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केंद्रीय जांच दल ने परखी भारी बारिश से तबाह हुईं फसलों की हकीकत
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ृषि निदेशक दिल्ली को मूंगफली की खराब फसल दिखाता किसान
- फोटो : MAHOBA
कुलपहाड़/भरवारा। जिले में अतिवर्षा से तबाह हुए बुंदेले किसानों का दर्द जानने व बर्बाद हुई फसलों का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए तीन सदस्यीय केंद्रीय जांच दल रविवार को महोबा पहुंचा। इस दौरान टीम ने तहसील कुलपहाड़ के ग्राम भरवारा, दिदवारा व अतरपठा में खेतों में पहुंच भारी बारिश से तबाह हुई फसलों की हकीकत देखी। केंद्रीय टीम ने माना कि अतिवृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। जांच रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। राजस्व विभाग के सर्वे में कई स्थानों पर 80 फीसदी तक फसल बर्बाद होने की बात कही गई है। बारिश के दौरान भाकियू ने भी 80 प्रतिशत फसल बर्बाद होने की बात कहकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की थी।
प्रदेश में बाढ़ व अतिवृष्टि से 51 जनपद प्रभावित हुए थे। जिसके लिए 842.53 करोड़ का मेमोरंडम भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। बाढ़ व अतिवृष्टि से प्रभावित जिलों व फसलों के स्थलीय निरीक्षण के लिए गृह मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव रमेश कुमार के नेतृत्व में केंद्रीय दल का गठन किया गया। जिसमें कृषि से संबंधित क्षति का विशेष सत्यापन शामिल था। केंद्रीय दल के सदस्यों की दो टीम अलग-अलग जनपदों का भ्रमण कर रहीं हैं। रविवार को कृषि मंत्रालय दिल्ली के निदेशक डॉ. मानसिंह व प्रोजेक्ट डायरेक्टर बलवीर सिंह ने तीन सदस्यीय टीम के साथ ग्राम भरवारा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खेतों में पड़े बर्बाद फसलों के अवशेष देख किसानों से जानकारी ली। इस दौरान रामस्वरूप, नरेश, अमरीश, कमलेश, देवेंद्र, अवधेश, मानसिंह, संतोष, मथुरा प्रसाद, हरिश्चंद्र आदि ने बताया कि उर्द-मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों ने खेतों में उखड़ रही मूंगफली की फसल भी दिखाई। इस दौरान एसडीएम कुलपहाड़ मोहम्मद उवैस, तहसीलदार सुबोधमणि शर्मा, ग्राम प्रधान हीरालाल राजपूत, लेखपाल रामबाबू राजपूत समेत तमाम किसान मौजूद रहे।
इसके बाद केंद्रीय जांच दल तहसील क्षेत्र के ग्राम अतरपठा पहुंचा। जहां किसानों के खेतों में जाकर फसलों की क्षतिपूर्ति का सर्वे किया। इसके पहले उन्होंने गांव के किसानों को एकत्र करके उनसे रूबरू हुए। टीम ने मौके पर उर्द, तिल की फसल के दाने भी देखे, जो पूरी तरह से सड़ चुके थे। गांव के किसान रामचरण, सुंदरलाल व जगदीश त्रिपाठी समेत दर्जनों किसानों से केंद्रीय जांच टीम ने फसलों के बारे में पूछताछ की। किसानों ने बताया कि उर्द, मूंग व तिल की फसल जब पकने को तैयार हो रही थी तभी लगातार रुक-रुककर बारिश होने से फसलें खेतों में ही सड़ गईं। टीम ने किसान जगदीश प्रसाद के खेत का स्थलीय निरीक्षण किया। केंद्रीय टीम के साथ अपर जिला अधिकारी रामसुरेश वर्मा के अलावा तहसीलदार व राजस्व निरीक्षण शामिल रहे। केंद्रीय टीम ने ग्राम दिदवारा में भी स्थलीय निरीक्षण कर खराब फसलों की हकीकत परखी। उन्होंने किसानों को राहत मिलने का भरोसा दिया। बताया कि वह अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार देंगे।
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प्रदेश में बाढ़ व अतिवृष्टि से 51 जनपद प्रभावित हुए थे। जिसके लिए 842.53 करोड़ का मेमोरंडम भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। बाढ़ व अतिवृष्टि से प्रभावित जिलों व फसलों के स्थलीय निरीक्षण के लिए गृह मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव रमेश कुमार के नेतृत्व में केंद्रीय दल का गठन किया गया। जिसमें कृषि से संबंधित क्षति का विशेष सत्यापन शामिल था। केंद्रीय दल के सदस्यों की दो टीम अलग-अलग जनपदों का भ्रमण कर रहीं हैं। रविवार को कृषि मंत्रालय दिल्ली के निदेशक डॉ. मानसिंह व प्रोजेक्ट डायरेक्टर बलवीर सिंह ने तीन सदस्यीय टीम के साथ ग्राम भरवारा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खेतों में पड़े बर्बाद फसलों के अवशेष देख किसानों से जानकारी ली। इस दौरान रामस्वरूप, नरेश, अमरीश, कमलेश, देवेंद्र, अवधेश, मानसिंह, संतोष, मथुरा प्रसाद, हरिश्चंद्र आदि ने बताया कि उर्द-मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों ने खेतों में उखड़ रही मूंगफली की फसल भी दिखाई। इस दौरान एसडीएम कुलपहाड़ मोहम्मद उवैस, तहसीलदार सुबोधमणि शर्मा, ग्राम प्रधान हीरालाल राजपूत, लेखपाल रामबाबू राजपूत समेत तमाम किसान मौजूद रहे।
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इसके बाद केंद्रीय जांच दल तहसील क्षेत्र के ग्राम अतरपठा पहुंचा। जहां किसानों के खेतों में जाकर फसलों की क्षतिपूर्ति का सर्वे किया। इसके पहले उन्होंने गांव के किसानों को एकत्र करके उनसे रूबरू हुए। टीम ने मौके पर उर्द, तिल की फसल के दाने भी देखे, जो पूरी तरह से सड़ चुके थे। गांव के किसान रामचरण, सुंदरलाल व जगदीश त्रिपाठी समेत दर्जनों किसानों से केंद्रीय जांच टीम ने फसलों के बारे में पूछताछ की। किसानों ने बताया कि उर्द, मूंग व तिल की फसल जब पकने को तैयार हो रही थी तभी लगातार रुक-रुककर बारिश होने से फसलें खेतों में ही सड़ गईं। टीम ने किसान जगदीश प्रसाद के खेत का स्थलीय निरीक्षण किया। केंद्रीय टीम के साथ अपर जिला अधिकारी रामसुरेश वर्मा के अलावा तहसीलदार व राजस्व निरीक्षण शामिल रहे। केंद्रीय टीम ने ग्राम दिदवारा में भी स्थलीय निरीक्षण कर खराब फसलों की हकीकत परखी। उन्होंने किसानों को राहत मिलने का भरोसा दिया। बताया कि वह अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार देंगे।
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