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Maharajganj News: बच्चे की हालत बिगड़ने पर यात्रियों ने खींची ट्रेन की चेन
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हृदय रोग से पीड़ित था आठ वर्षीय बालक, इलाज के बाद मेडिकल कॉलेज हुआ रेफर
संवाद न्यूज़ एजेंसी
महराजगंज। बुधवार सुबह आनंद बिहार से कटिहार जाने वाली हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन से बच्चे का इलाज कराकर बिहार के अरविंद सिंह घर जा रहे रहे थे। जैसे ही घुघली से गाड़ी आगे बढ़ी तभी बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसे देख कुछ यात्रियों ने गाड़ी को चेन पुलिंग कर रोका और परिजन बीमार बच्चे को लेकर सिसवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां इलाज के बाद मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया।
बिहार पश्चिमी चंपारण हरिनगर के भावल निवासी अरविंद सिंह अपनी पत्नी किरन व आठ वर्षीय बेटे दिव्यांशु कुमार का गोरखपुर में किसी निजी अस्पताल में इलाज करा कर हमसफर एक्सप्रेस से लौट रहे थे। उनका बेटा हृदय रोग से पीड़ित है। सुबह में हमसफ़र जैसे ही घुघली से आगे बढ़ी, तभी दिव्यांशु की तबीयत बिगड़ने लगी। अरविंद सिंह का कहना है कि ट्रेन में मौजूद टीटी से ट्रेन रोकने के लिए गुहार लगाई मगर उन लोगों ने अनदेखा कर दिया। जिसके बाद यात्रियों ने ट्रेन सिसवा स्टेशन पर चेन पुलिंग कर हम लोगों को बच्चे का इलाज करने के लिए नीचे उतार दिया। जिसके बाद स्टेशन अधीक्षक कक्ष में बच्चे को लेकर पहुंचे ड्यूटी पर तैनात स्टेशन अधीक्षक प्रमोद कुमार से आपबीती सुनाई। स्थानीय लोगों की मदद से बच्चे को सिसवा पीएचसी में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
महराजगंज। बुधवार सुबह आनंद बिहार से कटिहार जाने वाली हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन से बच्चे का इलाज कराकर बिहार के अरविंद सिंह घर जा रहे रहे थे। जैसे ही घुघली से गाड़ी आगे बढ़ी तभी बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसे देख कुछ यात्रियों ने गाड़ी को चेन पुलिंग कर रोका और परिजन बीमार बच्चे को लेकर सिसवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां इलाज के बाद मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया।
बिहार पश्चिमी चंपारण हरिनगर के भावल निवासी अरविंद सिंह अपनी पत्नी किरन व आठ वर्षीय बेटे दिव्यांशु कुमार का गोरखपुर में किसी निजी अस्पताल में इलाज करा कर हमसफर एक्सप्रेस से लौट रहे थे। उनका बेटा हृदय रोग से पीड़ित है। सुबह में हमसफ़र जैसे ही घुघली से आगे बढ़ी, तभी दिव्यांशु की तबीयत बिगड़ने लगी। अरविंद सिंह का कहना है कि ट्रेन में मौजूद टीटी से ट्रेन रोकने के लिए गुहार लगाई मगर उन लोगों ने अनदेखा कर दिया। जिसके बाद यात्रियों ने ट्रेन सिसवा स्टेशन पर चेन पुलिंग कर हम लोगों को बच्चे का इलाज करने के लिए नीचे उतार दिया। जिसके बाद स्टेशन अधीक्षक कक्ष में बच्चे को लेकर पहुंचे ड्यूटी पर तैनात स्टेशन अधीक्षक प्रमोद कुमार से आपबीती सुनाई। स्थानीय लोगों की मदद से बच्चे को सिसवा पीएचसी में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया।
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