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Maharajganj News: अल्ट्रासाउंड जांच छह साल से बंद, जांच को गर्भवती आधा किमी तक लगा रहीं दौड़

Thu, 13 Aug 2026 11:51 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 11:51 PM IST
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Ultrasound services suspended for six years; pregnant women forced to run up to half a kilometer for the test.
महिला अस्पताल के एमसीएच विंग में रोजाना आ रही हैं ओपीडी में रोजाना 150 से 200 महिलाएं
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महराजगंज। अगर आप गर्भवती हैं और प्रसव पूर्व जांच के लिए महिला अस्पताल के (एमसीएच विंग) में आ रही हैं तो इस भीषण गर्मी में दम फुलाने के लिए तैयार हो जाएं। कारण कि एमसीएच विंग में लगी अल्ट्रासाउंड जांच मशीन बीते छह साल से बंद है। यहां आने वाली गर्भवती को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए 500 मीटर दूर जिला अस्पताल तक जाना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार, महिला अस्पताल के एमसीएच विंग की ओपीडी में रोजाना 150 से 200 महिलाएं जांच-इलाज के लिए आ रही हैं। इनमें से एएनसी यानी एंटीनेटल जांच-इलाज कराने वाली गर्भवती महिलाओं की संख्या तकरीबन 100 से 125 रोजाना होती है और इसमें से 20 से 25 गर्भवती महिलाओं व अन्य महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच की जरूरत होती है।
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सोनोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं, इंतजाम भी नहीं आया काम
दरअसल एमसीएच विंग में लगी अल्ट्रासाउंड जांच करने के लिए सोनोलॉजिस्ट की तैनाती ही नहीं हुई। इसलिए करीब छह साल से यहां पर अल्ट्रासाउंड जांच किया ही नहीं जा रहा है। करीब चार साल पहले महिला चिकित्सक को सोनोलॉजिस्ट की ट्रेनिंग दिलाई गई थी। लेकिन प्रशिक्षण के बाद उनका तबादला गैरजनपद हो जाने के कारण ये इंतजाम भी अल्ट्रासाउंड जांच शुरू कराने में निष्फल साबित हुआ।
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बृहस्पतिवार को केवल 10 महिलाओं की जांच
जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट ने बृहस्पतिवार को लेकर 10 महिलाओं की ही जांच की। यहां तैनात कर्मचारी ने बताया कि डॉक्टर साहब कहीं और ड्यूटी लगी है, वहीं गए हैं। वहीं यहां पर जांच कराने पहुंची करीब दो दर्जन गर्भवती महिलाओं को बिन जांच कराए वापस होना पड़ा। निजी जांच घर में 900 रुपये से लेकर 1200 रुपये में किया जाता है, वहीं जिला अस्पताल में ये सुविधा निशुल्क है।

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केस एक
सविता जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को जांच के लिए आई थीं। उन्होंने बताया कि जांच के लिए वे सुबह ही आ गई थीं। करीब एक घंटे के इंतजार के बाद उनका अल्ट्रासाउंड जांच किया गया। अगर एमसीएच विंग में ही जांच की सुविधा होती तो बहुत ही राहत मिलती।

केस दो
जैनब खातून ने बताया कि उनका इलाज एमसीएच विंग में हुआ। वहां के डॉक्टर की सलाह पर वे जिला अस्पताल में जांच के लिए पहुंचीं। जैनब के अनुसार एमसीएच से जांच घर तक आने में उनकी हालत खराब हो गई। गर्मी व उमस से परेशानी हुई सो अलग।

वर्जन
महिला अस्पताल एमसीएच विंग में रिक्त पदों की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। उच्चाधिकारियों से रेडियोलाजिस्ट की तैनाती के लिए वार्ता की जा रही है। जल्द ही तैनाती की उम्मीद है।
- एके द्विवेदी, सीएमएस जिला अस्पताल
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