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Maharajganj News: निचलौल वन रेंज में दिखा जंगली भैंसा, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
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वन विभाग की टीम ने मौके की जांच कर जंगली भैंसे की पुष्टि की
महराजगंज। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग अंतर्गत निचलौल रेंज क्षेत्र के उत्तरी बीट में रविवार को एक जंगली भैंसा दिखाई देने से हड़कंप मच गया। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जंगली भैंसे की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, जंगल के उत्तरी बीट में पशुपालक अपने मवेशी चरा रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक विशालकाय जंगली भैंसा दिखाई दिया। पशुपालकों ने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी। सूचना पर पहुंची टीम ने मौके का निरीक्षण कर जंगली भैंसे की मौजूदगी की पुष्टि की।
क्षेत्रीय वनाधिकारी निचलौल सुनील कुमार राव ने बताया कि जंगली भैंसे के देखे जाने के बाद वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने जंगल से सटे गांवों के लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि अनावश्यक रूप से जंगल में न जाएं तथा अपने मवेशियों को भी जंगल के किनारे चराने से बचें। यदि कहीं भैंसा दिखाई दे तो उसे छेड़ने की कोशिश न करें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
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वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) के सदस्य अरशद हुसैन ने बताया कि सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग में सामान्यतः जंगली भैंसे नहीं पाए जाते हैं। इनका प्राकृतिक आवास बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व तथा नेपाल के चितवन राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में है। संभावना है कि यह भैंसा अपने झुंड से बिछड़कर भटकते हुए यहां तक पहुंच गया हो।
उन्होंने बताया कि जंगली भैंसे सामान्य पालतू भैंसों की तुलना में अधिक सतर्क और कई बार आक्रामक स्वभाव के होते हैं। खतरा महसूस होने पर वे हमला भी कर सकते हैं। ऐसे में लोगों को उससे दूरी बनाए रखनी चाहिए, ताकि वन विभाग समय रहते उसका सुरक्षित रेस्क्यू कर सके।
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महराजगंज। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग अंतर्गत निचलौल रेंज क्षेत्र के उत्तरी बीट में रविवार को एक जंगली भैंसा दिखाई देने से हड़कंप मच गया। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जंगली भैंसे की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, जंगल के उत्तरी बीट में पशुपालक अपने मवेशी चरा रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक विशालकाय जंगली भैंसा दिखाई दिया। पशुपालकों ने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी। सूचना पर पहुंची टीम ने मौके का निरीक्षण कर जंगली भैंसे की मौजूदगी की पुष्टि की।
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क्षेत्रीय वनाधिकारी निचलौल सुनील कुमार राव ने बताया कि जंगली भैंसे के देखे जाने के बाद वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने जंगल से सटे गांवों के लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि अनावश्यक रूप से जंगल में न जाएं तथा अपने मवेशियों को भी जंगल के किनारे चराने से बचें। यदि कहीं भैंसा दिखाई दे तो उसे छेड़ने की कोशिश न करें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
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वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) के सदस्य अरशद हुसैन ने बताया कि सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग में सामान्यतः जंगली भैंसे नहीं पाए जाते हैं। इनका प्राकृतिक आवास बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व तथा नेपाल के चितवन राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में है। संभावना है कि यह भैंसा अपने झुंड से बिछड़कर भटकते हुए यहां तक पहुंच गया हो।
उन्होंने बताया कि जंगली भैंसे सामान्य पालतू भैंसों की तुलना में अधिक सतर्क और कई बार आक्रामक स्वभाव के होते हैं। खतरा महसूस होने पर वे हमला भी कर सकते हैं। ऐसे में लोगों को उससे दूरी बनाए रखनी चाहिए, ताकि वन विभाग समय रहते उसका सुरक्षित रेस्क्यू कर सके।