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Mahoba News: समितियों में पहुंची खाद, फिर भी किसान लौटे खाली हाथ
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महोबा/खन्ना/श्रीनगर। रबी सीजन की तैयारी में जुटे किसानों के लिए खाद की समस्या खत्म होने का नाम ले रही है। समितियों में खाद पहुंचने के बाद भी किसान खाली हाथ हैं। सोमवार को विभिन्न समितियों में खाद लेने के लिए पहुंचे किसान घंटों लाइन में लगे रहे लेकिन उन्हें बाद में निराश होकर लौटना पड़ा। खाद के अभाव कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है।
केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के निर्देश पर जनपद महोबा में डीएपी खाद की एक रैक भेजी गई है। इस रैक में 3,183 मीट्रिक टन डीएपी खाद है। इसमें महोबा को 1,183 मीट्रिक टन व हमीरपुर को दो हजार मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराई गई। यह खाद सीधे समितियों में पहुंची। इसके बाद भी किसानों को जरूरत के अनुसार पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है। तमाम किसान महानवमी पर्व होने के बाद भी दिनभर लाइन में लगे रहे लेकिन शाम को उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
खन्ना संवाद के अनुसार ब्लॉक कबरई के खन्ना क्षेत्र में तीन सहकारी समितियां हैं। इसमें सिरसीकला समिति और ग्योड़ी समिति में ताला पड़ा रहा। वहीं चिचारा सहकारी समिति में सोमवार को 500 बोरी डीएपी खाद उपलब्ध थी। जिन किसानों की पहले से फॉर्मर रजिस्ट्री जमा थी, उन्हें खाद मुहैया हो सकी जबकि अन्य किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। सूचना पर पहुंचे नायाब तहसीलदार बृजेश कुमार व हल्का लेखपाल सुशील कुमार ने किसानों से वार्ता की और नियमानुसार खाद वितरण का भरोसा दिलाया। उधर समिति के सचिव महेंद्र सिंह ने बताया कि 500 बोरी खाद में जितने किसानों के कागजात पहले से जमा थे, उन्हें नियमानुसार खाद वितरण किया गया। छूटे किसानों को भी खाद मुहैया कराई जाएगी।
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खाद वितरण के लिए पुलिस की ड्यूटी लगाई गई
श्रीनगर संवाद के अनुसार एक सप्ताह बाद समितियों में डीएपी पहुंचने पर किसानों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई। इससे काफी देर तक अफरा-तफरी की माहौल रहा। व्यवस्थित तरीके से खाद वितरण के लिए पुलिस की ड्यूटी लगाई गई। इसके बाद खाद का वितरण हो सका। श्रीनगर क्षेत्र में साधन सहकारी समिति सिजहरी व बी-पैक्स श्रीनगर में पीसीएफ की ओर से एक-एक हजार बोरियां भेजी गईं। जैसे ही खाद की सूचना किसानों को मिली तो समितियों में भारी भीड़ एकत्रित हो गई। सिजहरी समिति के सचिव अच्छेलाल सेन ने बताया कि 500 बोरी डीएपी किसानों को नकद वितरण किया गया। शेष बची खाद को किसान सदस्यों को वितरण किया जा रहा है।
फोटो 19 एमएएचपी 15 परिचय-मकबूल।
शाम तक नहीं मिल सकी खाद
खन्ना गांव निवासी किसान मकबूल ने बताया कि समिति के कई बार चक्कर लगाने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। खाद आने की सूचना पर वह समिति पहुंचे लेकिन शाम तक एक बोरी खाद भी नसीब नहीं हुई।
फोटो 19 एमएएचपी 16 परिचय-रामकिशुन शुक्ला।
खन्ना निवासी किसान रामकिशुन शुक्ला ने बताया कि 20 बोरी खाद की जरूरत है। समिति के चक्कर लगाने के बाद अभी सिर्फ नौ बोरी खाद मुहैया हो सकी। पता नहीं उन्हें कितने दिन और लाइन में लगना पड़ेगा।
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केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के निर्देश पर जनपद महोबा में डीएपी खाद की एक रैक भेजी गई है। इस रैक में 3,183 मीट्रिक टन डीएपी खाद है। इसमें महोबा को 1,183 मीट्रिक टन व हमीरपुर को दो हजार मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराई गई। यह खाद सीधे समितियों में पहुंची। इसके बाद भी किसानों को जरूरत के अनुसार पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है। तमाम किसान महानवमी पर्व होने के बाद भी दिनभर लाइन में लगे रहे लेकिन शाम को उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
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खन्ना संवाद के अनुसार ब्लॉक कबरई के खन्ना क्षेत्र में तीन सहकारी समितियां हैं। इसमें सिरसीकला समिति और ग्योड़ी समिति में ताला पड़ा रहा। वहीं चिचारा सहकारी समिति में सोमवार को 500 बोरी डीएपी खाद उपलब्ध थी। जिन किसानों की पहले से फॉर्मर रजिस्ट्री जमा थी, उन्हें खाद मुहैया हो सकी जबकि अन्य किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। सूचना पर पहुंचे नायाब तहसीलदार बृजेश कुमार व हल्का लेखपाल सुशील कुमार ने किसानों से वार्ता की और नियमानुसार खाद वितरण का भरोसा दिलाया। उधर समिति के सचिव महेंद्र सिंह ने बताया कि 500 बोरी खाद में जितने किसानों के कागजात पहले से जमा थे, उन्हें नियमानुसार खाद वितरण किया गया। छूटे किसानों को भी खाद मुहैया कराई जाएगी।
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खाद वितरण के लिए पुलिस की ड्यूटी लगाई गई
श्रीनगर संवाद के अनुसार एक सप्ताह बाद समितियों में डीएपी पहुंचने पर किसानों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई। इससे काफी देर तक अफरा-तफरी की माहौल रहा। व्यवस्थित तरीके से खाद वितरण के लिए पुलिस की ड्यूटी लगाई गई। इसके बाद खाद का वितरण हो सका। श्रीनगर क्षेत्र में साधन सहकारी समिति सिजहरी व बी-पैक्स श्रीनगर में पीसीएफ की ओर से एक-एक हजार बोरियां भेजी गईं। जैसे ही खाद की सूचना किसानों को मिली तो समितियों में भारी भीड़ एकत्रित हो गई। सिजहरी समिति के सचिव अच्छेलाल सेन ने बताया कि 500 बोरी डीएपी किसानों को नकद वितरण किया गया। शेष बची खाद को किसान सदस्यों को वितरण किया जा रहा है।
फोटो 19 एमएएचपी 15 परिचय-मकबूल।
शाम तक नहीं मिल सकी खाद
खन्ना गांव निवासी किसान मकबूल ने बताया कि समिति के कई बार चक्कर लगाने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। खाद आने की सूचना पर वह समिति पहुंचे लेकिन शाम तक एक बोरी खाद भी नसीब नहीं हुई।
फोटो 19 एमएएचपी 16 परिचय-रामकिशुन शुक्ला।
खन्ना निवासी किसान रामकिशुन शुक्ला ने बताया कि 20 बोरी खाद की जरूरत है। समिति के चक्कर लगाने के बाद अभी सिर्फ नौ बोरी खाद मुहैया हो सकी। पता नहीं उन्हें कितने दिन और लाइन में लगना पड़ेगा।