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Mahoba News: उच्चस्तरीय जांच हुई तो कई राजस्वकर्मी भी नपेंगे

Sun, 21 Dec 2025 11:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा Updated Sun, 21 Dec 2025 11:48 PM IST
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If a high-level investigation is conducted, several revenue department officials will also face consequences.
महोबा। जिले में हुए फसल बीमा घोटाले का मामला केंद्रीय कृषि मंत्रालय तक पहुंचने से अब घोटाले से जुड़े सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। मामले से जुड़े राजस्व विभाग के कर्मचारियों, बीमा कंपनी के अधिकारियाें-कर्मचारियों और सीएससी संचालकों को अब विस्तृत जांच और बड़ी कार्रवाई का डर सताने लगा है।
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जिले में वर्ष 2024 में खरीफ की फसल का बीमा कराते फर्जी तरीके से भारी भरकम क्लेम लिया गया। करीब 40 करोड़ रुपये के इस घोटाले का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने एफआईआर दर्ज करानी शुरू कीं और बीमा कंपनी के प्रबंधक, सीएससी संचालकों और कुछ दलालों को पुलिस ने पकड़कर जेल भेजा लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के सूत्रधार और अपने बैंक खातों में भारी-भरकम क्लेम लेने वाले अधिकांश लोग अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। उन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं दिख रही है। इन पर कार्रवाई की मांग को लेकर जय जवान, जय किसान यूनियन का सदर तहसील में 123 दिन से धरना चल रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के इस बीमा घोटाले की जानकारी तलब किए जाने से अब धरने पर बैठे किसानों को उम्मीद जगी है कि जिलेभर के किसानों को न्याय मिलेगा और फर्जीवाड़ा करने वाले पकड़े जाएंगे।
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संगठन के जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह का आरोप है कि राजस्वकर्मियों की मिलीभगत के बिना फर्जीवाड़ा संभव नहीं है। राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए थी लेकिन जिला प्रशासन ने अब तक जिन लोगों पर भी कार्रवाई की है, उसमें कोई भी सरकारी कर्मचारी का नाम शामिल नहीं है और न ही फर्जीवाड़ा करके भारी-भरकम क्लेम लेने वाले लोग पकड़े गए हैं। पुलिस ने केवल कुछ दलालों, बीमा कंपनी के अधिकारी पर ही कार्रवाई की है लेकिन केंद्रीय कृषि मंत्रालय यदि जांच कराएगा तो राजस्वकर्मियों की गर्दन भी फंसेगी। इसलिए कई स्तर पर मामले को दबाने के प्रयास भी हो रहे हैं।
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