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Mahoba News: नोटिस के बाद जांच टीम के सामने पेश हुआ गबन के मामले में फरार लिपिक
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फोटो 21 एमएएचपी 21 परिचय-गबन के मामले में लिपिक से पूछताछ करती जांच टीम। स्रोत: स्वास्थ्यकर्मी
-महिला अस्पताल में जीपीएफ खातों से करीब 85 लाख की हेराफेरी का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिला महिला अस्पताल में जीपीएफ खातों से 85 लाख रुपये का गबन किए जाने के आरोप में फरार चल रहा लिपिक शुक्रवार को जांच टीम के सामने पेश हो गया। दो बार नोटिस भेजे जाने और एफआईआर की चेतावनी के बाद अस्पताल पहुंचे लिपिक ने जीपीएफ बुक, सर्विस बुक समेत जरूरी दस्तावेज जांच टीम को सौंपकर अपना पक्ष रखा। टीम ने लिपिक से मामले को लेकर तीखे सवाल-जवाब किए।
जिला महिला अस्पताल में तैनात लिपिक ने अपने जीपीएफ खाते व एक-दो अन्य कर्मियों के खातों में कम रकम होने के बाद भी कूटरचित दस्तावेज लगाकर अलग-अलग किस्तों में 85 लाख रुपये निकाल लिए। सरकारी धन के गबन का यह मामला ऑडिट में पकड़ा गया था। इसके बाद से लिपिक अभिलेख लेकर फरार हो गया था। विभाग के चालक अंबिका ने भी उसके जीपीएफ खाते से नौ लाख रुपये निकलने का आरोप लगाया था। सीएमएस डॉ. रमाकांत चौरिहा ने उसके पनवाड़ी व ललितपुर स्थित आवास पर स्पीड पोस्ट से नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने के निर्देश दिए थे।
शुक्रवार को जांच टीम की मौजूदगी में लिपिक से लंबी पूछताछ के बाद अस्पताल के अन्य कर्मचारियों से भी जीपीएफ खातों और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में जानकारी ली। जांच टीम में शामिल सीएमएस, वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके वर्मा, कनिष्ठ सहायक वंदना सचान शामिल रहे। ऑडिट टीम अगले सप्ताह महोबा पहुंचकर दोबारा जांच करेगी कि किस तारीख को कितनी रकम निकाली गई और अनियमितता में कौन-कौन शामिल हैं। सीएमएस ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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फोटो 21 एमएएचपी 21 परिचय-गबन के मामले में लिपिक से पूछताछ करती जांच टीम। स्रोत: स्वास्थ्यकर्मी
-महिला अस्पताल में जीपीएफ खातों से करीब 85 लाख की हेराफेरी का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिला महिला अस्पताल में जीपीएफ खातों से 85 लाख रुपये का गबन किए जाने के आरोप में फरार चल रहा लिपिक शुक्रवार को जांच टीम के सामने पेश हो गया। दो बार नोटिस भेजे जाने और एफआईआर की चेतावनी के बाद अस्पताल पहुंचे लिपिक ने जीपीएफ बुक, सर्विस बुक समेत जरूरी दस्तावेज जांच टीम को सौंपकर अपना पक्ष रखा। टीम ने लिपिक से मामले को लेकर तीखे सवाल-जवाब किए।
जिला महिला अस्पताल में तैनात लिपिक ने अपने जीपीएफ खाते व एक-दो अन्य कर्मियों के खातों में कम रकम होने के बाद भी कूटरचित दस्तावेज लगाकर अलग-अलग किस्तों में 85 लाख रुपये निकाल लिए। सरकारी धन के गबन का यह मामला ऑडिट में पकड़ा गया था। इसके बाद से लिपिक अभिलेख लेकर फरार हो गया था। विभाग के चालक अंबिका ने भी उसके जीपीएफ खाते से नौ लाख रुपये निकलने का आरोप लगाया था। सीएमएस डॉ. रमाकांत चौरिहा ने उसके पनवाड़ी व ललितपुर स्थित आवास पर स्पीड पोस्ट से नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने के निर्देश दिए थे।
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शुक्रवार को जांच टीम की मौजूदगी में लिपिक से लंबी पूछताछ के बाद अस्पताल के अन्य कर्मचारियों से भी जीपीएफ खातों और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में जानकारी ली। जांच टीम में शामिल सीएमएस, वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके वर्मा, कनिष्ठ सहायक वंदना सचान शामिल रहे। ऑडिट टीम अगले सप्ताह महोबा पहुंचकर दोबारा जांच करेगी कि किस तारीख को कितनी रकम निकाली गई और अनियमितता में कौन-कौन शामिल हैं। सीएमएस ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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