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एसिड फेंकने की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो महोबा
Updated Sat, 20 Feb 2016 11:36 PM IST
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डीपीओ कार्यालय में बर्खास्त आंगनबाड़ी कार्यकत्री व उसकी दो साथियों पर एसिड फेंकने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दोनों पक्षों पर शुक्रवार को कोतवाली महोबा में मुकदमा दर्ज होने के बाद अब डीएम ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू करा दी है। एसडीएम सदर को जांच सौंपी गई है।
राठ निवासी बर्खास्त आंगनबाड़ी कार्यकत्री गायत्री साथी रेखा और रामजानकी के साथ 18 फरवरी को जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय पहुंची थीं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने आंगनबाड़ी के पद पर नियुक्ति के नाम पर 40-40 हजार रुपये लिए थे।
नियुक्ति न करने पर वह 18 फरवरी को अपना पैसा वापस लेने उनके कार्यालय गई थीं। जहां जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने उनके ऊपर एसिड फेंक दिया। डीपीओ रामेश्वर पाल का कहना है कि हमीरपुर में नौकरी के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्री गायत्री को कार्य के प्रति लापरवाही बरतने और अनुशासनहीनता के मामले में 2010 में निलंबित किया था।
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उसी खुन्नस के चलते महिला ने महोबा आकर साजिश के तहत अपने हाथ में एसिड डालकर मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। डीपीओ ने बताया कि उन्होंने भी तीन महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उधर, मामले की हकीकत जानने को जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच एसडीएम सदर को सौंपी है।
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राठ निवासी बर्खास्त आंगनबाड़ी कार्यकत्री गायत्री साथी रेखा और रामजानकी के साथ 18 फरवरी को जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय पहुंची थीं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने आंगनबाड़ी के पद पर नियुक्ति के नाम पर 40-40 हजार रुपये लिए थे।
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नियुक्ति न करने पर वह 18 फरवरी को अपना पैसा वापस लेने उनके कार्यालय गई थीं। जहां जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने उनके ऊपर एसिड फेंक दिया। डीपीओ रामेश्वर पाल का कहना है कि हमीरपुर में नौकरी के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्री गायत्री को कार्य के प्रति लापरवाही बरतने और अनुशासनहीनता के मामले में 2010 में निलंबित किया था।
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उसी खुन्नस के चलते महिला ने महोबा आकर साजिश के तहत अपने हाथ में एसिड डालकर मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। डीपीओ ने बताया कि उन्होंने भी तीन महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उधर, मामले की हकीकत जानने को जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच एसडीएम सदर को सौंपी है।