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बड़े लड़इया गढ़ महुबे के, जिनसे हार गई तलवार.....
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महोबा। बुंदेली संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नौ दिवसीय बुंदेलखंड शौर्य उत्सव का शनिवार की रात आगाज हो गया। पहले दिन आल्हा गायन की धूम रही। कलाकारों ने आल्हा-ऊदल की लड़ाइयों का जिक्र किया। बड़े लड़इया गढ़ महुबे के जिनसे हार गई तलवार, एक खा मारें दो मर जावें तीसर खौफ खाए मर जाय सुनाकर खूब तालियां बटोरी।
कीरत सागर स्थित सांस्कृतिक मंच में आयोजित बुंदेलखंड शौर्य उत्सव समारोह का शुभारंभ एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी, भाजपा के वरिष्ठ नेता लक्ष्मी नारायण सिंह, एसडीएम जितेंद्र कुमार व सीओ रामप्रवेश राय ने किया। इसके बाद बावला ब्लाइंड स्टार ग्रुप के बच्चों ने गणेेश वंदना प्रस्तुत की।
रानी लक्ष्मीबाई के शौय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में आल्हा गायक शरद अनुरागी, जीतेंद्र चौरसिया, अमित द्विवेदी, पवन बुंदेलखंडी, राहुल अनुरागी, योगेंद्र यादव आदि ने महोबा के कीरत सागर तट पर दिल्ली नरेश पृथ्वीराज चौहान से हुए भीषण युद्घ का वर्णन किया। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई की वीरता का बखान करते हुए 1828 में जन्मीं धरा कालका माय, प्राणन प्यारी पिता के अपने मर्णिकर्णिका नाम कहाय सुनाया।
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इस मौके पर नाहर सुनील नाहर, वियोगी शाश्वत, हिमांशु परमार, मनोज, इरफान पठान मौजूद रहे।
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कीरत सागर स्थित सांस्कृतिक मंच में आयोजित बुंदेलखंड शौर्य उत्सव समारोह का शुभारंभ एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी, भाजपा के वरिष्ठ नेता लक्ष्मी नारायण सिंह, एसडीएम जितेंद्र कुमार व सीओ रामप्रवेश राय ने किया। इसके बाद बावला ब्लाइंड स्टार ग्रुप के बच्चों ने गणेेश वंदना प्रस्तुत की।
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रानी लक्ष्मीबाई के शौय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में आल्हा गायक शरद अनुरागी, जीतेंद्र चौरसिया, अमित द्विवेदी, पवन बुंदेलखंडी, राहुल अनुरागी, योगेंद्र यादव आदि ने महोबा के कीरत सागर तट पर दिल्ली नरेश पृथ्वीराज चौहान से हुए भीषण युद्घ का वर्णन किया। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई की वीरता का बखान करते हुए 1828 में जन्मीं धरा कालका माय, प्राणन प्यारी पिता के अपने मर्णिकर्णिका नाम कहाय सुनाया।
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इस मौके पर नाहर सुनील नाहर, वियोगी शाश्वत, हिमांशु परमार, मनोज, इरफान पठान मौजूद रहे।