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देयकाें की कम वसूली पर डीएम के तेवर सख्त
Mahoba
Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
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कुलपहाड़ (महोबा)। जिलाधिकारी डा. काजल ने सोमवार को तहसील का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान विविध देयकाें व अन्य वसूली कम पाए जाने पर नायब तहसीलदार ओमपाल पर नाराजगी जताई। साथ ही राजस्व लेखाकार को तहसील से हटाकर कलेक्ट्रेट में अटैच करने के एडीएम को निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सबसे पहले निरीक्षण दौरान रजिस्टर मालिका, विकासखंड कार्यालय पनवाड़ी का रजिस्टर देखा, आवासीय पट्टा रजिस्टर, कृषि पट्टा रजिस्टर का अवलोकन किया लेकिन तहसील कर्मचारियाें द्वारा मास्टर रजिस्टर न बनाए जाने पर नाराजगी जताई। साथ ही तत्काल मास्टर रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए। पट्टा भूमि का सत्यापन रजिस्टर न पाए जाने पर कर्मचारियाें को जमकर हड़काया। तहसीलदार विंदाप्रसाद को हर सप्ताह सत्यापित करने के निर्देश दिए। बीमा दुर्घटना की चेकाें का विवरण देखा। कई चेकाें का पैसा अभी तक न आने पर शासन को पत्र भिजवाने के निर्देश दिए। डीएम ने मत्स्य रजिस्टर का अवलोकन किया जिसमें काफी कमी पाए जाने पर नाराजगी जताई और कमियां दूर करने के निर्देश दिए। एक ग्रामीण की कई महीनाें से लंबित पड़ी पत्रावली पाए जाने पर लिपिक देवेंद्र सक्सेना को फटकार लगाई और कई फाइलें न दिखा पाने पर तहसीलदार को व्यवस्थित तरीके से काम कराने को कहा गया। संग्रह अनुभाग में विविध देयकों की वसूली, आरसी की वसूली संतोषजनक न पाए जाने पर नायब तहसीलदार ओमपाल पर नाराजगी जताई। साथ ही कार्य प्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्हाेंने कहा कि अगले निरीक्षण में कमियां पाए जाने पर बख्शा नहीं जाएगा। कर्मचारियाें की सेवा पुस्तिकाआें की हालत दयनीय देखकर डीएम भड़क गईं जबकि नजारत अनुभाग का कार्य अच्छा पाए जाने पर सराहना की।
उन्होंने जन शिकायताें का शीघ्र निस्तारण करने के एसडीएम को निर्देश दिए। उन्हाेंने एसडीएम को पानी की व्यवस्था बेहतर रखने को भी कहा है।
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जिलाधिकारी ने सबसे पहले निरीक्षण दौरान रजिस्टर मालिका, विकासखंड कार्यालय पनवाड़ी का रजिस्टर देखा, आवासीय पट्टा रजिस्टर, कृषि पट्टा रजिस्टर का अवलोकन किया लेकिन तहसील कर्मचारियाें द्वारा मास्टर रजिस्टर न बनाए जाने पर नाराजगी जताई। साथ ही तत्काल मास्टर रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए। पट्टा भूमि का सत्यापन रजिस्टर न पाए जाने पर कर्मचारियाें को जमकर हड़काया। तहसीलदार विंदाप्रसाद को हर सप्ताह सत्यापित करने के निर्देश दिए। बीमा दुर्घटना की चेकाें का विवरण देखा। कई चेकाें का पैसा अभी तक न आने पर शासन को पत्र भिजवाने के निर्देश दिए। डीएम ने मत्स्य रजिस्टर का अवलोकन किया जिसमें काफी कमी पाए जाने पर नाराजगी जताई और कमियां दूर करने के निर्देश दिए। एक ग्रामीण की कई महीनाें से लंबित पड़ी पत्रावली पाए जाने पर लिपिक देवेंद्र सक्सेना को फटकार लगाई और कई फाइलें न दिखा पाने पर तहसीलदार को व्यवस्थित तरीके से काम कराने को कहा गया। संग्रह अनुभाग में विविध देयकों की वसूली, आरसी की वसूली संतोषजनक न पाए जाने पर नायब तहसीलदार ओमपाल पर नाराजगी जताई। साथ ही कार्य प्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्हाेंने कहा कि अगले निरीक्षण में कमियां पाए जाने पर बख्शा नहीं जाएगा। कर्मचारियाें की सेवा पुस्तिकाआें की हालत दयनीय देखकर डीएम भड़क गईं जबकि नजारत अनुभाग का कार्य अच्छा पाए जाने पर सराहना की।
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उन्होंने जन शिकायताें का शीघ्र निस्तारण करने के एसडीएम को निर्देश दिए। उन्हाेंने एसडीएम को पानी की व्यवस्था बेहतर रखने को भी कहा है।