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फिल्म और सिनेमा समाज का दर्पण: असरानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। खजुराहो में चल रहे फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे सिनेजगत के प्रसिद्ध अभिनेता असरानी ने टपरा टॉकीज का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने फिल्म शोले की शूटिंग की यादें ताजा की। शोले फिल्म में असरानी ने जेलर का किरदार निभाया था। असरानी का अंग्रेजों के जमाने के जेलर वाला शोले फिल्म का डायलॉग दर्शकों की जुबां पर आ गया।
टपरा टॉकीज के शुभारंभ के दौरान असरानी के साथ विजय कश्यप, रेखा खान, सुरेश शर्मा, मैरियाने बॉर्गो व फिल्म निर्माता सूरज रैना भी मौजूद रहे।असरानी ने बताया कि यह उनका खजुराहो में पहला फिल्म फेस्टिवल का अनुभव है। उन्होंने कहा कि फिल्म और सिनेमा समाज का दर्पण है। समाज की वास्तविकता ही फिल्मों में दिखाई जाती है। आजकल की फिल्मों में परिहास नहीं है। इस दौर में जिंदगी ही परिहास बन गई है। उन्होंने अपने अनुभव भी साझा किए।
अलाप फिल्म में गाये हुए गाने के बारे में बताया। इस फिल्म में उन्होंने तांगेवाले का किरदार निभाते हुए गाना भी गाया था। यह गाना उस समय किशोर कुमार को गाना था, लेकिन किसी कारणवश उनकी गैर मौजूदगी में असरानी को गाना गाने का अवसर मिला। इस फिल्म में मुख्य किरदार अमिताभ बच्चन व रेखा ने निभाया था। फिल्म रिलीज हुई तो उनके गाने भी हिट हो गए। बताया कि वर्ष 1963 में जब उन्होंने फिल्म इंस्टिट्यूट ज्वाइन किया था। उस समय दो घंटे योग करना अनिवार्य था। वह अभी भी नियमित योग करते हैं, जिससे शरीर ऊर्जावान रहता है।
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इसके बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अभिनेता विजय कश्यप ने कहा कि खजुराहो में सिनेमाहॉल नहीं है। इस पर सरकार को ध्यान को संज्ञान लेना चाहिए। फिल्म फेस्टिवल के लिए थिएटर होना आवश्यक है। इस पर भी ध्यान देना चाहिए। खजुराहो के लिए मुंबई से सीधी फ्लाइट होना चाहिए। उन्होंने फिल्म को एक सामाजिक विधा बताया।
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महोबा। खजुराहो में चल रहे फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे सिनेजगत के प्रसिद्ध अभिनेता असरानी ने टपरा टॉकीज का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने फिल्म शोले की शूटिंग की यादें ताजा की। शोले फिल्म में असरानी ने जेलर का किरदार निभाया था। असरानी का अंग्रेजों के जमाने के जेलर वाला शोले फिल्म का डायलॉग दर्शकों की जुबां पर आ गया।
टपरा टॉकीज के शुभारंभ के दौरान असरानी के साथ विजय कश्यप, रेखा खान, सुरेश शर्मा, मैरियाने बॉर्गो व फिल्म निर्माता सूरज रैना भी मौजूद रहे।असरानी ने बताया कि यह उनका खजुराहो में पहला फिल्म फेस्टिवल का अनुभव है। उन्होंने कहा कि फिल्म और सिनेमा समाज का दर्पण है। समाज की वास्तविकता ही फिल्मों में दिखाई जाती है। आजकल की फिल्मों में परिहास नहीं है। इस दौर में जिंदगी ही परिहास बन गई है। उन्होंने अपने अनुभव भी साझा किए।
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अलाप फिल्म में गाये हुए गाने के बारे में बताया। इस फिल्म में उन्होंने तांगेवाले का किरदार निभाते हुए गाना भी गाया था। यह गाना उस समय किशोर कुमार को गाना था, लेकिन किसी कारणवश उनकी गैर मौजूदगी में असरानी को गाना गाने का अवसर मिला। इस फिल्म में मुख्य किरदार अमिताभ बच्चन व रेखा ने निभाया था। फिल्म रिलीज हुई तो उनके गाने भी हिट हो गए। बताया कि वर्ष 1963 में जब उन्होंने फिल्म इंस्टिट्यूट ज्वाइन किया था। उस समय दो घंटे योग करना अनिवार्य था। वह अभी भी नियमित योग करते हैं, जिससे शरीर ऊर्जावान रहता है।
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इसके बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अभिनेता विजय कश्यप ने कहा कि खजुराहो में सिनेमाहॉल नहीं है। इस पर सरकार को ध्यान को संज्ञान लेना चाहिए। फिल्म फेस्टिवल के लिए थिएटर होना आवश्यक है। इस पर भी ध्यान देना चाहिए। खजुराहो के लिए मुंबई से सीधी फ्लाइट होना चाहिए। उन्होंने फिल्म को एक सामाजिक विधा बताया।