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Maharajganj News: नौ सीएचसी में बनेंगी हाईटेक लैब, 4.50 करोड़ होंगे खर्च
Sat, 26 Sep 2026 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:32 AM IST
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- ग्रामीण मरीजों को ब्लॉक स्तर पर मिलेंगी कई जरूरी जांच सुविधाएं
- निजी पैथोलॉजी और जिला मुख्यालय की दौड़ होगी कम
महराजगंज। ग्रामीण मरीजों को अब खून समेत कई जरूरी जांच के लिए जिला मुख्यालय या निजी पैथोलॉजी सेंटरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग जिले की नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) लैब स्थापित करने जा रहा है। करीब 4.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इन लैब में आधुनिक जांच उपकरण लगाए जाएंगे। एक लैब पर लगभग 52 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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नौ सीएचसी पर बनेगी जांच की सुविधा
बीपीएचयू लैब के लिए घुघली, फरेंदा, लक्ष्मीपुर, सिसवा, धानी, पनियरा, परतावल, मिठौरा और नौतनवा सीएचसी का चयन किया गया है। इन केंद्रों पर भवन और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। अभी ग्रामीण क्षेत्र के कई मरीजों को जांच के लिए जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी सेंटर जाना पड़ता है। ब्लॉक स्तर पर सुविधा शुरू होने से समय पर रिपोर्ट मिलने और बीमारी की स्थिति के अनुसार उपचार शुरू करने में मदद मिलेगी। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीज को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर सकेंगे।
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छह कमरों में होगी जांच से रिपोर्ट तक की व्यवस्था
लैब भवन में करीब छह कमरों की व्यवस्था होगी। इसमें पंजीकरण काउंटर, ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर, प्रतीक्षालय, लैब रूम और रिपोर्ट कक्ष शामिल रहेंगे। इससे नमूना लेने से लेकर जांच और रिपोर्ट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संचालित होगी।
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सीबीसी से थायराइड तक की जांच
बीपीएचयू लैब में सीबीसी जांच के लिए मशीन के साथ बायोकेमिस्ट्री जांच के लिए सेलेक्ट्रा मशीन लगाई जाएगी। थायराइड, ईएसआर, पीटी-आईएनआर और टू-नॉट समेत अन्य जांचों के लिए भी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रस्तावित सुविधाओं में हीमोग्लोबिन, आरबीएस, विडाल, यूरिन, यूपीटी, एचआईवी, ब्लड ग्रुप, शुगर, एमपी और वीडीआरएल जांच शामिल हैं। इससे बुखार, संक्रमण, खून की कमी और मधुमेह जैसी सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं की जांच स्थानीय स्तर पर हो सकेगी।
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निजी पैथोलॉजी पर खर्च से मिलेगी राहत
सीएचसी पर जांच की सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को निजी केंद्रों तक जाने और जांच के साथ आवागमन पर होने वाला अतिरिक्त खर्च बचने की उम्मीद है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इसका सीधा लाभ होगा।
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निचलौल सीएचसी में रोज 150 से 200 जांच
जिले में निचलौल सीएचसी पर पहले से बीपीएचयू स्तर की जांच सुविधा संचालित है। यहां सुबह आठ बजे से दोपहर 12:30 बजे तक नमूने लिए जाते हैं और प्रतिदिन करीब 150 से 200 मरीजों की विभिन्न जांच कर रिपोर्ट दी जाती है।
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नई लैब शुरू होने के बाद संबंधित ब्लॉकों के मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही कई जरूरी जांच की सुविधा मिलेगी। इससे समय और खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही विभाग को ब्लॉक स्तर पर बीमारियों की स्थिति और जांच के आंकड़ों की निगरानी में मदद मिलेगी। जमीन चिह्नित करने की कार्रवाई चल रही है।
- राजेश द्विवेदी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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- निजी पैथोलॉजी और जिला मुख्यालय की दौड़ होगी कम
महराजगंज। ग्रामीण मरीजों को अब खून समेत कई जरूरी जांच के लिए जिला मुख्यालय या निजी पैथोलॉजी सेंटरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग जिले की नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) लैब स्थापित करने जा रहा है। करीब 4.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इन लैब में आधुनिक जांच उपकरण लगाए जाएंगे। एक लैब पर लगभग 52 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
नौ सीएचसी पर बनेगी जांच की सुविधा
बीपीएचयू लैब के लिए घुघली, फरेंदा, लक्ष्मीपुर, सिसवा, धानी, पनियरा, परतावल, मिठौरा और नौतनवा सीएचसी का चयन किया गया है। इन केंद्रों पर भवन और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। अभी ग्रामीण क्षेत्र के कई मरीजों को जांच के लिए जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी सेंटर जाना पड़ता है। ब्लॉक स्तर पर सुविधा शुरू होने से समय पर रिपोर्ट मिलने और बीमारी की स्थिति के अनुसार उपचार शुरू करने में मदद मिलेगी। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीज को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर सकेंगे।
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छह कमरों में होगी जांच से रिपोर्ट तक की व्यवस्था
लैब भवन में करीब छह कमरों की व्यवस्था होगी। इसमें पंजीकरण काउंटर, ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर, प्रतीक्षालय, लैब रूम और रिपोर्ट कक्ष शामिल रहेंगे। इससे नमूना लेने से लेकर जांच और रिपोर्ट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संचालित होगी।
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सीबीसी से थायराइड तक की जांच
बीपीएचयू लैब में सीबीसी जांच के लिए मशीन के साथ बायोकेमिस्ट्री जांच के लिए सेलेक्ट्रा मशीन लगाई जाएगी। थायराइड, ईएसआर, पीटी-आईएनआर और टू-नॉट समेत अन्य जांचों के लिए भी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रस्तावित सुविधाओं में हीमोग्लोबिन, आरबीएस, विडाल, यूरिन, यूपीटी, एचआईवी, ब्लड ग्रुप, शुगर, एमपी और वीडीआरएल जांच शामिल हैं। इससे बुखार, संक्रमण, खून की कमी और मधुमेह जैसी सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं की जांच स्थानीय स्तर पर हो सकेगी।
निजी पैथोलॉजी पर खर्च से मिलेगी राहत
सीएचसी पर जांच की सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को निजी केंद्रों तक जाने और जांच के साथ आवागमन पर होने वाला अतिरिक्त खर्च बचने की उम्मीद है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इसका सीधा लाभ होगा।
निचलौल सीएचसी में रोज 150 से 200 जांच
जिले में निचलौल सीएचसी पर पहले से बीपीएचयू स्तर की जांच सुविधा संचालित है। यहां सुबह आठ बजे से दोपहर 12:30 बजे तक नमूने लिए जाते हैं और प्रतिदिन करीब 150 से 200 मरीजों की विभिन्न जांच कर रिपोर्ट दी जाती है।
नई लैब शुरू होने के बाद संबंधित ब्लॉकों के मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही कई जरूरी जांच की सुविधा मिलेगी। इससे समय और खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही विभाग को ब्लॉक स्तर पर बीमारियों की स्थिति और जांच के आंकड़ों की निगरानी में मदद मिलेगी। जमीन चिह्नित करने की कार्रवाई चल रही है।
- राजेश द्विवेदी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी