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अनशनकारी दंपती की बिगड़ी हालत, अस्पताल में भर्ती
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अस्पताल में भर्ती अनशनकारी दिव्यांग भूषण।
- फोटो : MAHOBA
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महोबा। फर्जी तरीके से दिव्यांग की भूमि बेच देने और शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने से 13 दिन से तहसील परिसर में आमरण अनशन पर बैठे दंपती की सोमवार को हालत बिगड़ गई। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज कराने से मनाकर महिला बेड से उठकर चली गई। उसे समझा-बुझाकर उपचार किया गया।
गौरतलब है कि सदर तहसील परिसर में दिव्यांग भूषण, उसकी पत्नी दयावती व बच्चे सूरज और रामसखी 19 अप्रैल से आमरण अनशन पर बैठे हैं। पीड़ित ने बताया कि उनके बाबा ने संतान न होने पर मकान व जमीन उसके नाम कर दी थी।
आरोप है कि एक महिला ने फर्जी तरीके से अभिलेख तैयार कराकर उसकी भूमि बेच दी। अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन न्याय नहीं मिला। इसके बाद आमरण अनशन के लिए मजबूर होना पड़ा।
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सोमवार को दिव्यांग भूषण व उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई। इससे प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। आनन-फानन दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां दयावती ने उपचार कराने से मनाकर दिया और न्याय न मिलने तक अनशन जारी रखने की बात कही।
हालांकि बाद में स्वास्थ्यकर्मियों के समझाने पर उपचार शुरु किया गया। पीड़ित दंपती का कहना है कि यदि उनकी भूमि वापस नहीं कराई गई तो वह दोबारा अनशन स्थल पर बैठ जाएंगे।
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गौरतलब है कि सदर तहसील परिसर में दिव्यांग भूषण, उसकी पत्नी दयावती व बच्चे सूरज और रामसखी 19 अप्रैल से आमरण अनशन पर बैठे हैं। पीड़ित ने बताया कि उनके बाबा ने संतान न होने पर मकान व जमीन उसके नाम कर दी थी।
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आरोप है कि एक महिला ने फर्जी तरीके से अभिलेख तैयार कराकर उसकी भूमि बेच दी। अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन न्याय नहीं मिला। इसके बाद आमरण अनशन के लिए मजबूर होना पड़ा।
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सोमवार को दिव्यांग भूषण व उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई। इससे प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। आनन-फानन दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां दयावती ने उपचार कराने से मनाकर दिया और न्याय न मिलने तक अनशन जारी रखने की बात कही।
हालांकि बाद में स्वास्थ्यकर्मियों के समझाने पर उपचार शुरु किया गया। पीड़ित दंपती का कहना है कि यदि उनकी भूमि वापस नहीं कराई गई तो वह दोबारा अनशन स्थल पर बैठ जाएंगे।