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Maharajganj News: निपुण भारत मिशन के तहत पांचवीं के बच्चे भी होंगे निपुण
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निपुण भारत मिशन का पांचवी तक किया गया विस्तार
भाषा व गणित के साथ अब अंग्रेजी व ईवीएस विषय भी शामिल
महराजगंज। परिषदीय स्कूल की शिक्षा गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए विभाग ने मानक निर्धारित किए हैं। इसके तहत निपुण भारत मिशन के तहत अब तक कक्षा एक से तीन तक के बच्चों में भाषा व गणित के लिए प्रभावी थी। अब इसका विस्तार पांचवीं तक करके अंग्रेजी व पर्यावरण अध्ययन को भी समाहित किया गया है।
जिले के 1500 से अधिक परिषदीय स्कूलों में एक से पांचवी कक्षा तक के विद्यार्थियों की संख्या 1.20 लाख के आसपास है। इनके शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से विभाग ने मानक तय किए हैं। इनके आधार पर विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, शैक्षणिक प्रगति और उपलब्धियों की नियमित निगरानी होगी। सुरक्षित, सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा, जहां बच्चे बिना किसी भय और दबाव के बेहतर ढंग से सीख सकें।
डायट प्रवक्ता व निपुण अभियान के नोडल सुनील कुमार भारती ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी निपुण भारत मिशन योजना के तहत अब तक कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) विकसित करने पर विशेष जोर था। अब इस पहल का विस्तार करते हुए कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों को भी नए अधिगम लक्ष्य और दक्षताएं निर्धारित हुई हैं। लक्ष्यों में हिंदी, अंग्रेजी, गणित एवं पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) जैसे प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है।
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वर्जन
नए मानक निर्धारण से शिक्षकों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। शिक्षकों को विद्यार्थियों के नियमित अभ्यास कार्य पाठ्यक्रम के अनुरूप देना होगा। उनकी प्रगति का मूल्यांकन करना होगा एवं सीखने में आने वाली कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक सुझाव और मार्गदर्शन भी देना होगा। इसी उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने निपुण अभियान की रूपरेखा विस्तृत की है।
- सुरजीत सिंह, बीएसए महराजगंज
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भाषा व गणित के साथ अब अंग्रेजी व ईवीएस विषय भी शामिल
महराजगंज। परिषदीय स्कूल की शिक्षा गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए विभाग ने मानक निर्धारित किए हैं। इसके तहत निपुण भारत मिशन के तहत अब तक कक्षा एक से तीन तक के बच्चों में भाषा व गणित के लिए प्रभावी थी। अब इसका विस्तार पांचवीं तक करके अंग्रेजी व पर्यावरण अध्ययन को भी समाहित किया गया है।
जिले के 1500 से अधिक परिषदीय स्कूलों में एक से पांचवी कक्षा तक के विद्यार्थियों की संख्या 1.20 लाख के आसपास है। इनके शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से विभाग ने मानक तय किए हैं। इनके आधार पर विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, शैक्षणिक प्रगति और उपलब्धियों की नियमित निगरानी होगी। सुरक्षित, सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा, जहां बच्चे बिना किसी भय और दबाव के बेहतर ढंग से सीख सकें।
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डायट प्रवक्ता व निपुण अभियान के नोडल सुनील कुमार भारती ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी निपुण भारत मिशन योजना के तहत अब तक कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) विकसित करने पर विशेष जोर था। अब इस पहल का विस्तार करते हुए कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों को भी नए अधिगम लक्ष्य और दक्षताएं निर्धारित हुई हैं। लक्ष्यों में हिंदी, अंग्रेजी, गणित एवं पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) जैसे प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है।
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नए मानक निर्धारण से शिक्षकों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। शिक्षकों को विद्यार्थियों के नियमित अभ्यास कार्य पाठ्यक्रम के अनुरूप देना होगा। उनकी प्रगति का मूल्यांकन करना होगा एवं सीखने में आने वाली कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक सुझाव और मार्गदर्शन भी देना होगा। इसी उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने निपुण अभियान की रूपरेखा विस्तृत की है।
- सुरजीत सिंह, बीएसए महराजगंज