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Maharajganj News: परिवार नियोजन के लिए अस्थायी साधन अपना रहीं महिलाएं, नसबंदी से दूरी

Fri, 02 Oct 2026 02:12 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2026 02:12 AM IST
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Women opting for temporary family planning methods; shying away from sterilization.
पीपीआईयूसीडी के मुकाबले महिला नसबंदी के आंकड़े काफी कम
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परिवार नियोजन में अस्थायी साधनों का बढ़ा चलन, वर्ष 2025-26 में महज एक चौथाई महिलाओं ने कराई नसबंदी
महराजगंज। परिवार नियोजन को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई योजनाएं और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद स्थायी साधन के रूप में महिला नसबंदी कराने वाली महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है।
आंकड़ों के अनुसार, पोस्टपार्टम इंट्रायूट्रीन कंट्रासेप्टिव डिवाइस (पीपीआईयूसीडी) जैसे अस्थायी साधनों का इस्तेमाल महिला नसबंदी की तुलना में कई गुना अधिक हो रहा है। पीपीआईयूसीडी परिवार नियोजन में प्रसव के तुरंत बाद महिला के गर्भाशय में लगाया जाने वाला एक सुरक्षित गर्भनिरोधक उपकरण है। वर्ष 2023-24 में जिले में 14,611 महिलाओं ने पीपीआईयूसीडी अपनाया जबकि महिला नसबंदी के मामले 5,552 रहे। वर्ष 2024-25 में पीपीआईयूसीडी की संख्या बढ़कर 16,780 पहुंच गई, वहीं महिला नसबंदी घटकर 5,104 रह गई। वर्ष 2025-26 में 16,603 महिलाओं ने पीपीआईयूसीडी अपनाई जबकि नसबंदी कराने वाली महिलाओं की संख्या 4,707 रही।
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यानी इस वर्ष पीपीआईयूसीडी का आंकड़ा महिला नसबंदी से करीब साढ़े तीन गुना रहा। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 4,580 पीपीआईयूसीडी के मामले सामने आए हैं, जबकि महिला नसबंदी के मामले 484 हैं। हालांकि यह आंकड़ा अभी पूरे वर्ष का नहीं है, लेकिन शुरुआती आंकड़ों में भी दोनों साधनों के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
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पिछले तीन पूरे वित्तीय वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पीपीआईयूसीडी का इस्तेमाल लगातार 14 से 16 हजार के बीच रहा। इसके मुकाबले महिला नसबंदी का आंकड़ा चार से साढ़े पांच हजार के आसपास ही रहा। इससे परिवार नियोजन में स्थायी साधनों की तुलना में अस्थायी साधनों की ओर अधिक रुझान दिखाई देता है।

प्रसव के बाद पीपीआईयूसीडी का विकल्प
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रसव के बाद परिवार नियोजन के लिए पीपीआईयूसीडी समेत अन्य साधनों की जानकारी दी जाती है। महिला नसबंदी स्थायी साधन है, जबकि पीपीआईयूसीडी लंबे समय तक गर्भधारण से बचाव का विकल्प उपलब्ध कराती है। परिवार नियोजन के साधन अपनाने को लेकर महिलाओं और दंपती को उनकी सुविधा, स्वास्थ्य स्थिति और इच्छानुसार विकल्प चुनने के लिए परामर्श दिया जाता है।

वर्जन
जिले में परिवार नियोजन में लोगों की जागरूकता बढ़ी है। लोग द्वारा स्थाई और अस्थाई साधनों का प्रयोग किया जा रहा है। इसमें नसबंदी से अधिक पीपीआईयूसीडी का प्रयोग हो रहा है।
- डॉक्टर राजेश द्विवेदी, डिप्टी सीएमओ
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