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दो दर्जन गायों में मरने के मामले में प्रशासन ने झाड़ा पल्ला
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श्रीनगर (महोबा)। कबरई की ग्राम पंचायत पिपरामाफ में 24 गोवंश की मौत से जिला प्रशासन ने पल्ला झाड़ लिया है। मात्र चार मौतें स्वीकारी हैं। शनिवार रात सभी मवेशियों के शवों को दफना दिया गया। रविवार सुबह जिलाधिकारी मनोज कुमार और सीडीओ डॉ. हरिचरन ने गोशाला का निरीक्षण किया तो व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। भूरा, चारा की सुविधाएं चकाचक दिखीं। सीडीओर ने बताया कि दो दिन के अंदर चार पशुओं की मौत हुई है। शेष पशु गांव वालों के हैं। ग्रामीणों ने ही उन्हें डूब क्षेत्र में फेंका है। सभी को प्रोटोकॉल के अनुसार दफना दिया गया है।
अधिकारियों के बयान अलग-अलग
विकासखंड कबरई में तैनात एडीओ पंचायत दयाराम निर्मल गांव पहुंचे थे और गोशाला की दशा देखी थी। इन्होंने दावा किया था कि सिर्फ छह पशुओं की मौत हुई है। शेष शव गांव के पशुपालकों ने फेंके हैं। डीपीआरओ संतोष कुमार का कहना है कि दो गोवंशों की मौत हुई है।
कान्हा गोशाला में ठंड से पांच गोवंश की मौत
अजनर (महोबा)। ठंड और भूख से कान्हा गोशाला में भी पांच गोवंशों की मौत हो गई। गोशाला में कुल 450 गोवंश की क्षमता है। देखरेख के आठ कर्मचारी लगाए गए हैं। गोशाला कर्मियों का कहना है कि मवेशी बीमार थे। उन्हें अलग कर पशु अस्पताल को सूचना दी गई थी।
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अधिकारियों के बयान अलग-अलग
विकासखंड कबरई में तैनात एडीओ पंचायत दयाराम निर्मल गांव पहुंचे थे और गोशाला की दशा देखी थी। इन्होंने दावा किया था कि सिर्फ छह पशुओं की मौत हुई है। शेष शव गांव के पशुपालकों ने फेंके हैं। डीपीआरओ संतोष कुमार का कहना है कि दो गोवंशों की मौत हुई है।
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कान्हा गोशाला में ठंड से पांच गोवंश की मौत
अजनर (महोबा)। ठंड और भूख से कान्हा गोशाला में भी पांच गोवंशों की मौत हो गई। गोशाला में कुल 450 गोवंश की क्षमता है। देखरेख के आठ कर्मचारी लगाए गए हैं। गोशाला कर्मियों का कहना है कि मवेशी बीमार थे। उन्हें अलग कर पशु अस्पताल को सूचना दी गई थी।
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