{"_id":"659d93034ae2f4ceb404ece4","slug":"thousands-of-tourists-pass-through-one-counter-have-to-wait-in-queue-for-hours-maharajganj-news-c-206-1-mhg1001-13485-2024-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: एक काउंटर से गुजरते हैं हजारों पर्यटक, कतार में घंटों करना पड़ता है इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: एक काउंटर से गुजरते हैं हजारों पर्यटक, कतार में घंटों करना पड़ता है इंतजार
Wed, 10 Jan 2024 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 10 Jan 2024 12:10 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। नेपाल के बेलहिया कस्टम कार्यालय पर भारत के पर्यटकों को प्रवेश के लिए भंसार पेपर बनवाना होता है। इसके लिए वह कई घंटे लाइन में खड़े रहते हैं। बेलहिया भंसार कार्यालय पर ड्यूटी पर नकद रुपये जमा करने के लिए मात्र एक ही काउंटर है। ड्यूटी का पैसा जमा करने के लिए खेाले गए कैश काउंटर पर नेपाल जाने वाले हर व्यक्ति को पांच हजार रुपये तक के सामान का भंसार जमा करना पड़ा है। नेपाली नागरिक जो भी भारतीय क्षेत्र में सामान खरीदकर वापस नेपाल जाते हैं। एक ही काउंटर होने के कारण भीड़ अधिक हो जाती है। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
पर्यटकों के अलावा आम लोगों को भी दुश्वारियां झेलनी पड़ी दिल्ली, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, आगरा, गोरखपुर, लखनऊ समेत अन्य स्थानों से आए पर्यटक मंगलवार को भंसार काउंटर पर परेशान रहे। एक ही काउंटर होने के कारण उनको गाड़ी का भंसार कराने में समय लग जाता हैं। इसके कारण कुछ पर्यटक इधर उधर बैठकर वक्त गुजारना मजबूरी हो जाती हैं। बेलहिया भंसार के सूचना अधिकारी नरेंद्र चौधरी ने कहा कि इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
नारायण घाट में जाम से फंस रहे भारतीय पर्यटक
महराजगंज l नेपाल काठमांडू और पोखरा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क और पुल निर्माण को लेकर चार और छह घंटे के लिए बंद है। सड़क और पुल का निर्माण पिछले पांच वर्ष से चल रहा है। अभी तक निर्माण पूरा नही हो सका है। इसके कारण आम नागरिक और पर्यटकों को परेशान होना पड़ रहा है। भारतीय पर्यटकों को नेपाल के लिए भारतीय मुद्रा को लेकर भी परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
नेपाल नारायण घाट मुगलिंग रोड पर पुल निर्माण का कार्य चल रहा है। इसके कारण रोज 4 घंटे स्थानीय प्रशासन रास्ता बंद कर देता है। एक जनवरी से पोखरा का रास्ता 6 घंटे बन्द कर दिया गया है। इसके कारण पोखरा जाने वाले पर्यटक दो दिन की जगह चार दिन का भंसार करा रहे है।
100 दिन के लिए बंद हुआ सिद्धार्थ राजमार्ग
पाल्पा के मुख्य जिला अधिकारी आनंद काफले ने बताया कि बुटवल-पाल्पा को जोड़ने वाली सिद्धबाबा सुरंग का निर्माण एक जनवरी से शुरू हुआ। इसके लिए 100 दिन के लिए सिद्धार्थ राजमार्ग को बंद किया गया है। निर्माण में असुविधा न हो इसके लिए रात 10 से सुबह 4 बजे तक गैर आवश्यक वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। नेपाल पोखरा जाने वाली सड़क निर्माण के कारण छह घंटे और काठमांडो जाने वाली सड़क पर पुल निर्माण के कारण चार घंटे आवागमन बंद है। नारायण घाट-मुगलिंग रोड पर 23 दिसंबर से सुबह 11 बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक यातायात बंद है। इस मार्ग पर तीन सप्ताह निर्माण कार्य चलेगा। इस दौरान काठमांडू जाने वाले भारतीय पर्यटकों को जाम के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रमेश निवासी हरियाणा ने बताया कि निजी गाड़ी से मित्रों के साथ काठमांडू जा रहे है। रास्ता बंद की सूचना मिली है। इसलिए दो दिन अधिक का भंसार कराया गया है। दीपक कुमार निवासी लखनऊ ने बताया कि शनिवार को काठमांडू गए थे। मंगलवार को वापसी आया हूं। रास्ते में सड़क काफी खराब है। पुल निर्माण के कारण कई घंटे जाम में फंसे रहे।
भारतीय पर्यटकों के पर्यटन स्थलों तक की नहीं है कनेक्टिविटी
