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नागरिकाें ने दरवाजे पर खड़े करा दिए स्टैंड पोस्ट
Mahoba
Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
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महोबा। जल निगम के लाख प्रयास के बाद भी शहर में लगाए गए स्टैंड पोस्ट बंद नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते पानी की बर्बादी हो रही है वहीं स्टैंड पोस्टाें से पानी चालू रहने के कारण ऊंचाई के इलाकाें में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। हालत यह है कि दरवाजे पर लोगाें ने विभाग की बिना अनुमति के प्लंबराें से स्टैंड पोस्ट खड़े करा दिए हैं।
गौरतलब है कि अप्रैल 2011 में महोबा पुनर्गठन पेयजल योजना के तहत शहर में बिछाई गई पाइप लाइन को जल निगम ने चालू करा दिया था। लोगाें को पानी मयस्सर कराने के उद्देश्य से साथ ही पाइप लाइन के सुरक्षा के मद्देनजर हर मोहल्ले और मार्गों पर स्टैंड पोस्ट खड़े कर दिए गए थे। धीरे-धीरे लोगाें ने लाइनाें से कनेक्शन लेना शुरू कर दिया। करीब 300 कनेक्शन हो जाने के बाद जल निगम ने स्टैंड पोस्ट तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर बंद कराना शुरू कर दिया लेकिन जिलाधिकारी के जाते ही स्टैंड पोस्ट बंद कराए जाने के लिए चलाया जा रहा अभियान ठप हो गया। दरवाजाें से निकली पाइप लाइन से कनेक्शन लेने के बजाए तमाम लोगाें ने प्लंबर को बुलाकर दरवाजे पर इतने स्टैंड पोस्ट खड़े करा दिए कि आगे रहने वाले कनेक्शन धारकाें के यहां पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसकी शिकायत कनेक्शन धारक हरदयाल, रामसेवक, सुरेश कुमार, मोहम्मद सादिक सहित तमाम लोगाें ने विभागीय अधिकारियाें को समस्या से रूबरू कराया।
हालत यह है कि जल निगम द्वारा अस्थाई रूप से स्टैंड पोस्ट बनाए गए थे लेकिन नागरिकाें ने अब इतने स्टैंड पोस्ट दरवाजे पर खड़े करा दिए हैं कि विभाग ही कहां स्टैंड पोस्ट बनाए गए थे, भूल गया है। नतीजतन स्टैंड पोस्टाें की भारी संख्या के चलते कनेक्शन धारकाें के यहां पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। हालत यह है कि कहीं पर पानी की बर्बादी हो रही है तो कहीं पानी को लेकर हा-हाकार मचा है। इसके बावजूद जिलाधिकारी खामोशी अख्तियार किए हैं। इससे लोगाें में आक्रोश पनप रहा है।
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गौरतलब है कि अप्रैल 2011 में महोबा पुनर्गठन पेयजल योजना के तहत शहर में बिछाई गई पाइप लाइन को जल निगम ने चालू करा दिया था। लोगाें को पानी मयस्सर कराने के उद्देश्य से साथ ही पाइप लाइन के सुरक्षा के मद्देनजर हर मोहल्ले और मार्गों पर स्टैंड पोस्ट खड़े कर दिए गए थे। धीरे-धीरे लोगाें ने लाइनाें से कनेक्शन लेना शुरू कर दिया। करीब 300 कनेक्शन हो जाने के बाद जल निगम ने स्टैंड पोस्ट तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर बंद कराना शुरू कर दिया लेकिन जिलाधिकारी के जाते ही स्टैंड पोस्ट बंद कराए जाने के लिए चलाया जा रहा अभियान ठप हो गया। दरवाजाें से निकली पाइप लाइन से कनेक्शन लेने के बजाए तमाम लोगाें ने प्लंबर को बुलाकर दरवाजे पर इतने स्टैंड पोस्ट खड़े करा दिए कि आगे रहने वाले कनेक्शन धारकाें के यहां पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसकी शिकायत कनेक्शन धारक हरदयाल, रामसेवक, सुरेश कुमार, मोहम्मद सादिक सहित तमाम लोगाें ने विभागीय अधिकारियाें को समस्या से रूबरू कराया।
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हालत यह है कि जल निगम द्वारा अस्थाई रूप से स्टैंड पोस्ट बनाए गए थे लेकिन नागरिकाें ने अब इतने स्टैंड पोस्ट दरवाजे पर खड़े करा दिए हैं कि विभाग ही कहां स्टैंड पोस्ट बनाए गए थे, भूल गया है। नतीजतन स्टैंड पोस्टाें की भारी संख्या के चलते कनेक्शन धारकाें के यहां पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। हालत यह है कि कहीं पर पानी की बर्बादी हो रही है तो कहीं पानी को लेकर हा-हाकार मचा है। इसके बावजूद जिलाधिकारी खामोशी अख्तियार किए हैं। इससे लोगाें में आक्रोश पनप रहा है।
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