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Maharajganj News: महज नाम के वेंडिंग जोन, सड़क पर लग रहीं दुकानें
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सक्सेना चौराहे पर बना वेंडिंग जोन में खड़ी टेंपो।
रेहड़ी व्यापारी अब भी सड़क किनारे दुकान लगाने को मजबूर
शहर को सुंदर बनाने और यातायात की समस्या दूर करने को बनाए गए वेंडिंग जोन
35 लाख की लागत से बने महराजगंज हाट में 25 में से मात्र 13 दुकानों का हुआ है आवंटन
महराजगंज। नगर पालिका परिषद की ओर से वेंडिंग जोन में रेहड़ी-खोमचे वाले व्यापारियों को व्यवस्थित नहीं किया जा सका है। एक ओर 35 लाख से निर्मित महराजगंज हाट में 25 में से केवल 13 दुकानें ही संचालित हो रही हैं। तो दूसरी ओर सक्सेना चौक के पास 26 लाख से तैयार नया वेंडिंग जोन निर्मित होने के बाद भी व्यवस्थित नहीं किया जा सका है। ऐसे में दो वेंडिंज जोन होने के बाद भी लोग जाम से जूझ रहे हैं।
रेहड़ी एवं ठेला व्यापारियों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए हाट बाजार और वेंडिंग जोन की योजना अधर में अटकी है। नगर पालिका की ओर से महराजगंज हाट का निर्माण रेहड़ी एवं ठेला व्यापारियों को सड़क से हटाकर एक व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कराया गया था। इस हाट में 25 दुकानों का निर्माण हुआ और लॉटरी प्रणाली के माध्यम से दुकानों का आवंटन भी किया गया। इसके बावजूद 12 दुकानें अब तक बंद पड़ी हैं और केवल 13 दुकानें ही संचालित हैं। जबकि रोडवेज बस अड्डे के आसपास सड़क के किनारे ठेले और खोमचे लग रहे हैं। इससे जाम की स्थिति बन जाती है।
नगर के सक्सेना चौक स्थित पुलिस चौकी के बगल में दो प्रतिशत अवस्थापना निधि के तहत नौ दुकानों वाला एक आधुनिक वेंडिंग जोन भी विकसित किया गया। फरवरी 2026 में इसका निर्माण कार्य पूरा हो गया था। व्यापारियों की सुविधा के लिए यहां शौचालय, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है। योजना का उद्देश्य था कि फुटपाथ और सड़क किनारे दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारियों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाए, जिससे यातायात व्यवस्था भी बेहतर हो सके।
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निर्माण पूरा होने के बावजूद दुकानों का आवंटन अब तक नहीं हो पाया है। इसके चलते पूरा परिसर खाली पड़ा है। स्थानीय लोगों ने इसे टेंपो खड़ा करने के स्थान के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। दूसरी ओर, जिन रेहड़ी और ठेला व्यापारियों के लिए यह सुविधा तैयार की गई थी वे आज भी सड़क के किनारे व्यवसाय करने को मजबूर हैं।
ऐसे जिस समस्या से निपटने के लिए वेंडिंग जोन पर लाखों रुपये खर्च किए गए वह जस की तस बनी हुई है। सड़क की पटरियों पर दुकानें सज रही हैं और लोगों को जाम की झाम झेलनी पड़ रही है। विशेष तौर पर बस अड्डे और बलिया नाला पुल के आसपास की दुकानें सड़क के किनारे लगने के कारण आए दिन लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि समय पर दुकानों का आवंटन कर दिया जाए तो उन्हें सुरक्षित स्थान मिलेगा और नगर की सड़कें भी अतिक्रमण से मुक्त हो सकेंगी।
पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से होती है परेशानी
नगर में सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की है। पार्किंग न होने के कारण सड़क के किनारे वाहन खड़े किए जाते हैं। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क के किनारे वाहन पार्क करने पर चालान कर दिया जाता है। इससे भी लोगों में नाराजगी भी देखी जाती है। शहर में महराजगंज फरेंदा रोड के किनारे अक्सर गाड़ियां खड़ी रहती हैं। वहीं सर्विस लेन पर भी वाहन खड़े रहते हैं। शहर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से लोग चार पहिया से आने से परहेज करते हैं।
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सक्सेना चौराहे पर बने वेंडिंग जोन का उद्घाटन कराते हुए रेहड़ी व्यापारियों को दुकानें आवंटित कर देना चाहिए। इससे सड़क के किनारे लगने वाले दुकानों उसमें शिफ्ट होंगी तो नगर भी साफ-सुथरा लगेगा और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।
-प्रशांत मणि त्रिपाठी, गांधी नगर
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अभी महराजगंज हाट में बहुत सारी दुकानें खाली पड़ी हैं। नगर पालिका प्रशासन को चाहिए कि सड़क के किनारे दुकान लगाने वाले लोगों को चिह्नित करते हुए उन्हें वेंडिंग जोन में दुकान आवंटित कर दिया जाए। इससे व्यापारियों को जगह मिल जाएगी और नगर भी अच्छा दिखेगा।
-अनिल विश्वकर्मा, नेहरू नगर
वर्जन
वेंडिंग जोन का मुख्य गेट लगाया जाना शेष है। गेट लगाने का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाएगा। इसके बाद लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पात्र रेहड़ी एवं ठेला व्यापारियों को दुकानों का आवंटन किया जाएगा। नगर पालिका का प्रयास है कि अगले सप्ताह तक वेंडिंग जोन का संचालन शुरू कर दिया जाए।
