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Mahoba News: मांगें पूरी न हुईं तो 48 सचिवों व कर्मचारियों ने सौंपा सामूहिक त्यागपत्र
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फोटो 30 एमएएचपी 14 परिचय-राजधानी लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र कुमार पाठक को सामूहिक त्यागपत्
-नियमित वेतन और कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग को लेकर 22 अक्तूबर से लखनऊ में चल रही हड़ताल
-सहकारी समितियों में तालाबंदी से खाद के लिए भटक रहे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। नियमित वेतन व अन्य सुविधाओं की मांग पूरी न होने से नाराज जिले के बी-पैक्स (साधन सहकारी समितियों) के 48 सचिवों और कर्मचारियों ने सामूहिक त्यागपत्र दे दिया है। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित त्यागपत्र सहकारी समिति कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान को सौंपा है। उनके माध्यम से इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। कर्मचारियों के इस कदम से सहकारी समितियों में कामकाज ठप होने का संकट और गहरा गया है।
साधन सहकारी सचिव परिषद के जिलाध्यक्ष रविंद्र कुमार पाठक ने बताया कि प्रदेश के बी-पैक्स कर्मचारियों को लंबे समय से नियमित वेतन नहीं मिल रहा है। इस संबंध में प्रदेश संगठन ने सात सितंबर को आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता विभाग लखनऊ को ज्ञापन देकर नियमित वेतन भुगतान व अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों और शिक्षकों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मांग की थी।
उन्होंने बताया कि वेतन न मिलने से कर्मचारियों व उनके परिवारों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। विभागीय अधिकारी उनसे पूरी क्षमता से काम लेते हैं लेकिन वेतन भुगतान के मामले में उपेक्षा बरती जा रही है। कई बार शांतिपूर्ण विरोध के बावजूद कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। इसी के विरोध में प्रदेश भर के बी-पैक्स कर्मचारी 22 अक्तूबर से राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे हैं।
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मांगों पर सुनवाई न होने से आहत कर्मचारियों ने अब सामूहिक त्यागपत्र देने का निर्णय लिया है। उन्होंने सेवाकाल का समस्त बकाया वेतन सातवें वेतनमान के अनुसार दिलाने और सामूहिक त्यागपत्र स्वीकार करने की मांग की है। उधर, सहकारी समितियों में तालाबंदी के चलते किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। रबी फसल की बोआई का समय होने से खाद की उपलब्धता को लेकर किसान परेशान हैं। समितियों में वितरण व्यवस्था ठप होने से बोआई प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है। वहीं, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता महोबा परमानंद अनुरागी का कहना है कि सचिवों के सामूहिक त्यागपत्र के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। किसानों को एग्री जंक्शन, सहकारी संघ आदि के माध्यम से खाद का वितरण कराया जा रहा है।
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-सहकारी समितियों में तालाबंदी से खाद के लिए भटक रहे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। नियमित वेतन व अन्य सुविधाओं की मांग पूरी न होने से नाराज जिले के बी-पैक्स (साधन सहकारी समितियों) के 48 सचिवों और कर्मचारियों ने सामूहिक त्यागपत्र दे दिया है। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित त्यागपत्र सहकारी समिति कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान को सौंपा है। उनके माध्यम से इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। कर्मचारियों के इस कदम से सहकारी समितियों में कामकाज ठप होने का संकट और गहरा गया है।
साधन सहकारी सचिव परिषद के जिलाध्यक्ष रविंद्र कुमार पाठक ने बताया कि प्रदेश के बी-पैक्स कर्मचारियों को लंबे समय से नियमित वेतन नहीं मिल रहा है। इस संबंध में प्रदेश संगठन ने सात सितंबर को आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता विभाग लखनऊ को ज्ञापन देकर नियमित वेतन भुगतान व अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों और शिक्षकों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मांग की थी।
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उन्होंने बताया कि वेतन न मिलने से कर्मचारियों व उनके परिवारों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। विभागीय अधिकारी उनसे पूरी क्षमता से काम लेते हैं लेकिन वेतन भुगतान के मामले में उपेक्षा बरती जा रही है। कई बार शांतिपूर्ण विरोध के बावजूद कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। इसी के विरोध में प्रदेश भर के बी-पैक्स कर्मचारी 22 अक्तूबर से राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे हैं।
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मांगों पर सुनवाई न होने से आहत कर्मचारियों ने अब सामूहिक त्यागपत्र देने का निर्णय लिया है। उन्होंने सेवाकाल का समस्त बकाया वेतन सातवें वेतनमान के अनुसार दिलाने और सामूहिक त्यागपत्र स्वीकार करने की मांग की है। उधर, सहकारी समितियों में तालाबंदी के चलते किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। रबी फसल की बोआई का समय होने से खाद की उपलब्धता को लेकर किसान परेशान हैं। समितियों में वितरण व्यवस्था ठप होने से बोआई प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है। वहीं, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता महोबा परमानंद अनुरागी का कहना है कि सचिवों के सामूहिक त्यागपत्र के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। किसानों को एग्री जंक्शन, सहकारी संघ आदि के माध्यम से खाद का वितरण कराया जा रहा है।