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नई शिक्षा नीति राष्ट्र के विकास में सहायक
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शोधपत्रों का विमोचन करते अतिथि।
- फोटो : MAHOBA
महोबा। वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय में गुरुवार को नई शिक्षा नीति पर राष्ट्रीय सेमिनार हुआ। मुख्य अतिथि डिग्री कॉलेज चरखारी के प्राचार्य डॉ. चंद्र कुमार चौरसिया ने कहा कि नई शिक्षा नीति राष्ट्र के विकास में सहायक है। किसी भी देश के निर्माण का आधार शिक्षा प्रणाली होती है और भविष्य निर्माताओं का निर्माण करती है।
डिग्री कॉलेज पिपरहरी के प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति बुनियाद की मजबूती पर केंद्रित है। इसमें शिक्षा का विविध स्तर पर वर्गीकरण किया गया है, जो जितना पढ़ेगा उतना उसे मिलेगा। विशिष्ट अतिथि उज्जैन से पधारे स्वामी रामस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि जब तक हमें हमारे अतीत का गौरव नहीं पढ़ाया जाता तब तक हम भविष्य का निर्माण नहीं कर सकते हैं। इस शिक्षा नीति में अतीत के गौरव को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर यह कमी दूर होगी और भारत विश्वगुरु के पद पर आसीन हो सकेगा।
दो दिवसीय सेमिनार के पहले दिन शोधार्थियों के शोधपत्रों का वाचन किया गया। इसके बाद अतिथियों ने शोध पत्रों की स्मारिका का विमोचन किया। इस मौके पर महाविद्यालय के प्राचार्य सुशील बाबू, आयोजक डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. बृजेश सिंह, डॉ. संतोष पांडे के अलावा महोबा, जैतपुर, कुलपहाड़ महाविद्यालयों के प्राचार्य व प्रवक्ताओं ने हिस्सा लिया।
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डिग्री कॉलेज पिपरहरी के प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति बुनियाद की मजबूती पर केंद्रित है। इसमें शिक्षा का विविध स्तर पर वर्गीकरण किया गया है, जो जितना पढ़ेगा उतना उसे मिलेगा। विशिष्ट अतिथि उज्जैन से पधारे स्वामी रामस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि जब तक हमें हमारे अतीत का गौरव नहीं पढ़ाया जाता तब तक हम भविष्य का निर्माण नहीं कर सकते हैं। इस शिक्षा नीति में अतीत के गौरव को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर यह कमी दूर होगी और भारत विश्वगुरु के पद पर आसीन हो सकेगा।
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दो दिवसीय सेमिनार के पहले दिन शोधार्थियों के शोधपत्रों का वाचन किया गया। इसके बाद अतिथियों ने शोध पत्रों की स्मारिका का विमोचन किया। इस मौके पर महाविद्यालय के प्राचार्य सुशील बाबू, आयोजक डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. बृजेश सिंह, डॉ. संतोष पांडे के अलावा महोबा, जैतपुर, कुलपहाड़ महाविद्यालयों के प्राचार्य व प्रवक्ताओं ने हिस्सा लिया।
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