-आलोक कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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शहर को सुंदर बनाने और यातायात की समस्या दूर करने को बनाए गए वेंडिंग जोन
35 लाख की लागत से बने महराजगंज हाट में 25 में से मात्र 13 दुकानों का हुआ है आवंटन
महराजगंज। नगर पालिका परिषद की ओर से वेंडिंग जोन में रेहड़ी-खोमचे वाले व्यापारियों को व्यवस्थित नहीं किया जा सका है। एक ओर 35 लाख से निर्मित महराजगंज हाट में 25 में से केवल 13 दुकानें ही संचालित हो रही हैं। तो दूसरी ओर सक्सेना चौक के पास 26 लाख से तैयार नया वेंडिंग जोन निर्मित होने के बाद भी व्यवस्थित नहीं किया जा सका है। ऐसे में दो वेंडिंज जोन होने के बाद भी लोग जाम से जूझ रहे हैं।
रेहड़ी एवं ठेला व्यापारियों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए हाट बाजार और वेंडिंग जोन की योजना अधर में अटकी है। नगर पालिका की ओर से महराजगंज हाट का निर्माण रेहड़ी एवं ठेला व्यापारियों को सड़क से हटाकर एक व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कराया गया था। इस हाट में 25 दुकानों का निर्माण हुआ और लॉटरी प्रणाली के माध्यम से दुकानों का आवंटन भी किया गया। इसके बावजूद 12 दुकानें अब तक बंद पड़ी हैं और केवल 13 दुकानें ही संचालित हैं। जबकि रोडवेज बस अड्डे के आसपास सड़क के किनारे ठेले और खोमचे लग रहे हैं। इससे जाम की स्थिति बन जाती है।
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नगर के सक्सेना चौक स्थित पुलिस चौकी के बगल में दो प्रतिशत अवस्थापना निधि के तहत नौ दुकानों वाला एक आधुनिक वेंडिंग जोन भी विकसित किया गया। फरवरी 2026 में इसका निर्माण कार्य पूरा हो गया था। व्यापारियों की सुविधा के लिए यहां शौचालय, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है। योजना का उद्देश्य था कि फुटपाथ और सड़क किनारे दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारियों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाए, जिससे यातायात व्यवस्था भी बेहतर हो सके।
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निर्माण पूरा होने के बावजूद दुकानों का आवंटन अब तक नहीं हो पाया है। इसके चलते पूरा परिसर खाली पड़ा है। स्थानीय लोगों ने इसे टेंपो खड़ा करने के स्थान के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। दूसरी ओर, जिन रेहड़ी और ठेला व्यापारियों के लिए यह सुविधा तैयार की गई थी वे आज भी सड़क के किनारे व्यवसाय करने को मजबूर हैं।
ऐसे जिस समस्या से निपटने के लिए वेंडिंग जोन पर लाखों रुपये खर्च किए गए वह जस की तस बनी हुई है। सड़क की पटरियों पर दुकानें सज रही हैं और लोगों को जाम की झाम झेलनी पड़ रही है। विशेष तौर पर बस अड्डे और बलिया नाला पुल के आसपास की दुकानें सड़क के किनारे लगने के कारण आए दिन लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि समय पर दुकानों का आवंटन कर दिया जाए तो उन्हें सुरक्षित स्थान मिलेगा और नगर की सड़कें भी अतिक्रमण से मुक्त हो सकेंगी।
पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से होती है परेशानी
नगर में सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की है। पार्किंग न होने के कारण सड़क के किनारे वाहन खड़े किए जाते हैं। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क के किनारे वाहन पार्क करने पर चालान कर दिया जाता है। इससे भी लोगों में नाराजगी भी देखी जाती है। शहर में महराजगंज फरेंदा रोड के किनारे अक्सर गाड़ियां खड़ी रहती हैं। वहीं सर्विस लेन पर भी वाहन खड़े रहते हैं। शहर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से लोग चार पहिया से आने से परहेज करते हैं।
सक्सेना चौराहे पर बने वेंडिंग जोन का उद्घाटन कराते हुए रेहड़ी व्यापारियों को दुकानें आवंटित कर देना चाहिए। इससे सड़क के किनारे लगने वाले दुकानों उसमें शिफ्ट होंगी तो नगर भी साफ-सुथरा लगेगा और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।
-प्रशांत मणि त्रिपाठी, गांधी नगर
अभी महराजगंज हाट में बहुत सारी दुकानें खाली पड़ी हैं। नगर पालिका प्रशासन को चाहिए कि सड़क के किनारे दुकान लगाने वाले लोगों को चिह्नित करते हुए उन्हें वेंडिंग जोन में दुकान आवंटित कर दिया जाए। इससे व्यापारियों को जगह मिल जाएगी और नगर भी अच्छा दिखेगा।
-अनिल विश्वकर्मा, नेहरू नगर
वर्जन
वेंडिंग जोन का मुख्य गेट लगाया जाना शेष है। गेट लगाने का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाएगा। इसके बाद लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पात्र रेहड़ी एवं ठेला व्यापारियों को दुकानों का आवंटन किया जाएगा। नगर पालिका का प्रयास है कि अगले सप्ताह तक वेंडिंग जोन का संचालन शुरू कर दिया जाए।
-आलोक कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद