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डीएम ने जारी की 123 खनन पट्टों की अधिसूचना

Tue, 24 Apr 2018 11:40 PM IST
mahoba
mahoba Updated Tue, 24 Apr 2018 11:40 PM IST
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19 Degrees and Hafijan Dividend Degrees on Celebration A....
रिक्त पड़ा पहाड़ - फोटो : amarujala
 जिले में रिक्त चल रहे 300 से अधिक खनन क्षेत्रों को 20 वर्ष की अवधि के लिए खनन पट्टे स्वीकृत करने के लिए खनिज विभाग ने कवायद तेज कर दी है। पहले चरण में एक माह पहले 32 खनन पट्टे आनलाइन बोली के माध्यम से स्वीकृत करने के बाद दूसरे चरण में 123 खनन पट्टे स्वीकृत करने के लिए डीएम ने अधिसूचना जारी कर दी है। जिसके तहत 8 जून से आनलाइन बोली लगाई जा सकेगी है।
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12 दिसंबर 2017 को राज्य सरकार ने नई खनिज नीति लागू कर पहाड़ों के खनन पट्टे 20 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे किए जाने है। उक्त आदेश के उपरांत पहले चरण में 31 जनवरी 2018 को जिलाधिकारी ने 32 खनन पट्टों को जारी कर दिए।  
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दूसरे चरण में डीएम महोबा सहदेव ने 21 अप्रैल को अधिसूचना जारी कर 123 खनन पट्टे आनलाइन स्वीकृत करने की प्रक्रिया तेज कर दी। जिला खान अधिकारी एके सेन ने बताया कि टू बिड सिस्टम से पहले ई निविदा 8 जून से आमंत्रित की जाएगी। सरकार द्वारा 160 रुपये प्रति घनमीटर रिजर्व बोली मूल्य रखा गया है साथ ही प्रति हेक्टेयर 10 हजार घन मीटर रायल्टी निकासी की सीमा निर्धारित की गई है। सभी खनन पट्टे स्वीकृत होने के उपरांत जिले में गिट्टी का उत्पादन बढ़ जाएगा। साथ ही अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा। जनपद के डहर्रा, कुलपहाड़, कबरई, बघवा सहित रिक्त खनन क्षेत्रों की अधिसूचना जारी की गई है।
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20 गुना बोली बढ़ाने के बाद पीछे हटने लगे बोलीदाता
महोबा। पहले चरण में 32 खनन क्षेत्रों के सर्वोच्च बोली लगाने वाले अंतिमबोली दाताओं को लेटर ऑफ इंटेंट जिलाधिकारी ने जारी कर दिए थे लेकिन दर्जनों सर्वोच्च बोलीदाताओं ने 160 रिजर्व मूल्य की बोली 2552 रुपये तक बढ़ा दी। अब स्वीकृति मिलने के बाद बोली से पीछे हट रहे हैं। अभी तक लोगों ने नियम के मुताबिक जमानत धनराशि जमा नहीं की। जिससे स्वीकृत पट्टों के निस्तारण पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। 12 दिसंबर 2017 को ई नीलामी शासनादेश के नियम 19/2 के मुताबिक सर्वोच्च बोलीदाता को स्वीकृति पत्र मिलने के बाद दो दिन के अंदर 50 प्रतिशत जमानत धनराशि जमा करने का प्रावधान है। ऐसा न करने पर बिना किसी प्रत्यावेदन अथवा सुनवाई के सर्वोच्च बोलीदाता की सिक्योरिटी जब्त कर उसका क्लेम समाप्त हो जाएगा। बोलीदाता और विभाग के बीच नियमों के फेर में सिक्योरिटी क्लेम फंस गया है।
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