महराजगंज l नेपाल में विभिन्न प्रकार के पर्यटन स्थल हैं। पर्यटन क्षेत्र के विकास से देश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है। लुंबिनी प्रदेश में भी विभिन्न प्रकार के पर्यटन क्षेत्र हैं। जिसकी जानकारी भारतीय पर्यटकों को नहीं है। पर्यटकों के पर्यटन स्थल तक पहुंचने के लिए कनेक्टिविटी की कमी से भारतीय पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पर्यटक प्रतीक अग्रवाल निवासी गोरखपुर ने बताया कि केबल कार जाने के लिए साथियों के साथ बुटवल पहुंचे थे, लेकिन रास्ता पूछते हम लोग दांग पहुंच गए। फिर 40 किलोमीटर वापस आना पड़ा। लुंबिनी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद ग्यावली ने बताया कि लुंबिनी क्षेत्र में पर्यटन की काफी संभावनाएं हैं। यहां बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी, कपिलवस्तु में तिलौराकोट, अरघाखांची में सुपा देउराली, पाल्पा में भैरवस्थान, रानीमेहल, बांके में बागेश्वरी मंदिर, प्यूथान में स्वर्गद्वारी, बर्दिया राष्ट्रीय उद्यान , माँ कामाख्या देवी मंदिर केबल कार सहित कई पर्यटन स्थल हैं। बैठक कर पर्यटन को और मजबूत बनाया जाएगा।
मुख्य चुनौतियां
एक चुनौती के रूप में बेलहिया सीमा, जहां सबसे अधिक संख्या में पर्यटक स्थल मार्ग से प्रवेश करते हैं। इसका प्रबंधन नहीं किया जा सका है। पर्यटक अक्सर शिकायत करते हैं कि सीमा पार करने की कुछ कठिन प्रक्रियाओं के कारण उन्हें असुविधा होती है। वहीं, नेपाल आने वाले पर्यटकों को 25,000 मुद्रा से अधिक लाने पर प्रतिबंध है। भारतीय मुद्रा के नेपाल में चलन नहीं होने से उन्हें सीमा पर मुद्रा परिवर्तन के लिए चार प्रतिशत कमीशन देना पड़ता है।
पर्यटकों की संख्या में हुई वृद्धि
रूपनदेही जिले के सोटो के अध्यक्ष श्रीचन्द्र गुप्ता ने बताया कि नेपाल में प्रवेश करने वाले अधिकांश पर्यटक मनोरंजन, यात्रा और दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए आते हैं। वित्त मंत्रालय के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, दिसंबर में नेपाल आए पर्यटकों की कुल संख्या में से 54.9 प्रतिशत मनोरंजन और दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए हैं। सीजन के दौरान नेपाल आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। पर्वतीय पर्यटन के लिए उपयुक्त सीजन शुरू होने से हर माह करीब एक लाख पर्यटक आ रहे हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, 2023 के नौ महीनों (जनवरी से सितंबर) में 6,85,769 पर्यटक आए। व्यवसायियों का कहना है कि खासकर पर्यटन सीजन में अन्य महीनों की तुलना में पर्यटकों का आगमन उत्साहवर्धक रहता है। लेकिन इसी बीच काठमांडू और पोखरा आवागमन में हो रही कठिनाई के कारण परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
पर्यटकों के अलावा आम लोगों को भी दुश्वारियां झेलनी पड़ी दिल्ली, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, आगरा, गोरखपुर, लखनऊ समेत अन्य स्थानों से आए पर्यटक मंगलवार को भंसार काउंटर पर परेशान रहे। एक ही काउंटर होने के कारण उनको गाड़ी का भंसार कराने में समय लग जाता हैं। इसके कारण कुछ पर्यटक इधर उधर बैठकर वक्त गुजारना मजबूरी हो जाती हैं। बेलहिया भंसार के सूचना अधिकारी नरेंद्र चौधरी ने कहा कि इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन
नारायण घाट में जाम से फंस रहे भारतीय पर्यटक
महराजगंज l नेपाल काठमांडू और पोखरा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क और पुल निर्माण को लेकर चार और छह घंटे के लिए बंद है। सड़क और पुल का निर्माण पिछले पांच वर्ष से चल रहा है। अभी तक निर्माण पूरा नही हो सका है। इसके कारण आम नागरिक और पर्यटकों को परेशान होना पड़ रहा है। भारतीय पर्यटकों को नेपाल के लिए भारतीय मुद्रा को लेकर भी परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
नेपाल नारायण घाट मुगलिंग रोड पर पुल निर्माण का कार्य चल रहा है। इसके कारण रोज 4 घंटे स्थानीय प्रशासन रास्ता बंद कर देता है। एक जनवरी से पोखरा का रास्ता 6 घंटे बन्द कर दिया गया है। इसके कारण पोखरा जाने वाले पर्यटक दो दिन की जगह चार दिन का भंसार करा रहे है।
