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प्रसूताओं के हक पर डाल रहे डाका, घर से पहुंच रहा भोजन
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सीएचसी कुलपहाड़ में जानकारी देती प्रसूता।
- फोटो : MAHOBA
कुलपहाड़ (महोबा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुलपहाड़ में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। जननी सुरक्षा के योजना के तहत प्रसूताओं को नाश्ता व खाना मेन्यू के अनुसार नहीं दिया जा रहा है। मजबूरी में तीमारदार घर से खाना लाने को मजबूर हैं।
गौरतलब है कि अस्पताल में भर्ती के दौरान सामान्य प्रसव के बाद प्रसूता को 48 घंटे अस्पताल में भर्ती रखा जाता है। इस दौरान खाने की व्यवस्था अस्पताल प्रबंधन द्वारा ही की जाती है। लेकिन प्रसूताओं को नाश्ते में दिए जाने वाले कच्चे दूध को गर्म करवाने के लिए पैसा खर्च करना पड़ रहा है। दोपहर और शाम का खाना पूरी तरह से बंद है।
केस-1 प्रसूता ममता का कहना है कि अस्पताल में नाश्ता और खाने की कोई सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। इसलिए घर से या बाहर से मंगा रहे हैं।
केस-2 प्रसूता रूबी ने बताया कि अस्पताल प्रशासन मनमानी पर उतारू है। यहां कोई भी सुनने वाला नहीं हैं। प्रसूताओं के हक पर डाका डाला रहा है।
बोले जिम्मेदार
खाने का ठेका जिला स्तर से हुआ है, खाना देने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। ठेकेदार द्वारा लापरवाही की जा रही है। जिसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।
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डॉ. अमरीश राजपूत, अधीक्षक, सीएचसी कुलपहाड़
अगर सीएचसी में प्रसूताओं को खाना नहीं मिल रहा है तो वहां के चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी है। मामले को लेकर अवगत कराना चाहिए। मामला संज्ञान में आया है जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मनोज कांत, सीएमओ
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गौरतलब है कि अस्पताल में भर्ती के दौरान सामान्य प्रसव के बाद प्रसूता को 48 घंटे अस्पताल में भर्ती रखा जाता है। इस दौरान खाने की व्यवस्था अस्पताल प्रबंधन द्वारा ही की जाती है। लेकिन प्रसूताओं को नाश्ते में दिए जाने वाले कच्चे दूध को गर्म करवाने के लिए पैसा खर्च करना पड़ रहा है। दोपहर और शाम का खाना पूरी तरह से बंद है।
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केस-1 प्रसूता ममता का कहना है कि अस्पताल में नाश्ता और खाने की कोई सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। इसलिए घर से या बाहर से मंगा रहे हैं।
केस-2 प्रसूता रूबी ने बताया कि अस्पताल प्रशासन मनमानी पर उतारू है। यहां कोई भी सुनने वाला नहीं हैं। प्रसूताओं के हक पर डाका डाला रहा है।
बोले जिम्मेदार
खाने का ठेका जिला स्तर से हुआ है, खाना देने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। ठेकेदार द्वारा लापरवाही की जा रही है। जिसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।
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डॉ. अमरीश राजपूत, अधीक्षक, सीएचसी कुलपहाड़
अगर सीएचसी में प्रसूताओं को खाना नहीं मिल रहा है तो वहां के चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी है। मामले को लेकर अवगत कराना चाहिए। मामला संज्ञान में आया है जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मनोज कांत, सीएमओ