फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   US Embassy team arrives at district jail Maharajganj; administration confirms within 24 hours.

US National Arrest: अमेरिकी दूतावास की टीम पहुंची महराजगंज जिला जेल, नेपाली सीमा से घुसा था भारत में

Sat, 18 Jul 2026 02:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 18 Jul 2026 02:17 AM IST
सार

ट्रेविस फेलेन को 30 मई 2026 को पुलिस ने फरेंदा क्षेत्र के छतहरी चौराहे से नेपाल जाने की कोशिश में दबोचा था। फेलेन का वीजा पासपोर्ट फरवरी 2026 में समाप्त हो चुका था लेकिन वह छिपकर भारत में रह रहा था। नेपाल जाने के पीछे उसने पूछताछ में बताया था कि वह नेपाल से अमेरिका लौटने की कोशिश में था। न्यायालय ने इसे कारागार में निरुद्ध किया था।

विज्ञापन
US Embassy team arrives at district jail Maharajganj; administration confirms within 24 hours.
अमेरिकी नागरिक गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिकी दूतावास की चार सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार की दोपहर जिला कारागार में अमेरिकी नागरिक से मुलाकात की है। कारागार के सूत्र बताते हैं कि टीम जार्डन ब्राउन से मिली। हालांकि जेल का कहना है कि टीम जार्डन से नहीं बल्कि पूर्व में फरेंदा से पकड़े गए ट्रेविस फेलेन से मिलने आई थी।

विज्ञापन


टीम के साथ पुलिस व लोकल इंटेलिजेंस के लोग शामिल रहे। अमेरिकी दूतावास के जिला कारागार आने की पुष्टि जेल अधीक्षक ने 24 घंटे बाद शुक्रवार को की। 11 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाॅर्डर सोनौली के पिलर संख्या 516 (22) जायसवाल टोले से एसएसबी 22वीं वाहिनी ने एक अमेरिकन को नेपाल जाते वक्त रोका।

विज्ञापन
Trending Videos

एसएसबी की पूछताछ जांच में अमेरिकी नागरिक ने अपना नाम जार्डन ब्राउन बताया लेकिन उसके पास वीजा व पासपोर्ट नहीं मिला। इसके बाद एसएसबी एसआई की तहरीर पर आव्रजन और विदेशी अधिनियम 2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

लेकिन पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में वह लगातार बयान बदलता रहा। इस वजह से उसके पहचान की पुष्टि में दिक्कत हुई। यही नहीं जार्डन ने अपने दो मोबाइल फोन एसएसबी की पूछताछ के दौरान तोड़ दिया था। शुक्रवार को न्यायालय से जार्डन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में सोमवार कारागार भेज दिया।
विज्ञापन

इधर पुलिस के साथ गुप्त तौर पर बड़ी एजेंसियों की पड़ताल में जार्डन की संदिग्धता को लेकर शक गहरा होता गया। इसी बीच बृहस्पतिवार को अमेरिकी दूतावास की चार सदस्यीय टीम जिला कारागार पहुंची जिसे उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जार्डन से मिलाया गया।

पुलिस व लोकल इंटेलिजेंस की टीम दोपहर 11 बजे कारागार के भीतर गई और एक बजे वापस लौटी। जेल के सूत्र बताते हैं कि दूतावास ने जार्डन से मुलाकात की लेकिन इस मुलाकात पर पुलिस व कारागार प्रशासन मौन रह गया जबकि दूतावास टीम ने सोनौली बाॅर्डर का दौरा भी किया।
विज्ञापन

फरेंदा के छतहरी चौराहे से 30 मईको दबोचा गया था ट्रेविस फेलेन
ट्रेविस फेलेन को 30 मई 2026 को पुलिस ने फरेंदा क्षेत्र के छतहरी चौराहे से नेपाल जाने की कोशिश में दबोचा था। फेलेन का वीजा पासपोर्ट फरवरी 2026 में समाप्त हो चुका था लेकिन वह छिपकर भारत में रह रहा था। नेपाल जाने के पीछे उसने पूछताछ में बताया था कि वह नेपाल से अमेरिका लौटने की कोशिश में था।

न्यायालय ने इसे कारागार में निरुद्ध किया था। प्रशासन का दावा अगर फेलेन से मिलने का ही सही मान लें तो सवाल है कि आखिर फेलेन की गिरफ्तारी जब दो माह पहले हुई थी तो अबतक दूतावास ने संपर्क क्यों नहीं किया।

जार्डन की गिरफ्तारी के पांचवें दिन ही दूतावास की टीम का पहुंचना और टीम के आने के ठीक दूसरे दिन पुलिस की तरफ से रिमांड की अर्जी प्रस्तुत करने से इस आशंका को बल मिल रहा है कि अमेरिकी दूतावस की टीम जार्डन ब्राउन से मिलने आई थी।

आठ दिन के रिमांड पर लिया गया जार्डन
शुक्रवार इस बावत पूछने पर पुलिस प्रशासन जहां मौन रहा वहीं कारागार अधीक्षक बीके गौतम ने स्वीकार किया कि टीम आई थी, लेकिन उसने जार्डन से नहीं, बल्कि 30 मई को फरेंदा से गिरफ्तार ट्रेविस फेलेन से मिली और यह दूतावास की सामान्य प्रक्रिया है।

जार्डन से अमेरिकी दूतावास टीम के मिलने पुष्टि इससे भी हो रही है कि पुलिस की तरफ से 14 दिन के लिए जेल भेजे गए जार्डन के रिमांड की अर्जी न्यायालय सीनियर डिवीजन महराजगंज देवेंद्र प्रताप सिंह की अदालत में दाखिल कर दी गई। न्यायालय ने जार्डन की रिमांड आठ दिन के लिए मंजूर किया है।

रिमांड मंजूरी के बाद भी पुलिस यह बताने से कतराती रही कि जार्डन को रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के लिए कहां ले जाएंगे और चार दिन में ही पुलिस को ऐसा क्या साक्ष्य मिल गया कि पुलिस ने कारागार अवधि का इंतजार तक नहीं किया।

सीनियर डिवीजन से जार्डन की रिमांड अर्जी मंजूर, आठ दिन होगी पूछताछ
न्यायालय सीनियर डिवीजन ने शुक्रवार को पुलिस की रिमांड अर्जी मंजूर की है। जनपद के सरकारी अधिवक्ता आशुतोष पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने रिमांड अर्जी शुक्रवार दाखिल की जिसे न्यायाधीश ने स्वीकार करते हुए 24 जुलाई तक की रिमांड को मंजूरी दी है।

जिला कारागार में अमेरिकी दूतावास से चार सदस्यीय टीम बृहस्पतिवार को आई थी। टीम ने जार्डन से नहीं, बल्कि पहले से बंद अमेरिकी नागरिक ट्रेविस फेलेन से मुलाकात की : बीके गौतम, जेल अधीक्षक, महराजगंज।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed