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Maharajganj News: दो पुल अगले साल तक बनकर हो जाएंगे तैयार...दो के लिए करें इंतजार
Mon, 07 Jul 2025 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 07 Jul 2025 12:14 AM IST
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महराजगंज। पनियरा और सदर विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। पनियरा क्षेत्र में दो पुलों का निर्माण इस साल के अंतिम सप्ताह में पूरा हो जाएगा।
सदर विधान सभा क्षेत्र में स्थित मधुबनी नहर शाखा पर जर्जर दो पुल के स्थान पर नया पुल के निर्माण के लिए जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में टेंडर जारी हो जाएगा। इन चार पुलों का निर्माण पूरा होने से करीब तीन लाख की आबादी को आवागमन में सहूलियत मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, पनियरा क्षेत्र के दोनों पुलों के निर्माण पर करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च होंगे, जबकि सदर क्षेत्र के दो पुलों के निर्माण पर लगभग एक करोड़ 53 लाख रुपये खर्च होंगे। पनियरा क्षेत्र के ग्रामीणों को पिछले पांच वर्षों से देवीपुर अकटहवा मार्ग पर स्थित अमहवा पर बना पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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इस पुल से होकर अहिरौली, तेंदुअहिया, सूचितपुर, औरहिया, सौरहा, नरकटहां, डोमरा, हरखपुरा, अक्टहवा, सतगुर, मुजुरी, रामनगर, लक्ष्मीपुर, बरवास आदि गांवों के हजारों लोगों को जिला मुख्यालय, जिला अस्पताल, तहसील और दीवानी न्यायालय में अपने जरूरी कामों के लिए जाना पड़ता है। इसके अलावा गोरखपुर जिले के पीपीगंज, मानीराम और जंगल कौड़िया, सहजनवां जाने के लिए मुख्य मार्ग है।
इस क्षतिग्रस्त पुल के बगल में मार्च में टेंडर होने के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से नया पुल का निर्माण शुरू कराया गया। इसका फाउंडेशन का कार्य पूरा हो चुका है और पिलर भी तैयार हो गया है जल्द पुल के डेक स्लैब छत लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। इसी तरह धर्मपुर देउरवा पनियरा मार्ग स्थित टेमर नाले पर बना पुल करीब चार वर्षों से जर्जर हालत में है।
यह पुल खुटहा, लखराव, ब्रह्मपुर, सोहरौना तिवारी, उस्का, मिठौरा, कमता बुजुर्ग, राजमंदिर, खैंचा, नेवास पोखर, पनियरा, इलाहाबास, बड़वार, बैजूडेहरा आदि गांवों के निवासियों को जिला मुख्यालय से जोड़ता है। फिलहाल इस पुल के फाउंडेशन के लिए नींव खोदी गई है और कुछ हिस्सों में निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों पुलों का निर्माण दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में पूरा हो जाएगा।
उधर, सदर क्षेत्र के मधुबनी नहर शाखा पर स्थित कसमरिया और सिसवा अमहवा में बना दोनों पुल करीब तीन वर्षों से जर्जर अवस्था में है। इन दोनों पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण राहगीरों और आसपास के ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है। दिनेश कुमार का कहना है कि अपने मां को इलाज के लिए महराजगंज बाइक से लेकर जा रहा था। अचानक कसमरिया क्षतिग्रस्त पुल का डिवाडर न होने के कारण पुल के नीचे गिर गया।
गनीमत रहा कि ज्यादा चोटें नहीं लगी। इन दोनों पुलों की स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग प्रथम की ओर से एक करोड़ 50 लाख का प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा था। विभाग के स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर हुआ, लेकिन कुछ तकनीकी दिक्कत के कारण टेंडर निरस्त हो गया।
फिर एक करोड़ 53 लाख रुपये का नया स्टीमेट तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा है। शासन के स्तर से इन पुलों के निर्माण के लिए अनुमोदन हो चुका है। इस माह के अंतिम सप्ताह में टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उसके बाद बांड़ बनाया जाएगा। फिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
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सदर विधान सभा क्षेत्र में स्थित मधुबनी नहर शाखा पर जर्जर दो पुल के स्थान पर नया पुल के निर्माण के लिए जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में टेंडर जारी हो जाएगा। इन चार पुलों का निर्माण पूरा होने से करीब तीन लाख की आबादी को आवागमन में सहूलियत मिलेगी।
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जानकारी के अनुसार, पनियरा क्षेत्र के दोनों पुलों के निर्माण पर करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च होंगे, जबकि सदर क्षेत्र के दो पुलों के निर्माण पर लगभग एक करोड़ 53 लाख रुपये खर्च होंगे। पनियरा क्षेत्र के ग्रामीणों को पिछले पांच वर्षों से देवीपुर अकटहवा मार्ग पर स्थित अमहवा पर बना पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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इस पुल से होकर अहिरौली, तेंदुअहिया, सूचितपुर, औरहिया, सौरहा, नरकटहां, डोमरा, हरखपुरा, अक्टहवा, सतगुर, मुजुरी, रामनगर, लक्ष्मीपुर, बरवास आदि गांवों के हजारों लोगों को जिला मुख्यालय, जिला अस्पताल, तहसील और दीवानी न्यायालय में अपने जरूरी कामों के लिए जाना पड़ता है। इसके अलावा गोरखपुर जिले के पीपीगंज, मानीराम और जंगल कौड़िया, सहजनवां जाने के लिए मुख्य मार्ग है।
इस क्षतिग्रस्त पुल के बगल में मार्च में टेंडर होने के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से नया पुल का निर्माण शुरू कराया गया। इसका फाउंडेशन का कार्य पूरा हो चुका है और पिलर भी तैयार हो गया है जल्द पुल के डेक स्लैब छत लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। इसी तरह धर्मपुर देउरवा पनियरा मार्ग स्थित टेमर नाले पर बना पुल करीब चार वर्षों से जर्जर हालत में है।
यह पुल खुटहा, लखराव, ब्रह्मपुर, सोहरौना तिवारी, उस्का, मिठौरा, कमता बुजुर्ग, राजमंदिर, खैंचा, नेवास पोखर, पनियरा, इलाहाबास, बड़वार, बैजूडेहरा आदि गांवों के निवासियों को जिला मुख्यालय से जोड़ता है। फिलहाल इस पुल के फाउंडेशन के लिए नींव खोदी गई है और कुछ हिस्सों में निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों पुलों का निर्माण दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में पूरा हो जाएगा।
उधर, सदर क्षेत्र के मधुबनी नहर शाखा पर स्थित कसमरिया और सिसवा अमहवा में बना दोनों पुल करीब तीन वर्षों से जर्जर अवस्था में है। इन दोनों पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण राहगीरों और आसपास के ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है। दिनेश कुमार का कहना है कि अपने मां को इलाज के लिए महराजगंज बाइक से लेकर जा रहा था। अचानक कसमरिया क्षतिग्रस्त पुल का डिवाडर न होने के कारण पुल के नीचे गिर गया।
गनीमत रहा कि ज्यादा चोटें नहीं लगी। इन दोनों पुलों की स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग प्रथम की ओर से एक करोड़ 50 लाख का प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा था। विभाग के स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर हुआ, लेकिन कुछ तकनीकी दिक्कत के कारण टेंडर निरस्त हो गया।
फिर एक करोड़ 53 लाख रुपये का नया स्टीमेट तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा है। शासन के स्तर से इन पुलों के निर्माण के लिए अनुमोदन हो चुका है। इस माह के अंतिम सप्ताह में टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उसके बाद बांड़ बनाया जाएगा। फिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।