100 दिन के लिए बंद हुआ सिद्धार्थ राजमार्ग
पाल्पा के मुख्य जिला अधिकारी आनंद काफले ने बताया कि बुटवल-पाल्पा को जोड़ने वाली सिद्धबाबा सुरंग का निर्माण एक जनवरी से शुरू हुआ। इसके लिए 100 दिन के लिए सिद्धार्थ राजमार्ग को बंद किया गया है। निर्माण में असुविधा न हो इसके लिए रात 10 से सुबह 4 बजे तक गैर आवश्यक वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। नेपाल पोखरा जाने वाली सड़क निर्माण के कारण छह घंटे और काठमांडो जाने वाली सड़क पर पुल निर्माण के कारण चार घंटे आवागमन बंद है। नारायण घाट-मुगलिंग रोड पर 23 दिसंबर से सुबह 11 बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक यातायात बंद है। इस मार्ग पर तीन सप्ताह निर्माण कार्य चलेगा। इस दौरान काठमांडू जाने वाले भारतीय पर्यटकों को जाम के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रमेश निवासी हरियाणा ने बताया कि निजी गाड़ी से मित्रों के साथ काठमांडू जा रहे है। रास्ता बंद की सूचना मिली है। इसलिए दो दिन अधिक का भंसार कराया गया है। दीपक कुमार निवासी लखनऊ ने बताया कि शनिवार को काठमांडू गए थे। मंगलवार को वापसी आया हूं। रास्ते में सड़क काफी खराब है। पुल निर्माण के कारण कई घंटे जाम में फंसे रहे।
भारतीय पर्यटकों के पर्यटन स्थलों तक की नहीं है कनेक्टिविटी
महराजगंज l नेपाल में विभिन्न प्रकार के पर्यटन स्थल हैं। पर्यटन क्षेत्र के विकास से देश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है। लुंबिनी प्रदेश में भी विभिन्न प्रकार के पर्यटन क्षेत्र हैं। जिसकी जानकारी भारतीय पर्यटकों को नहीं है। पर्यटकों के पर्यटन स्थल तक पहुंचने के लिए कनेक्टिविटी की कमी से भारतीय पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पर्यटक प्रतीक अग्रवाल निवासी गोरखपुर ने बताया कि केबल कार जाने के लिए साथियों के साथ बुटवल पहुंचे थे, लेकिन रास्ता पूछते हम लोग दांग पहुंच गए। फिर 40 किलोमीटर वापस आना पड़ा। लुंबिनी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद ग्यावली ने बताया कि लुंबिनी क्षेत्र में पर्यटन की काफी संभावनाएं हैं। यहां बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी, कपिलवस्तु में तिलौराकोट, अरघाखांची में सुपा देउराली, पाल्पा में भैरवस्थान, रानीमेहल, बांके में बागेश्वरी मंदिर, प्यूथान में स्वर्गद्वारी, बर्दिया राष्ट्रीय उद्यान , माँ कामाख्या देवी मंदिर केबल कार सहित कई पर्यटन स्थल हैं। बैठक कर पर्यटन को और मजबूत बनाया जाएगा।
मुख्य चुनौतियां
एक चुनौती के रूप में बेलहिया सीमा, जहां सबसे अधिक संख्या में पर्यटक स्थल मार्ग से प्रवेश करते हैं। इसका प्रबंधन नहीं किया जा सका है। पर्यटक अक्सर शिकायत करते हैं कि सीमा पार करने की कुछ कठिन प्रक्रियाओं के कारण उन्हें असुविधा होती है। वहीं, नेपाल आने वाले पर्यटकों को 25,000 मुद्रा से अधिक लाने पर प्रतिबंध है। भारतीय मुद्रा के नेपाल में चलन नहीं होने से उन्हें सीमा पर मुद्रा परिवर्तन के लिए चार प्रतिशत कमीशन देना पड़ता है।
पर्यटकों की संख्या में हुई वृद्धि
रूपनदेही जिले के सोटो के अध्यक्ष श्रीचन्द्र गुप्ता ने बताया कि नेपाल में प्रवेश करने वाले अधिकांश पर्यटक मनोरंजन, यात्रा और दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए आते हैं। वित्त मंत्रालय के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, दिसंबर में नेपाल आए पर्यटकों की कुल संख्या में से 54.9 प्रतिशत मनोरंजन और दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए हैं। सीजन के दौरान नेपाल आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। पर्वतीय पर्यटन के लिए उपयुक्त सीजन शुरू होने से हर माह करीब एक लाख पर्यटक आ रहे हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, 2023 के नौ महीनों (जनवरी से सितंबर) में 6,85,769 पर्यटक आए। व्यवसायियों का कहना है कि खासकर पर्यटन सीजन में अन्य महीनों की तुलना में पर्यटकों का आगमन उत्साहवर्धक रहता है। लेकिन इसी बीच काठमांडू और पोखरा आवागमन में हो रही कठिनाई के कारण परेशानी हो रही है।