{"_id":"44-207140","slug":"Mahoba-207140-44","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुंदेलखंड में सिंचाई के लिए बनेगा एक्शन प्लान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुंदेलखंड में सिंचाई के लिए बनेगा एक्शन प्लान
Mahoba
Updated Sun, 23 Nov 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महोबा। बुंदेलखंड में सिंचाई और पेयजल समस्या का मामला नई दिल्ली में जल संसाधन मंत्री के सामने जोर शोर से गूंजा। सूखे के चलते लगातार 15 सालों से कर्ज लेकर फसल उगा रहे किसानों की समस्याएं गिनाने के साथ-साथ समाधान भी सुझाए गए। जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने हर खेत तक पानी पहुंचाने का भरोसा दिलाया। साथ ही बुंदेलखंड में सिंचाई के लिए अलग से एक्शन प्लान बनाने की बात कही।
नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में जल पर मंथन गोष्ठी में बुंदेलखंड का प्रतिनिधित्व कर रहे कैलाश सोनी ने प्रदेश सरकार के नुमाइंदाें, नौकरशाहाें और विशेषज्ञाें के बीच बुंदेलखंड के जल संकट का मुद्दा जोरदारी से उठाया। बताया कि पिछले 15 वर्षों की तरह इस साल भी पानी के अभाव में 50 फीसदी रबी फसल की बुवाई नहीं हो सकी है। एक-एक कर किसानों द्वारा आत्महत्याएं करने की खबरें, सभी को विचलित कर रही हैं।
उन्हाेंने सुझाव देते हुए कहा कि बड़े तालाबों की सिल्ट सफाई कराकर भंडारण क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा सिंचित एरिया बढ़ाने के लिए नहराें का निर्माण कराकर सिंचाई के लिए केन, बेतवा और धसान नदी के पानी का प्रयोग किया जा सकता है। कहा कि अर्जुन सहायक परियोजना से पनवाड़ी, चरखारी और कबरई विकासखंड को आच्छादित किया जा रहा है, लेकिन जैतपुर विकासखंड को इसमें शामिल नहीं किया गया है। इसके लिए धसान नदी पर बने लहच्यूरा बांध से बेलासागर व व मझगवां डेम में फीडर डालने की कार्य योजना बनाने का आग्रह किया।
विज्ञापन
जल संसाधन मंत्री साध्वी उमा भारती ने सिंचाई की समस्या से जूझ रहे बुंदेलखंड के लिए अलग से एक्शन प्लान बनाने की बात कही। साथ ही बताया कि इस प्लान में आने वालेे खर्च और कार्य योजना तैयार कर सिंचाई की समस्या को दूर किया जाएगा।
विज्ञापन
नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में जल पर मंथन गोष्ठी में बुंदेलखंड का प्रतिनिधित्व कर रहे कैलाश सोनी ने प्रदेश सरकार के नुमाइंदाें, नौकरशाहाें और विशेषज्ञाें के बीच बुंदेलखंड के जल संकट का मुद्दा जोरदारी से उठाया। बताया कि पिछले 15 वर्षों की तरह इस साल भी पानी के अभाव में 50 फीसदी रबी फसल की बुवाई नहीं हो सकी है। एक-एक कर किसानों द्वारा आत्महत्याएं करने की खबरें, सभी को विचलित कर रही हैं।
विज्ञापन
उन्हाेंने सुझाव देते हुए कहा कि बड़े तालाबों की सिल्ट सफाई कराकर भंडारण क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा सिंचित एरिया बढ़ाने के लिए नहराें का निर्माण कराकर सिंचाई के लिए केन, बेतवा और धसान नदी के पानी का प्रयोग किया जा सकता है। कहा कि अर्जुन सहायक परियोजना से पनवाड़ी, चरखारी और कबरई विकासखंड को आच्छादित किया जा रहा है, लेकिन जैतपुर विकासखंड को इसमें शामिल नहीं किया गया है। इसके लिए धसान नदी पर बने लहच्यूरा बांध से बेलासागर व व मझगवां डेम में फीडर डालने की कार्य योजना बनाने का आग्रह किया।
विज्ञापन
जल संसाधन मंत्री साध्वी उमा भारती ने सिंचाई की समस्या से जूझ रहे बुंदेलखंड के लिए अलग से एक्शन प्लान बनाने की बात कही। साथ ही बताया कि इस प्लान में आने वालेे खर्च और कार्य योजना तैयार कर सिंचाई की समस्या को दूर किया जाएगा।