{"_id":"2a476ee24c853cc9baf878c179963aff","slug":"mahayagya-in-ayodhya","type":"story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या में ‘कारसेवा’ की जगह अब ‘महायज्ञ’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अयोध्या में ‘कारसेवा’ की जगह अब ‘महायज्ञ’
धीरेंद्र सिंह/फैजाबाद
Updated Wed, 18 Sep 2013 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
84 कोसी परिक्रमा से अवध के कई जिलों में सरगर्मी बढ़ाने के बाद अब विहिप 22 सितंबर से पंचकोसी परिक्रमा करने जा रही है।
विज्ञापन
इसमें प्रतिदिन दो सौ संत अयोध्या की परिधि की परिक्रमा कर राममंदिर निर्माण की बाधाओं को दूर रखने के लिए लक्ष्मण रेखा खींचेंगे।
21 साल पुरानी कारसेवा को अब नए स्वरूप में लोगों से जोड़ने के लिए ‘कारसेवा’ को ‘महायज्ञ’ का रूप दिया जा रहा है।
बंटने को तैयार पर्चों व बुकलेट में रामलला को टाट की चादर से मुक्त कराकर महलनुमा गर्भगृह में विराजमान करने के लिए महायज्ञ का ऐलान किया गया है।
केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल ने इसकी घोषणा जून माह की हरिद्वार बैठक में ही कर दी थी। पंचकोसी परिक्रमा अयोध्या के चारों ओर राममंदिर निर्माण महायज्ञ के पूर्व लक्ष्मण रेखा खींच कर विघ्न-बाधाएं दूर करने का खास तंत्रमंत्र साधना बताई जा रही है।
इस खास अनुष्ठान की शुरुआत 22 सितंबर को कारसेवकपुरम् से होनी है। इसकी गतिविधियां तेज हो गईं हैं। 20 दिन चलने वाला खास अनुष्ठान आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के प्रसिद्ध संत अपनी पूजा पद्धति के अनुसार करेंगे।
विज्ञापन
पंचकोसी परिक्रमा मार्ग को 22 सितंबर से प्रतिदिन दो सौ संत अयोध्या की पंचकोसी परिक्रमा करके कुल 15 किमी की परिधि को लक्ष्मण रेखा खींच अभिमंत्रित करेंगे। यहां आकर पीठ के लिए स्वामी शंकर देव ने जगह भी तय कर ली है।
विज्ञापन
उनके मुताबिक लक्ष्मण रेखा एक ऐसी धार्मिक पट्टी बनाएगी, जो हजारों साल पहले ऋषि-मुनियों की ओर से यज्ञ सुरक्षित रखने के लिए किया जाता था।
धार्मिक-राजनीतिक दोनों पहलुओं पर सक्रियता
अयोध्या में अधिग्रहीत 67 एकड़ विवादित श्रीरामजन्मभूमि परिसर में राममंदिर बनाने की विहिप की योजना धार्मिक और राजनीतिक दोनों पहलुओं से पुख्ता की जा रही है।
84 कोसी परिक्रमा प्रतिबंधित करने के बाद भी विहिप ने इसे बेहद सफल करार दिया।
हालांकि भाजपा से घोषित पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने अभी एक शब्द अयोध्या में मंदिर निर्माण या परिक्रमा को लेकर नहीं बोला है, फिर भी रणनीतिकार कहते हैं कि उनके दूत अमित शाह ने यहां आकर भव्य मंदिर निर्माण की प्रतिबद्धता जता दी थी।