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Maharajganj News: नवजात की मौत पर जिला अस्पताल में हंगामा, इलाज में लापरवाही का आरोप
Sun, 10 Mar 2024 07:14 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 10 Mar 2024 07:14 PM IST
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महराजगंज। जिला अस्पताल में रविवार को एक नवजात की मौत हो गई। इससे परिजन भड़क उठे। उन्होंने इलाज में लापरवाही और स्टाफ नर्स पर रकम मांगने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। परिजनों ने डीएम को शिकायती पत्र देकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
मृत नवजात के दादा रामबेलास निवासी बासपार नूतन थाना भिटौली ने डीएम को दी शिकायती पत्र में कहा कि शुक्रवार की सुबह बहु प्रीति वर्मा को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था। जहां पर दोपहर करीब 1:15 बजे बहु की नार्मल डिलीवरी डिलेवरी हुई। इस दौरान बच्चे को झटका आ रहा था। बच्चे को एनआईसीयू में भर्ती कराने के लिए जिम्मेदारों से कहा गया, लेकिन जिम्मेदार तीन हजार रुपये की मांग पर अड़े रहे। कुछ देर बाद स्वास्थ्य विभाग के एक स्टॉप की ओर से एक नंबर उपलब्ध कराया। जिस पर ऑनलाइन 1500 रुपये भेजा गया। उसके करीब दो घंटे बाद नवजात को भर्ती कराया गया। जहां पर डॉक्टर की ओर से उन्हें फटकार लगाते हुए बिलंब होने की बात कही गई। इतना ही नहीं बच्चे की जांच के लिए उन्हें बाहर भी भेजा गया। ऐसे में जिम्मेदारों की लापरवाही से नवजात की रात में मौत हो गई।
आरोप बेबुनियाद है। मामले की जांच की जाएगी। अगर लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी। सभी चिकित्सक बेहतर ढंग से इलाज करते हैं।
-डॉ. एपी भार्गव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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मृत नवजात के दादा रामबेलास निवासी बासपार नूतन थाना भिटौली ने डीएम को दी शिकायती पत्र में कहा कि शुक्रवार की सुबह बहु प्रीति वर्मा को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था। जहां पर दोपहर करीब 1:15 बजे बहु की नार्मल डिलीवरी डिलेवरी हुई। इस दौरान बच्चे को झटका आ रहा था। बच्चे को एनआईसीयू में भर्ती कराने के लिए जिम्मेदारों से कहा गया, लेकिन जिम्मेदार तीन हजार रुपये की मांग पर अड़े रहे। कुछ देर बाद स्वास्थ्य विभाग के एक स्टॉप की ओर से एक नंबर उपलब्ध कराया। जिस पर ऑनलाइन 1500 रुपये भेजा गया। उसके करीब दो घंटे बाद नवजात को भर्ती कराया गया। जहां पर डॉक्टर की ओर से उन्हें फटकार लगाते हुए बिलंब होने की बात कही गई। इतना ही नहीं बच्चे की जांच के लिए उन्हें बाहर भी भेजा गया। ऐसे में जिम्मेदारों की लापरवाही से नवजात की रात में मौत हो गई।
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आरोप बेबुनियाद है। मामले की जांच की जाएगी। अगर लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी। सभी चिकित्सक बेहतर ढंग से इलाज करते हैं।
-डॉ. एपी भार्गव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक