed28ebc3ee64d5ddda6","slug":"iread-hadso-ko-rokega-mahoba-news-knp6174441126","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुर्घटनाओं को रोकेगा वेब एप, अफसरों ने किया पूर्वाभ्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुर्घटनाओं को रोकेगा वेब एप, अफसरों ने किया पूर्वाभ्यास
विज्ञापन
महोबा। आईआईटी मद्रास व एनआईसी द्वारा बनाए गए इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस (आईरेड) एप से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। जिले में 15 मार्च से वेब एप लाइव हो जाएगा। इसके लिए प्रत्येक थाने से एक एसआई व दो आरक्षियों को नियुक्त किया गया है। शनिवार को अफसरों ने इसका पूर्वाभ्यास भी किया।
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वेब एप के माध्यम से संरक्षित किए गए आंकड़ों के आधार पर दुर्घटना का कारण तलाश कर उनका समाधान किया जाएगा। दुर्घटना होने पर मोबाइल एप दुर्घटना का स्थान स्वत: पकड़ लेगा और प्रभावित व्यक्ति की जानकारी एकत्र कर इलेक्ट्रानिक माध्यम से परिवहन विभाग, चिकित्सा विभाग, पीडब्ल्यूडी व हाईवे के अधिकारियों के पास पहुंच जाएगी। इसके साथ आगामी समय में दुर्घटना न हो, इसका भी समाधान किया जाएगा। भविष्य में इस एप को बीमा, 108 एंबुलेंस, कोर्ट व ब्लड बैंक के साथ-साथ आयुष्मान कार्ड से भी जोड़ा जाएगा।
शनिवार को कानपुर-सागर हाईवे में वेब एप का पूर्वाभ्यास किया गया। इस दौरान दुर्घटना होने पर कैसे लोकेशन मिली और किन जानकारियों को भरकर भेजना है। इसके तरीके सिखाए गए।
विज्ञापन
पूर्वाभ्यास के दौरान एआरटीओ सुरेश कुमार वर्मा, यातायात प्रभारी अरविंद कुमार मिश्रा, एनआईसी के योगेंद्र सिंह परिहार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वेब एप के माध्यम से संरक्षित किए गए आंकड़ों के आधार पर दुर्घटना का कारण तलाश कर उनका समाधान किया जाएगा। दुर्घटना होने पर मोबाइल एप दुर्घटना का स्थान स्वत: पकड़ लेगा और प्रभावित व्यक्ति की जानकारी एकत्र कर इलेक्ट्रानिक माध्यम से परिवहन विभाग, चिकित्सा विभाग, पीडब्ल्यूडी व हाईवे के अधिकारियों के पास पहुंच जाएगी। इसके साथ आगामी समय में दुर्घटना न हो, इसका भी समाधान किया जाएगा। भविष्य में इस एप को बीमा, 108 एंबुलेंस, कोर्ट व ब्लड बैंक के साथ-साथ आयुष्मान कार्ड से भी जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
शनिवार को कानपुर-सागर हाईवे में वेब एप का पूर्वाभ्यास किया गया। इस दौरान दुर्घटना होने पर कैसे लोकेशन मिली और किन जानकारियों को भरकर भेजना है। इसके तरीके सिखाए गए।
विज्ञापन
पूर्वाभ्यास के दौरान एआरटीओ सुरेश कुमार वर्मा, यातायात प्रभारी अरविंद कुमार मिश्रा, एनआईसी के योगेंद्र सिंह परिहार आदि मौजूद रहे।