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Mahoba News: आलोक का आईआईटी से सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है सपना
Sat, 26 Apr 2025 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 26 Apr 2025 12:06 AM IST
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महोबा। शहर के डीएवी इंटर कॉलेज के छात्र आलोक रंजन मिश्रा ने 89 फीसदी अंकों के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर जिला टॉप किया है। आलोक ने यह सफलता प्रतिदिन कक्षा में पढ़ाई व घर पर सेल्फ स्टडी कर पाई है।
आलोक रंजन के पिता आशाराम मिश्रा डीएवी इंटर कॉलेज में ही अंग्रेजी विषय के अध्यापक हैं जबकि मां जया मिश्रा गृहिणी हैं। आलोक ने बताया कि उसका सपना आईआईटी से सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है। उसने सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई की। प्रतिदिन व्यायाम किया और नियमित स्कूल गए। उसे पढ़ाई के साथ शतरंज खेलना पसंद है। उसने प्रतिदिन आठ से दस घंटे पढ़ाई की। सभी विषयों का दो-दो घंटे अध्ययन किया। हाईस्कूल में उसे 97 फीसदी अंक मिले थे। बताया कि उसने ऑनलाइन कोचिंग की। कोचिंग की अपेक्षा सेल्फ स्टडी पर ज्यादा ध्यान दिया। उसका अपने जूनियर छात्राें से कहना है कि सोशल मीडिया से दूर रहे और शारीरिक फिटेनस के लिए हेल्दी फूड खाएं। पिता आशाराम मिश्रा का कहना है कि उसके बेटे के गणित विषय में कम अंक आए हैं। इसके लिए वह गणित विषय की स्कूटनी कराएंगे।
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किसान के बेटे ने 12वीं में जिले में हासिल किया दूसरा स्थान
महोबा। कस्बा चरखारी के रायनपुर निवासी किसान संतोष कुमार के बेटे प्रशांत कुमार सैनी ने 88.80 फीसदी अंकों के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। वह संत जेम्स इंटर कॉलेज चरखारी का छात्र है। विद्यालय में नियमित अध्ययन के साथ ही उसने कोचिंग व ऑनलाइन क्लास ज्वाइन की। इसके अलावा घर पर भी प्रतिदिन चार घंटे नियमित अध्ययन किया। उसका सपना आईआईटी के माध्यम से बीटेक करने व आईएएस बनने का है। उसकी मां लालीदेवी गृहिणी है। मां ने इस सफलता के लिए उसे प्रेरित किया। उसने अपनी इस सफलता का श्रेय परिजनों व गुरुजनों को दिया है।
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सागर की सफलता बनी प्रेरणा, पिता करते हैं मजदूरी
महोबा। कस्बा कबरई के शास्त्री नगर निवासी सागर की सफलता आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। सागर ने 87.8 फीसदी अंकों के साथ 12वीं में जिले में तीसरा स्थान हासिल किया है। उसके पिता संतोष कुमार मकान निर्माण में मजदूरी का काम करते हैं। उसने अंग्रेजी, गणित, भौतिक व रसायन विज्ञान विषय की निशुल्क कोचिंग की। शिक्षकों ने उसका हौसला बढ़ाया। उसने गणित विषय में सर्वाधिक 97 अंक हासिल किए हैं। अब उसका सपना शिक्षक बनने का है। उसने हाईस्कूल में 87.43 फीसदी अंकों के साथ हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। उसकी मां गृहिणी हैं। वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा है।
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आलोक रंजन के पिता आशाराम मिश्रा डीएवी इंटर कॉलेज में ही अंग्रेजी विषय के अध्यापक हैं जबकि मां जया मिश्रा गृहिणी हैं। आलोक ने बताया कि उसका सपना आईआईटी से सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है। उसने सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई की। प्रतिदिन व्यायाम किया और नियमित स्कूल गए। उसे पढ़ाई के साथ शतरंज खेलना पसंद है। उसने प्रतिदिन आठ से दस घंटे पढ़ाई की। सभी विषयों का दो-दो घंटे अध्ययन किया। हाईस्कूल में उसे 97 फीसदी अंक मिले थे। बताया कि उसने ऑनलाइन कोचिंग की। कोचिंग की अपेक्षा सेल्फ स्टडी पर ज्यादा ध्यान दिया। उसका अपने जूनियर छात्राें से कहना है कि सोशल मीडिया से दूर रहे और शारीरिक फिटेनस के लिए हेल्दी फूड खाएं। पिता आशाराम मिश्रा का कहना है कि उसके बेटे के गणित विषय में कम अंक आए हैं। इसके लिए वह गणित विषय की स्कूटनी कराएंगे।
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किसान के बेटे ने 12वीं में जिले में हासिल किया दूसरा स्थान
महोबा। कस्बा चरखारी के रायनपुर निवासी किसान संतोष कुमार के बेटे प्रशांत कुमार सैनी ने 88.80 फीसदी अंकों के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। वह संत जेम्स इंटर कॉलेज चरखारी का छात्र है। विद्यालय में नियमित अध्ययन के साथ ही उसने कोचिंग व ऑनलाइन क्लास ज्वाइन की। इसके अलावा घर पर भी प्रतिदिन चार घंटे नियमित अध्ययन किया। उसका सपना आईआईटी के माध्यम से बीटेक करने व आईएएस बनने का है। उसकी मां लालीदेवी गृहिणी है। मां ने इस सफलता के लिए उसे प्रेरित किया। उसने अपनी इस सफलता का श्रेय परिजनों व गुरुजनों को दिया है।
सागर की सफलता बनी प्रेरणा, पिता करते हैं मजदूरी
महोबा। कस्बा कबरई के शास्त्री नगर निवासी सागर की सफलता आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। सागर ने 87.8 फीसदी अंकों के साथ 12वीं में जिले में तीसरा स्थान हासिल किया है। उसके पिता संतोष कुमार मकान निर्माण में मजदूरी का काम करते हैं। उसने अंग्रेजी, गणित, भौतिक व रसायन विज्ञान विषय की निशुल्क कोचिंग की। शिक्षकों ने उसका हौसला बढ़ाया। उसने गणित विषय में सर्वाधिक 97 अंक हासिल किए हैं। अब उसका सपना शिक्षक बनने का है। उसने हाईस्कूल में 87.43 फीसदी अंकों के साथ हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। उसकी मां गृहिणी हैं। वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा है।