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Maharajganj News: बेहतर शिक्षण सामग्री करें अपलोड, साक्षर बनाने की मुहिम को दें गति
Thu, 15 Aug 2024 03:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 15 Aug 2024 03:45 AM IST
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महराजगंज। जिले में साक्षर बनाने की मुहिम को गति देने के लिए कोशिश तेज कर दी गई है। मुहिम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए व्यवस्था की गई है। शिक्षण सामग्री अपलोड करने की अंतिम तिथि 28 अगस्त है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर जानकारी दी गई है। पत्र के अनुसार, 15 वर्ष की आयु से अधिक ऐसे लोग जो किन्हीं कारणों से विद्यालयी शिक्षा, साक्षरता एवं गणना कौशल नहीं सीख पाए हैं, उनके लिए केंद्र सरकार की ओर से नव भारत साक्षरता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम को शासकीय, गैर शासकीय विद्यालयों, पंचायत भवनों, कम्यूनिटी हॉल्स आदि में स्थापित सामाजिक चेतना केंद्रों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इन्हें अकादमिक सहयोग के लिए एनसीईआरटी में राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र की स्थापना की गई है। उल्लास कार्यक्रम का उद्देश्य जन-जन को साक्षर बनाना है। इसके लिए लोग स्वेच्छा से अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
उल्लास कार्यक्रम के लिए शीघ्र ही एक डीटीएच चैनल लांच किया जाएगा, जिसमें समस्त शासकीय भाषाओं में व्यस्क शिक्षार्थियों के लिए शिक्षण सामग्री का प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए माईजीओवी प्लेटफॉर्म के माध्यम से ''टीच एंड इंस्पायर शेयर योर वीडियो फार एडल्ट लर्नर'' पहल की जा रही है, जिसमें किसी भी नागरिक की ओर से व्यस्क शिक्षा संबंधी वीडियो को अपलोड किया जा सकता है। इस कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया जाए एवं अधिकाधिक लोगों को स्वेच्छा से व्यस्क शिक्षा संबंधी वीडियो तैयार कर अपलोड करने के लिए प्रेरित किया जाए।
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अपलोड किये गये वीडियो का निरीक्षण एनसीईआरटी के विशेषज्ञों की ओर से किया जाएगा। चयनित वीडियो का प्रसारण व्यस्क शिक्षा के शैक्षिक पोर्टल एवं डीटीएच चैनल पर किया जाएगा। प्रतिभागियों को उनके प्रयासों के लिए वित्तीय पुरस्कार भी दिया जा सकता है। वीडियो अपलोड करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त 2024 है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य अभिजीत सिंह ने बताया कि साक्षर बनाने के अभियान को तेज करने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। अपलोड हुए वीडियो का परीक्षण होगा। इसके अधिक से अधिक लोगों को बेहतर शिक्षण सामाग्री अपलोड करने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है।
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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर जानकारी दी गई है। पत्र के अनुसार, 15 वर्ष की आयु से अधिक ऐसे लोग जो किन्हीं कारणों से विद्यालयी शिक्षा, साक्षरता एवं गणना कौशल नहीं सीख पाए हैं, उनके लिए केंद्र सरकार की ओर से नव भारत साक्षरता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम को शासकीय, गैर शासकीय विद्यालयों, पंचायत भवनों, कम्यूनिटी हॉल्स आदि में स्थापित सामाजिक चेतना केंद्रों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इन्हें अकादमिक सहयोग के लिए एनसीईआरटी में राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र की स्थापना की गई है। उल्लास कार्यक्रम का उद्देश्य जन-जन को साक्षर बनाना है। इसके लिए लोग स्वेच्छा से अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
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उल्लास कार्यक्रम के लिए शीघ्र ही एक डीटीएच चैनल लांच किया जाएगा, जिसमें समस्त शासकीय भाषाओं में व्यस्क शिक्षार्थियों के लिए शिक्षण सामग्री का प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए माईजीओवी प्लेटफॉर्म के माध्यम से ''टीच एंड इंस्पायर शेयर योर वीडियो फार एडल्ट लर्नर'' पहल की जा रही है, जिसमें किसी भी नागरिक की ओर से व्यस्क शिक्षा संबंधी वीडियो को अपलोड किया जा सकता है। इस कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया जाए एवं अधिकाधिक लोगों को स्वेच्छा से व्यस्क शिक्षा संबंधी वीडियो तैयार कर अपलोड करने के लिए प्रेरित किया जाए।
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अपलोड किये गये वीडियो का निरीक्षण एनसीईआरटी के विशेषज्ञों की ओर से किया जाएगा। चयनित वीडियो का प्रसारण व्यस्क शिक्षा के शैक्षिक पोर्टल एवं डीटीएच चैनल पर किया जाएगा। प्रतिभागियों को उनके प्रयासों के लिए वित्तीय पुरस्कार भी दिया जा सकता है। वीडियो अपलोड करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त 2024 है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य अभिजीत सिंह ने बताया कि साक्षर बनाने के अभियान को तेज करने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। अपलोड हुए वीडियो का परीक्षण होगा। इसके अधिक से अधिक लोगों को बेहतर शिक्षण सामाग्री अपलोड करने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है।