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बर्बाद फसल और कर्ज से परेशान किसान ने लगाई आग
अमर उजाला ब्यूरो महोबा
Updated Thu, 16 Apr 2015 11:51 PM IST
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थाना क्षेत्र के ग्राम खरका में फसल बर्बाद होने और बैंक के कर्ज से परेशान एक किसान ने खुद को आग के हवाले कर दिया। मौके पर पहुंचे परिजनों ने आग बुझाकर किसान को जिला अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन किसान की नाजुक हालत देख डाक्टरों ने किसान को मेडिकल कालेज झांसी रेफर कर दिया।
ग्राम खरका निवासी गनेशा रैक्वार 55 पुत्र छन्नू ने खादी ग्रामोद्योग से 6.78 लाख और भूमि विकास बैंक से 2.93 लाख रुपये कर्ज लिया था। किसान के पास 22 बीघा जमीन थी। जिस पर उसने दलहनी और गेहूं की फसल की बुवाई की थी। फरवरी, मार्च में हुई ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से 90 प्रतिशत दलहनी फसल बर्बाद हो गई थी। जबकि गेहूं की फसल भी 60 फीसदी तक बर्बाद हुई थी, लेकिन अप्रैल माह में हुई मूसलाधार बारिश ने रही सही कसर पूरी कर दी। खेत खलिहानाें में कटी कटाई रखी फसल बारिश का पानी भर जाने से सड़ गई।
दलहनी और गेहूं की फसल बर्बाद होने किसान कर्ज अदायगी न हो पाने से परेशान था। कर्ज की चिंता और परिवार के भरण पोषण को लेकर परेशान किसान गनेशा ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। किसान की चीख पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़ पड़े और आनन-फानन में उसकी आग बुझाकर उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन उसकी हालत नाजुक होने पर चिकित्सकाें ने उसे मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। उधर उप जिलाधिकारी सदर प्रबुद्ध सिंह ने मौके पर पहुंचकर आग लगाने वाले किसान के मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा सकता है।
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ग्राम खरका निवासी गनेशा रैक्वार 55 पुत्र छन्नू ने खादी ग्रामोद्योग से 6.78 लाख और भूमि विकास बैंक से 2.93 लाख रुपये कर्ज लिया था। किसान के पास 22 बीघा जमीन थी। जिस पर उसने दलहनी और गेहूं की फसल की बुवाई की थी। फरवरी, मार्च में हुई ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से 90 प्रतिशत दलहनी फसल बर्बाद हो गई थी। जबकि गेहूं की फसल भी 60 फीसदी तक बर्बाद हुई थी, लेकिन अप्रैल माह में हुई मूसलाधार बारिश ने रही सही कसर पूरी कर दी। खेत खलिहानाें में कटी कटाई रखी फसल बारिश का पानी भर जाने से सड़ गई।
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दलहनी और गेहूं की फसल बर्बाद होने किसान कर्ज अदायगी न हो पाने से परेशान था। कर्ज की चिंता और परिवार के भरण पोषण को लेकर परेशान किसान गनेशा ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। किसान की चीख पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़ पड़े और आनन-फानन में उसकी आग बुझाकर उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन उसकी हालत नाजुक होने पर चिकित्सकाें ने उसे मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। उधर उप जिलाधिकारी सदर प्रबुद्ध सिंह ने मौके पर पहुंचकर आग लगाने वाले किसान के मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा सकता है।
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