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दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को आठ साल की सजा
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महोबा। अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम) संतोष कुमार यादव ने चार साल पहले नाबालिग लड़की को अगवा कर ले जाने के बाद शादी कर दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को आठ साल की सजा और 13 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। वहीं, सहयोग करने के मामले में उसके बहनोई और चाचा को दो-दो साल की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है।
खरेला थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग लड़की को गांव तिसौनी निवासी आनंद राजपूत छह फरवरी 2017 को अगवा कर दिल्ली ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। अभियुक्त के चाचा विनोद और बहनोई उपेंद्र ने नाबालिग लड़की के परिजनों को आनंद राजपूत के साथ शादी कराने के लिए दबाव बनाया। नाबालिग लड़की के परिजनों ने थाना खरेला में आनंद राजपूत, उपेंद्र और विनोद के खिलाफ सात मार्च 2017 को मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना के बाद लड़की नाबालिग पाए जाने पर पॉक्सो की धारा बढ़ाई गई।
गुरुवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आनंद राजपूत को दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए जाने पर आठ साल की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना किया। अगवा करने पर पांच साल की सजा और तीन हजार रुपये का जुर्माना किया। धारा 4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के आरोप में आठ वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना किया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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अभियुक्त के चाचा विनोद और बहनोई उपेंद्र द्वारा सहयोग करने के मामले में एक-एक साल की सजा और पांच-पांच सौ रुपये का जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर 15-15 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से पुष्पेंद्र मिश्रा ने की।
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खरेला थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग लड़की को गांव तिसौनी निवासी आनंद राजपूत छह फरवरी 2017 को अगवा कर दिल्ली ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। अभियुक्त के चाचा विनोद और बहनोई उपेंद्र ने नाबालिग लड़की के परिजनों को आनंद राजपूत के साथ शादी कराने के लिए दबाव बनाया। नाबालिग लड़की के परिजनों ने थाना खरेला में आनंद राजपूत, उपेंद्र और विनोद के खिलाफ सात मार्च 2017 को मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना के बाद लड़की नाबालिग पाए जाने पर पॉक्सो की धारा बढ़ाई गई।
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गुरुवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आनंद राजपूत को दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए जाने पर आठ साल की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना किया। अगवा करने पर पांच साल की सजा और तीन हजार रुपये का जुर्माना किया। धारा 4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के आरोप में आठ वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना किया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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अभियुक्त के चाचा विनोद और बहनोई उपेंद्र द्वारा सहयोग करने के मामले में एक-एक साल की सजा और पांच-पांच सौ रुपये का जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर 15-15 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से पुष्पेंद्र मिश्रा ने की।