{"_id":"688d0ce2c936d075d402781a","slug":"increase-in-patients-suffering-from-itching-burning-and-stinging-sensation-in-eyes-due-to-humidity-mahoba-news-c-225-1-sknp1044-116706-2025-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: उमस से आंखों में खुजली, जलन और चुभन के बढ़े मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: उमस से आंखों में खुजली, जलन और चुभन के बढ़े मरीज
Sat, 02 Aug 2025 12:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 02 Aug 2025 12:22 AM IST
विज्ञापन
महोबा। वातावरण में उमस से आंखों में संक्रमण बढ़ रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में आंखों में जलन, खुजली व चुभन से प्रभावित 10 मरीज पहुंचे। डॉक्टर ने जांच के बाद दवा देकर बेहद सावधानी बरतने की सलाह की है।
जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों की भीड़ जुटी। ओपीडी में 900 से अधिक मरीजों ने उपचार कराया। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आदेश कुमार सक्सेना ने बताया कि प्रतिदिन 10 से 12 मरीज इस समस्या से पीड़ित आ रहे हैं। इससे प्रभावित मरीजों की आंख में पर्याप्त आंसू नहीं बनते या तेजी से वाष्पित हो जाते हैं। सूखेपन के कारण आंख में जलन, चुभन, खुजली जैसी समस्या होती है। आंख लाल होने और आंखों में थकान आदि के लक्षण दिखने लगते हैं। समय पर सही इलाज से समस्या दूर हो जाती है।
-- -- -- -- --
ऐसे करें बचाव
-डिजिटल स्क्रीन जैसे मोबाइल, टीवी, लैपटॉप इत्यादि का उपयोग तत्काल बंद करें।
-यदि जरूरत हो तो आंख से स्क्रीन को पर्याप्त दूरी पर रखें।
-दृष्टि जमाकर कार्य करने से बचें।
-आंख की पुतलियों को आयताकार व वृत्ताकार में घुमाने का व्यायाम दिन में एक से दो बार जरूर करें।
-समस्या होने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श के बाद ही आई ड्रॉप का उपयोग करें।
विज्ञापन
जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों की भीड़ जुटी। ओपीडी में 900 से अधिक मरीजों ने उपचार कराया। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आदेश कुमार सक्सेना ने बताया कि प्रतिदिन 10 से 12 मरीज इस समस्या से पीड़ित आ रहे हैं। इससे प्रभावित मरीजों की आंख में पर्याप्त आंसू नहीं बनते या तेजी से वाष्पित हो जाते हैं। सूखेपन के कारण आंख में जलन, चुभन, खुजली जैसी समस्या होती है। आंख लाल होने और आंखों में थकान आदि के लक्षण दिखने लगते हैं। समय पर सही इलाज से समस्या दूर हो जाती है।
विज्ञापन
ऐसे करें बचाव
-डिजिटल स्क्रीन जैसे मोबाइल, टीवी, लैपटॉप इत्यादि का उपयोग तत्काल बंद करें।
-यदि जरूरत हो तो आंख से स्क्रीन को पर्याप्त दूरी पर रखें।
-दृष्टि जमाकर कार्य करने से बचें।
-आंख की पुतलियों को आयताकार व वृत्ताकार में घुमाने का व्यायाम दिन में एक से दो बार जरूर करें।
-समस्या होने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श के बाद ही आई ड्रॉप का उपयोग करें।