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Maharajganj News: नेपाल से कद्दू बीज लाकर भारत में दो से तीन गुना मुनाफा कमा रहे धंधेबाज

Wed, 20 May 2026 01:39 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 20 May 2026 01:39 AM IST
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Traders are earning two to three times the profit in India by bringing pumpkin seeds from Nepal.
दोगुना मुनाफा कमा रहे तस्कर, सूडान का कद्दू बीज नेपाल के रास्ते आ रहा भारत
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ठूठीबारी। नेपाल से तस्करी कर बड़ी मात्रा में भारत में कद्दू का बीज भेजकर तस्कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार यह कद्दू बीज सूडान से मंगाया जाता है और नेपाल तक लाने में तस्करों को करीब 100 रुपये प्रति किलो की लागत पड़ जाती है। तस्कर भारतीय क्षेत्र में इसे 200 से 300 रुपये प्रति किलो बेचकर दो से तीन गुना तक मुनाफा कमा रहे हैं।
सूत्रों की माने तो भारत-नेपाल सीमा खुली होने की वजह से तस्कर नेपाल से भारत कद्दू बीज, लहसून, कॉस्मेटिक उत्पाद, नेपाली शराब, मक्का, इलेक्ट्रिक सिगरेट और भारत से नेपाल खाद्य, कॉस्मेटिक, काफी बीज, धान का बीज, जूता चप्पल, कपड़े की तस्करी करते हैं। बीते दो माह से तस्कर सूडान का कद्दू का बीज नेपाल के रास्ते बाॅर्डर पार करा भारतीय सीमा क्षेत्र में पहुंचा रहे हैं। सोमवार को सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस ने कद्दू के बीज के दो बड़े खेप पकड़े थे। घटना के बाद से तस्करी के गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
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सूडान से मंगाते हैं कद्दू बीज
सूत्रों की माने तो नेपाल में सक्रिय तस्कर सूडान से कद्दू का बीज अवैध तरीके से नेपाल लेकर आते हैं। यह बीज समुद्री रास्ते से या हवाई मार्ग द्वारा सूडान से नेपाल के बाजारों में पहुंचता है। नेपाल में इनकी कीमत काफी कम होती है। इसके बाद तस्कर नेपाल के सीमावर्ती गांवों से इन बीजों को बोरों में भरकर अंधेरे में पखडंडी या सुनसान रास्तों का उपयोग करके भारतीय सीमा में लाते हैं। भारतीय सीमा में प्रवेश करने के बाद, इसे गोरखपुर या दिल्ली जैसे बड़े शहरों में ले जाकर ऊंचे दामों (लगभग 200-300 रुपये प्रति किलो) पर ड्राई-फ्रूट (मेवा) के रूप में बेच देते हैं।
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पौष्टिक आहार के रूप में किया जाता है सेवन
सूडान से आए कद्दू के बीजों का उपयोग मुख्य रूप से सूखे मेवे, स्नैक्स और पौष्टिक आहार के तौर पर किया जाता है। ये बीज पोषक तत्वों के बहुत बड़े स्रोत होते हैं। स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। प्रोटीन और विटामिन का खजाना कहा जाता है। इनमें उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, विटामिन-ई, और ओमेगा-6 फैटी एसिड होता है, जो शरीर को ऊर्जावान बनाए रखते हैं। इनमें मौजूद मैग्नीशियम और जिंक ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। कद्दू बीज ब्लड शुगर नियंत्रण भी करता है। फाइबर से भरपूर होने के कारण, ये बीज डायबिटीज के मरीजों में शुगर के स्तर को स्थिर रखने में सहायक होते हैं। इनमें मौजूद ट्रिप्टोफैन और सेरोटोनिन मस्तिष्क को शांत करके रात में अच्छी नींद लाने में मदद करते हैं। जिंक की अच्छी मात्रा होने के कारण ये बीज पुरुष प्रजनन क्षमता फर्टिलिटी और प्रोस्टेट स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं।
केस-1



20 फरवरी 2026 को एसएसबी ने सोनौली से 2600 किलो कद्दू का बीज बरामद किया था। एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया था। पकड़ा गया आरोपी संतोष पासवान सोनौली का ही रहने वाला था।

केस-2

18 मार्च 2026 को एक ट्रक में 11550 किलो कददू बीज बरामद हुआ था। एसएसबी ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद हसीब, निवासी रिदौली फैजाबाद व मोहम्मद सलमान निवासी भरसावन बरेली के रूप में की गई।

वर्जन
क्षेत्र में पुलिस शांति व्यवस्था के साथ ही भारत नेपाल सीमा क्षेत्र में एसएसबी के जवानों के साथ तस्करी के सामानों की बरामदगी की जाती है। तस्करी पर अंकुश लगाने का हर संभव प्रयास किया जाता है। बाॅर्डर क्षेत्र में तस्करी की घटना को किसी भी सूरत में फलने-फूलने नहीं दिया जाएगा।
-अनिरुद्ध कुमार, निचलौल क्षेत्राधिकारी
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