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पर्यावरण प्रदूषण से बुंदेलखंड में बढ़ी आपदाएं
अमर उजाला ब्यूरो महोबा
Updated Tue, 02 Jun 2015 11:05 PM IST
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महोबा। हमीरपुर, महोबा के जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह यादव ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण के चलते बुंदेलखंड में प्राकृतिक आपदाएं बढ़ी हैं। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने वृक्षारोपण पर जोर देते हुए सभी से वृक्ष लगाने का आहवान किया।
सहकारी बैंक के अध्यक्ष मंगलवार को तुलसी गेस्ट हाउस में आयोजित हिन्दी पत्रकारिता दिवस समारोह एवं वार्षिक सम्मेलन के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बदलते वक्त के साथ पत्रकारिता भी बदल गई है। दो दशक पहले जिले में न तो अखबारों के कार्यालय होते थे और न ही उनके बैठने का कोई इंतजाम होता था, इसके बाद भी पत्रकार सारा दिन मेहनत करके खबरें कानपुर और लखनऊ भेजकर आम पाठक तक पहुंचाते थे। जिला पंचायत अध्यक्ष अंशू शिवहरे ने कहा कि पत्रकारिता अब जोखिम भरा व्यवसाय हो गया है। बदलते वक्त के साथ पत्रकारों की इमेज बनी और साथ ही उनका सम्मान भी बढ़ा है। यही वजह है कि लोग इस पेशे को पसंद करते हैं। पुलिस अधीक्षक केके गहलौत ने कहा कि पत्रकारिता एक अच्छा पेशा है, पत्रकारों ने अपनी कलम से बड़े-बड़े घोटाले उजागर कर दिए हैं, लेकिन इस पेशे को व्यवसाय न बनाएं । अपर पुलिस अधीक्षक डा. रामयश ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होता है। इस मौके पर वरिष्ठ साहित्यकार रामबाबू सोनी, अरविंद चतुर्वेदी, दाऊ तिवारी, प्रो. एलसी अनुरागी, पूर्व प्रधानाचार्य शिवकुमार गोस्वामी, रमेश जैदका सहित तमाम व्यक्ताओं ने विचार व्यक्त किया। इस मौके पर चार पत्रकारों को स्मृति चिन्ह व शाल भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन एचके पोतदार ने किया।
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सहकारी बैंक के अध्यक्ष मंगलवार को तुलसी गेस्ट हाउस में आयोजित हिन्दी पत्रकारिता दिवस समारोह एवं वार्षिक सम्मेलन के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बदलते वक्त के साथ पत्रकारिता भी बदल गई है। दो दशक पहले जिले में न तो अखबारों के कार्यालय होते थे और न ही उनके बैठने का कोई इंतजाम होता था, इसके बाद भी पत्रकार सारा दिन मेहनत करके खबरें कानपुर और लखनऊ भेजकर आम पाठक तक पहुंचाते थे। जिला पंचायत अध्यक्ष अंशू शिवहरे ने कहा कि पत्रकारिता अब जोखिम भरा व्यवसाय हो गया है। बदलते वक्त के साथ पत्रकारों की इमेज बनी और साथ ही उनका सम्मान भी बढ़ा है। यही वजह है कि लोग इस पेशे को पसंद करते हैं। पुलिस अधीक्षक केके गहलौत ने कहा कि पत्रकारिता एक अच्छा पेशा है, पत्रकारों ने अपनी कलम से बड़े-बड़े घोटाले उजागर कर दिए हैं, लेकिन इस पेशे को व्यवसाय न बनाएं । अपर पुलिस अधीक्षक डा. रामयश ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होता है। इस मौके पर वरिष्ठ साहित्यकार रामबाबू सोनी, अरविंद चतुर्वेदी, दाऊ तिवारी, प्रो. एलसी अनुरागी, पूर्व प्रधानाचार्य शिवकुमार गोस्वामी, रमेश जैदका सहित तमाम व्यक्ताओं ने विचार व्यक्त किया। इस मौके पर चार पत्रकारों को स्मृति चिन्ह व शाल भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन एचके पोतदार ने किया।
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