{"_id":"68570b5dd3750f5f9500957c","slug":"three-people-were-cheated-of-rs-340-lakh-on-the-pretext-of-giving-them-a-job-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-152515-2025-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: नौकरी का झांसा देकर तीन लोगों से 3.40 लाख की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: नौकरी का झांसा देकर तीन लोगों से 3.40 लाख की ठगी
Sun, 22 Jun 2025 01:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 22 Jun 2025 01:13 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र के धनेवा धनेई निवासी अखलाद, समीम, नुरूल्लाह से सउदी अरब के मक्का में नौकरी दिलाने के नाम पर 3.40 लाख की ठगी कर ली गई। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपी इम्तियाज अहमद निवासी धनेवा धनेई के खिलाफ बृहस्पतिवार को केस दर्ज किया।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित अखलाद ने न्यायालय में दाखिल वाद में बताया कि वह बेरोजगार है। उसके गांव के ही इम्तियाज अहमद विदेश भेजने का काम करता है। इम्तियाज ने गांव के ही समीम और नुरुल्लाह और अखलाद को सऊदी अरब के मक्का में होटल का वीजा दिलाने का झांसा देकर रुपये ले लिए। पीड़ित अखलाद के अनुसार, इम्तियाज ने कहा था कि वहां नौकरी मिलने पर प्रति माह 1500 रियाल वेतन के साथ मुफ्त में रहने-खाने की सुविधा मिलेगी।
उसके झांसे में आकर तीनों ने अलग-अलग तिथियों में ऑनलाइन और नकद भुगतान के रूप में इम्तियाज को रकम सौंपी। पीड़ित अखलाद ने 80 हजार रुपये नकद, समीम ने 75-75 हजार रुपये नकद और नुरुल्लाह ने दो किश्तों में कुल 1.10 लाख रुपये नकद दिया।
विज्ञापन
यह सारी धनराशि गवाहों की उपस्थिति में दी गई, जिसमें अब्दुल्ला, सोनू और दस्तावेज लेखक जहीरुद्दीन शामिल थे। लेनदेन को लेकर 10 रुपये के स्टांप पेपर पर एक लिखित सहमति पत्र भी तैयार किया गया, जिस पर गवाहों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं।
पीड़ितों का आरोप है कि तय समय बीत जाने के बाद भी इम्तियाज ने न तो वीजा दिलवाया और न ही पैसे वापस किए। जब 17 अगस्त 2024 को तीनों पीड़ित दोपहर में इम्तियाज की दुकान पर पैसा मांगने पहुंचे, तो उसने न केवल उन्हें गाली-गलौज की, बल्कि धमकी दी कि जो करना है कर लो, पैसे नहीं दूंगा और अगर फिर आए तो जान से मार दूंगा।
इस घटना के बाद तीनों पीड़ितों ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, लेकिन आरोप है कि आरोपी की राजनीतिक पहुंच के चलते पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की और केस दर्ज नहीं हुआ।
इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत की, लेकिन इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिर अखलाद ने 12 अप्रैल 2024 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महराजगंज की न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 19 जून 2025 को संज्ञान लिया और अभियुक्त इम्तियाज अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश कोतवाली पुलिस को दिया। कोतवाल सत्येन्द्र कुमार राय के अनुसार, न्यायालय के आदेश के बाद आरोपी इम्तियाज अहमद के विरुद्ध धोखाधड़ी, धमकी और अन्य मामलों में केस दर्ज कार्रवाई किया गया है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, पीड़ित अखलाद ने न्यायालय में दाखिल वाद में बताया कि वह बेरोजगार है। उसके गांव के ही इम्तियाज अहमद विदेश भेजने का काम करता है। इम्तियाज ने गांव के ही समीम और नुरुल्लाह और अखलाद को सऊदी अरब के मक्का में होटल का वीजा दिलाने का झांसा देकर रुपये ले लिए। पीड़ित अखलाद के अनुसार, इम्तियाज ने कहा था कि वहां नौकरी मिलने पर प्रति माह 1500 रियाल वेतन के साथ मुफ्त में रहने-खाने की सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
उसके झांसे में आकर तीनों ने अलग-अलग तिथियों में ऑनलाइन और नकद भुगतान के रूप में इम्तियाज को रकम सौंपी। पीड़ित अखलाद ने 80 हजार रुपये नकद, समीम ने 75-75 हजार रुपये नकद और नुरुल्लाह ने दो किश्तों में कुल 1.10 लाख रुपये नकद दिया।
विज्ञापन
यह सारी धनराशि गवाहों की उपस्थिति में दी गई, जिसमें अब्दुल्ला, सोनू और दस्तावेज लेखक जहीरुद्दीन शामिल थे। लेनदेन को लेकर 10 रुपये के स्टांप पेपर पर एक लिखित सहमति पत्र भी तैयार किया गया, जिस पर गवाहों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं।
पीड़ितों का आरोप है कि तय समय बीत जाने के बाद भी इम्तियाज ने न तो वीजा दिलवाया और न ही पैसे वापस किए। जब 17 अगस्त 2024 को तीनों पीड़ित दोपहर में इम्तियाज की दुकान पर पैसा मांगने पहुंचे, तो उसने न केवल उन्हें गाली-गलौज की, बल्कि धमकी दी कि जो करना है कर लो, पैसे नहीं दूंगा और अगर फिर आए तो जान से मार दूंगा।
इस घटना के बाद तीनों पीड़ितों ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, लेकिन आरोप है कि आरोपी की राजनीतिक पहुंच के चलते पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की और केस दर्ज नहीं हुआ।
इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत की, लेकिन इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिर अखलाद ने 12 अप्रैल 2024 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महराजगंज की न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 19 जून 2025 को संज्ञान लिया और अभियुक्त इम्तियाज अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश कोतवाली पुलिस को दिया। कोतवाल सत्येन्द्र कुमार राय के अनुसार, न्यायालय के आदेश के बाद आरोपी इम्तियाज अहमद के विरुद्ध धोखाधड़ी, धमकी और अन्य मामलों में केस दर्ज कार्रवाई किया गया है।