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तिंदौली गांव पहुंच सीओ चरखारी ने दर्ज किए पीड़ितों के बयान
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पीड़ितों से घटना की जानकारी लेते सीओ चरखारी
- फोटो : MAHOBA
श्रीनगर (महोबा)। थाना श्रीनगर के तिंदौली गांव में अनुसूचित जाति के पूर्व प्रधान और पूर्व बीडीसी सदस्य समेत छह लोगों को घर बुलाकर निर्वस्त्र पीटने के मामले में गुरुवार को सीओ चरखारी उमेश चंद्र ने गांव पहुंच पीड़ितों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। घटना के दूसरे दिन भी तनाव का माहौल रहा।
तिंदौली गांव निवासी रामआसरे उर्फ कल्लू माली ने प्रधानी का चुनाव हारने पर अनुसूचित जाति के लोगों द्वारा वोट न दिए जाने की खुन्नस में गांव के ही पूर्व प्रधान रामलाल अहिरवार, पूर्व बीडीसी सदस्य महेश अहिरवार, हीरालाल, विश्वनाथ, छविलाल व बाबूराम को पंचायत करने के बहाने अपने घर बुलाया। बंधक बनाने के बाद अनुसूचित जाति के लोगों के कपड़े उतरवाकर लाठी-डंडों से पीटा। बीच-बचाव करने आईं महिलाओं से अभद्रता की गई थी। इस मामले में पुलिस ने रामआसरे व उसके भाई रामविशाल के खिलाफ एससीएसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में रिपोट दर्ज की थी।
गुरुवार को सीओ चरखारी ने तिंदौली गांव पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और बयान दर्ज किए। उन्होंने पीड़ितों के हर संभव मदद का भरोसा दिया। साथ ही 11 जून को पीड़ितों को चरखारी कार्यालय बुलाया है।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दोनों भाइयों की गांव में दबंगई है। इस कारण कोई भी पुलिस से शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है। उधर पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों रामआसरे और रामविशाल को गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष संजय शर्मा का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। गांव में शांति का माहौल है।
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तिंदौली गांव निवासी रामआसरे उर्फ कल्लू माली ने प्रधानी का चुनाव हारने पर अनुसूचित जाति के लोगों द्वारा वोट न दिए जाने की खुन्नस में गांव के ही पूर्व प्रधान रामलाल अहिरवार, पूर्व बीडीसी सदस्य महेश अहिरवार, हीरालाल, विश्वनाथ, छविलाल व बाबूराम को पंचायत करने के बहाने अपने घर बुलाया। बंधक बनाने के बाद अनुसूचित जाति के लोगों के कपड़े उतरवाकर लाठी-डंडों से पीटा। बीच-बचाव करने आईं महिलाओं से अभद्रता की गई थी। इस मामले में पुलिस ने रामआसरे व उसके भाई रामविशाल के खिलाफ एससीएसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में रिपोट दर्ज की थी।
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गुरुवार को सीओ चरखारी ने तिंदौली गांव पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और बयान दर्ज किए। उन्होंने पीड़ितों के हर संभव मदद का भरोसा दिया। साथ ही 11 जून को पीड़ितों को चरखारी कार्यालय बुलाया है।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दोनों भाइयों की गांव में दबंगई है। इस कारण कोई भी पुलिस से शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है। उधर पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों रामआसरे और रामविशाल को गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष संजय शर्मा का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। गांव में शांति का माहौल है।