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Maharajganj News: रूक-रूक कर हुई बारिश से लौटी सर्दी, गेहूं की फसल को फायदा
Sun, 03 Mar 2024 05:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 03 Mar 2024 05:49 PM IST
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महराजगंज। रात से शुरू हुई बारिश रविवार को रुक-रुककर होती रही। हवा के चलते कहीं-कहीं गेहूं की फसल झुक गई है। ज्यादातर स्थानों पर फसल ठीक है। बारिश से गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। अधिकतम तापमान में भी 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को भी बादल छाए रहेंगे। बूंदाबांदी की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि शनिवार रात से रविवार सुबह तक 2.2 एमएम बारिश हुई। जबकि 11 से 13 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। रविवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि, शुक्रवार को अधिकतम तापमान शनिवार 28.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार के मुकाबले रविवार को अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक सोमवार को बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक गेहूं की फसल के लिए बारिश लाभदायक है। जिले में एक लाख 47 हजार 904 हेक्टेयर गेहूं की बुआई हुई है। रबी की फसल एक लाख 73 हजार 754 हेक्टेयर में बोई गई है। इनमें 25 हेक्टेयर में जौ, 7400 हेक्टेयर में तोरिया, 5 हेक्टेयर में चना, 1875 हेक्टेयर में मटर, 12647 हेक्टेयर मसूर की बुआई की गई है। मौसम में नमी की वजह से गलन बढ़ गई है।
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सरसों की फसल के गिर गए फूल
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. बी चंद्रन ने बताया कि हवा के साथ बारिश होने की वजह से जिस गेहूं के खेत में पहले से सिंचाई हो चुकी थी, वहां नमी की वजह से फसल गिर गई। वहीं, सरसों की फसल के फूल गिर गए। सरसों की पकी फसल के भी खराब होने की संभावना है। जिन लोगों ने सरसों की फसल काटकर खेतों में डाल रखी थी, वह भी भीगने से खराब हो सकती है। खेत में नमी होने की वजह से कुछ दिन के लिए आलू की खोदाई पर असर पड़ेगा। सब्जियों के लिए बारिश फायदेमंद है। खासकर जो सब्जियां अभी बोई गई हैं। इसमें भिंडी, खीरा, तरबूज, खरबूज, तोरई और लौकी आदि की फसलों के लिए काफी फायदेमंद है।
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मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि शनिवार रात से रविवार सुबह तक 2.2 एमएम बारिश हुई। जबकि 11 से 13 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। रविवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि, शुक्रवार को अधिकतम तापमान शनिवार 28.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार के मुकाबले रविवार को अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई।
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मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक सोमवार को बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक गेहूं की फसल के लिए बारिश लाभदायक है। जिले में एक लाख 47 हजार 904 हेक्टेयर गेहूं की बुआई हुई है। रबी की फसल एक लाख 73 हजार 754 हेक्टेयर में बोई गई है। इनमें 25 हेक्टेयर में जौ, 7400 हेक्टेयर में तोरिया, 5 हेक्टेयर में चना, 1875 हेक्टेयर में मटर, 12647 हेक्टेयर मसूर की बुआई की गई है। मौसम में नमी की वजह से गलन बढ़ गई है।
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सरसों की फसल के गिर गए फूल
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. बी चंद्रन ने बताया कि हवा के साथ बारिश होने की वजह से जिस गेहूं के खेत में पहले से सिंचाई हो चुकी थी, वहां नमी की वजह से फसल गिर गई। वहीं, सरसों की फसल के फूल गिर गए। सरसों की पकी फसल के भी खराब होने की संभावना है। जिन लोगों ने सरसों की फसल काटकर खेतों में डाल रखी थी, वह भी भीगने से खराब हो सकती है। खेत में नमी होने की वजह से कुछ दिन के लिए आलू की खोदाई पर असर पड़ेगा। सब्जियों के लिए बारिश फायदेमंद है। खासकर जो सब्जियां अभी बोई गई हैं। इसमें भिंडी, खीरा, तरबूज, खरबूज, तोरई और लौकी आदि की फसलों के लिए काफी फायदेमंद है।