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Maharajganj News: नारायणी नदी का जलस्तर ठहरा, तटवर्ती गांवों में चिंता बरकरार
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निचलौल। गंडक बैराज से निकलने वाली नारायणी नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को सामान्य रहा। हालांकि 26 अगस्त को नदी में अचानक बढ़े पानी से बनी बाढ़ जैसी स्थिति की दहशत अब भी तटवर्ती गांवों के लोगों में बनी हुई है। यही वजह है कि टेलफाल और भेड़िहारी के पास ग्रामीण बेवजह नदी की ओर नहीं जा रहे, बल्कि जलस्तर की स्थिति पर नजर रखने के लिए पहुंच रहे हैं।
नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था में लगी निगरानी टीम लगातार मुस्तैद है। नदी के आसपास अनावश्यक आवाजाही करने वाले लोगों को रोका जा रहा है और ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गुरुवार को नायब तहसीलदार पीयूष जायसवाल ने राजस्व विभाग की टीम के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था में लगी टीम पूरी सतर्कता बरत रही है। नदी किनारे बसे गांवों के प्रधानों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें सावधानी बरतने की अपील की गई है।
दोपहर बाद कम हुआ पानी का दबाव
गुरुवार सुबह पांच बजे गंडक बैराज से 1,47,500 क्यूसेक, सुबह 10 बजे 1,52,900 क्यूसेक और दोपहर एक बजे 1,58,900 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना रही। दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक पानी का डिस्चार्ज करीब 1,52,900 क्यूसेक रहा। जलस्तर में स्थिरता से तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है।
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नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था में लगी निगरानी टीम लगातार मुस्तैद है। नदी के आसपास अनावश्यक आवाजाही करने वाले लोगों को रोका जा रहा है और ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गुरुवार को नायब तहसीलदार पीयूष जायसवाल ने राजस्व विभाग की टीम के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था में लगी टीम पूरी सतर्कता बरत रही है। नदी किनारे बसे गांवों के प्रधानों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें सावधानी बरतने की अपील की गई है।
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दोपहर बाद कम हुआ पानी का दबाव
गुरुवार सुबह पांच बजे गंडक बैराज से 1,47,500 क्यूसेक, सुबह 10 बजे 1,52,900 क्यूसेक और दोपहर एक बजे 1,58,900 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना रही। दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक पानी का डिस्चार्ज करीब 1,52,900 क्यूसेक रहा। जलस्तर में स्थिरता से तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है।
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