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हरियाली पर चल रही कुल्हाड़ी, सो रहे पहरूए
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Mon, 22 Jan 2018 12:46 AM IST
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हरियाली पर चल रही कुल्हाड़ी, सो रहे पहरूए
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग व गोरखपुर वन प्रभाग दोनों ही क्षेत्रों में पेड़ों की अवैध कटान जोरों पर है। ठंड के मौसम में जहां हरियाली पर धड़ल्ले से कुल्हाड़ी चल रही है, वहीं वन विभाग के पहरूए मुंह ढक कर सो रहे हैं। कटान की गवाही खुद ब खुद बरामदगी दे रही है।
इन दिनों दोनों प्रभागों में अवैध कटान का सिलसिला जारी है। एक तरफ जहां वनकर्मी सुस्त पड़े दिख रहे हैं पेड़ों की अवैध कटान करने वाले सक्रिय हैं और कड़ाके की इस ठंड मेें वन संपदा को अपना निशाना बना रहे हैं। वन कर्मी अवैध कटान रोक पाने में असफल साबित हो रहे हैं। जहां कहीं लकड़ी के साथ तस्कर देखे भी जाते हैं तो वहां से वनकर्मी केवल लकड़ी ही बरामद कर पाते हैं, अधिकांश मामले में कटान करने वाले भाग जाते हैं। यह बात दीगर है कि वन संपदा की रखवाली के लिए वन कर्मियों की कमी है। मगर दिन दहाड़े लकड़ी काटा जाना भी वनकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। लकड़ी की अवैध कटान के प्रमाण गोरखपुर वन प्रभाग के फरेंदा व बांकी रेंज में भी देखे जा सकते हैं। वन कटान कोई भी व्यक्ति किसी भी दिन हरपुर तिवारी चौराहे के आसपास व बांकी रेंज में भी देख सकता है। हरपुर तिवारी चौराहे के आसपास के मार्गों पर प्रति दिन दर्जनों साइकिल पर अवैध लकड़ी ले जाते लोग देखे जा सकते हैं। देखने में लगेगा कि लोग पत्ते व पतली - पतली टहनियां ले जा रहे हैं मगर हरे पत्ते के बीच में होते हैं इमारती लकड़ियों के बोटे। इसी प्रकार सोहगीबरवा के विभिन्न रेंजों में भी अवैध कटान की शिकायत सामने आती रही है।
लक्ष्मीपुर रेंज के लक्ष्मीपुर बाजार, परसा मलिक थाना क्षेत्र, चौक क्षेत्र, निचलौल आदि वन क्षेत्रों के आसपास भी पड़ों की अवैध कटान देखी जा सकती है। लक्ष्मीपुर इलाके से तो इमारती लकड़ियों की तस्करी नेपाल को की जाती है। जलौनी के रूप में भी इमारती लकड़ी कीे खेप विभिन्न बाजारों में पहुंचाई जाती है। इमारती लकड़ियां सीमावर्ती क्षेत्रों के विभिन्न रास्तों से नेपाल भी भेजी जाती हैं। बरामदगी पर ही गौर करें तो सोहगीबरवा के वनकर्मियों ने एक माह के अंदर उसरहवा नर्सरी से करीब डेढ़ ट्राली अवैध लकड़ी बरामद की तो वहीं विभिन्न रेंजों में आए दिन बरामदगी दर्ज की जा रही है। बांकी रेंज में तो पहले सप्ताह में एक ही रात वनकर्मियों ने कई बोटा लकड़ी बरामद की।
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इन दिनों दोनों प्रभागों में अवैध कटान का सिलसिला जारी है। एक तरफ जहां वनकर्मी सुस्त पड़े दिख रहे हैं पेड़ों की अवैध कटान करने वाले सक्रिय हैं और कड़ाके की इस ठंड मेें वन संपदा को अपना निशाना बना रहे हैं। वन कर्मी अवैध कटान रोक पाने में असफल साबित हो रहे हैं। जहां कहीं लकड़ी के साथ तस्कर देखे भी जाते हैं तो वहां से वनकर्मी केवल लकड़ी ही बरामद कर पाते हैं, अधिकांश मामले में कटान करने वाले भाग जाते हैं। यह बात दीगर है कि वन संपदा की रखवाली के लिए वन कर्मियों की कमी है। मगर दिन दहाड़े लकड़ी काटा जाना भी वनकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। लकड़ी की अवैध कटान के प्रमाण गोरखपुर वन प्रभाग के फरेंदा व बांकी रेंज में भी देखे जा सकते हैं। वन कटान कोई भी व्यक्ति किसी भी दिन हरपुर तिवारी चौराहे के आसपास व बांकी रेंज में भी देख सकता है। हरपुर तिवारी चौराहे के आसपास के मार्गों पर प्रति दिन दर्जनों साइकिल पर अवैध लकड़ी ले जाते लोग देखे जा सकते हैं। देखने में लगेगा कि लोग पत्ते व पतली - पतली टहनियां ले जा रहे हैं मगर हरे पत्ते के बीच में होते हैं इमारती लकड़ियों के बोटे। इसी प्रकार सोहगीबरवा के विभिन्न रेंजों में भी अवैध कटान की शिकायत सामने आती रही है।
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लक्ष्मीपुर रेंज के लक्ष्मीपुर बाजार, परसा मलिक थाना क्षेत्र, चौक क्षेत्र, निचलौल आदि वन क्षेत्रों के आसपास भी पड़ों की अवैध कटान देखी जा सकती है। लक्ष्मीपुर इलाके से तो इमारती लकड़ियों की तस्करी नेपाल को की जाती है। जलौनी के रूप में भी इमारती लकड़ी कीे खेप विभिन्न बाजारों में पहुंचाई जाती है। इमारती लकड़ियां सीमावर्ती क्षेत्रों के विभिन्न रास्तों से नेपाल भी भेजी जाती हैं। बरामदगी पर ही गौर करें तो सोहगीबरवा के वनकर्मियों ने एक माह के अंदर उसरहवा नर्सरी से करीब डेढ़ ट्राली अवैध लकड़ी बरामद की तो वहीं विभिन्न रेंजों में आए दिन बरामदगी दर्ज की जा रही है। बांकी रेंज में तो पहले सप्ताह में एक ही रात वनकर्मियों ने कई बोटा लकड़ी बरामद की।
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