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Maharajganj News: हत्या में कुशीनगर के दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा
Sun, 06 Oct 2024 05:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 06 Oct 2024 05:16 PM IST
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महराजगंज। न्यायालय विशेष सत्र न्यायाधीश अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम महराजगंज संजय मिश्र ने हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 45000-45000 रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों कुशीनगर के रहने वाले हैं।
अभियोजन के अनुसार, तुर्कहा निवासी शारदा प्रसाद के गांव से 8 जून 2014 को जसवंत की बारात महराजगंज जिले के निचलौल थाने के ग्राम खम्हौरा (डोला बजरिया) में आई थी। शारदा प्रसाद के अनुसार, बरात में मेरा 25 साल का बेटा मंटू भारती भी शामिल था। रात करीब 8 बजे द्वार पूजा होने के बाद आंधी-पानी आने से बराती तितर-बितर हो गए। काफी रात होने के बाद जब मंटू वापस घर नहीं आया तो हमने और उसके साथियों ने काफी देर तक तलाश की।
बेटे के न मिलने पर 11 जून 2014 को निचलौल थाने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। गांव में घूम कर बेटे की तलाश कर रहा था। तभी किसी ने बताया कि भट्ठे के पास सड़न जैसी बदबू आ रही है। मेरा बेटा नीरज उर्फ बृजेश खेत में पहुंचा तो देखा तो वहां लापता बेटे मंटू का शव पड़ा था।
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पुरानी रंजिश में सरफराज और शमशाद ने मेरे बेटे मंटू की हत्या करके उसके उसका शव गन्ने के खेत में छिपा दी थी। बरात में दोनों आरोपी भी आए थे। बेटे की हत्या के मामले में दोनों आरोपियों के विरुद्ध 12 जून को निचलौल थाने में केस दर्ज कराया था। तत्कालीन सीओ निचलौल ने विवेचना कर दोनों अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
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अभियोजन के अनुसार, तुर्कहा निवासी शारदा प्रसाद के गांव से 8 जून 2014 को जसवंत की बारात महराजगंज जिले के निचलौल थाने के ग्राम खम्हौरा (डोला बजरिया) में आई थी। शारदा प्रसाद के अनुसार, बरात में मेरा 25 साल का बेटा मंटू भारती भी शामिल था। रात करीब 8 बजे द्वार पूजा होने के बाद आंधी-पानी आने से बराती तितर-बितर हो गए। काफी रात होने के बाद जब मंटू वापस घर नहीं आया तो हमने और उसके साथियों ने काफी देर तक तलाश की।
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बेटे के न मिलने पर 11 जून 2014 को निचलौल थाने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। गांव में घूम कर बेटे की तलाश कर रहा था। तभी किसी ने बताया कि भट्ठे के पास सड़न जैसी बदबू आ रही है। मेरा बेटा नीरज उर्फ बृजेश खेत में पहुंचा तो देखा तो वहां लापता बेटे मंटू का शव पड़ा था।
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पुरानी रंजिश में सरफराज और शमशाद ने मेरे बेटे मंटू की हत्या करके उसके उसका शव गन्ने के खेत में छिपा दी थी। बरात में दोनों आरोपी भी आए थे। बेटे की हत्या के मामले में दोनों आरोपियों के विरुद्ध 12 जून को निचलौल थाने में केस दर्ज कराया था। तत्कालीन सीओ निचलौल ने विवेचना कर दोनों अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।