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किस पर हो विश्वास हितैषी किसको माने......
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महोबा। सार्वजनिक सेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलवीर कुमार वैश्य के संयोजन में कोरोना महामारी से निपटने को लेकर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें कवियों ने रचनाएं पेश की।
कवि प्रमोद सक्सेना ने वर्तमान विसंगति पर रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि किस पर हो विश्वास हितैषी किसको माने, जो दुख में दे साथ हितैषी उसे अपना माने।
शहर के एक पैलेस में आयोजित काव्य गोष्ठी की शुरुआत मुख्य अतिथि संतोष द्विवेदी ने वाणी वंदना के साथ की। कवि हरिश्चंद्र वर्मा हरीश ने रचना कवि और साहित्यकार रोशनी फैलाते हैं जैसे हो चांद सलोना, इनसे रोशन हो जाते हैं सारे जहां का कोना सुनाई।
हरनारायण शर्मा पारस ने देश की गरीबी का चित्रण किया। इसके अलावा बृजगोपाल शर्मा, सुशील शर्मा, संतोष प्रजापति, रामप्रकाश शुक्ल, लखनलाल चौरसिया ने भी रचनाएं सुनाईं।
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इस मौके पर रवि साहू, माधव खरे, शिवकुमार सोनी आदि मौजूद रहे। व्यापारी रामजी गुप्ता के जन्मदिवस पर व्यापारियों ने पौधरोपण कर बधाई दी।
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कवि प्रमोद सक्सेना ने वर्तमान विसंगति पर रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि किस पर हो विश्वास हितैषी किसको माने, जो दुख में दे साथ हितैषी उसे अपना माने।
शहर के एक पैलेस में आयोजित काव्य गोष्ठी की शुरुआत मुख्य अतिथि संतोष द्विवेदी ने वाणी वंदना के साथ की। कवि हरिश्चंद्र वर्मा हरीश ने रचना कवि और साहित्यकार रोशनी फैलाते हैं जैसे हो चांद सलोना, इनसे रोशन हो जाते हैं सारे जहां का कोना सुनाई।
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हरनारायण शर्मा पारस ने देश की गरीबी का चित्रण किया। इसके अलावा बृजगोपाल शर्मा, सुशील शर्मा, संतोष प्रजापति, रामप्रकाश शुक्ल, लखनलाल चौरसिया ने भी रचनाएं सुनाईं।
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इस मौके पर रवि साहू, माधव खरे, शिवकुमार सोनी आदि मौजूद रहे। व्यापारी रामजी गुप्ता के जन्मदिवस पर व्यापारियों ने पौधरोपण कर बधाई दी।