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नए साल का जश्न मनाने वालों को करना होगा कोविड-19 गाइडलाइन का पालन
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नए साल का जश्न मनाने वालों को करना होगा कोविड-19 गाइडलाइन का पालन
जिले में प्रत्येक हलचल पर रहेगी पुलिस की पैनी नजर, शांति व्यवस्था भंग होने पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से सब कुछ बदल गया है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि नए साल का जश्न बंदिशोें के बीच मनाया जाएगा। ज्यादा भीड़ भाड़ से परहेज करने के साथ ही कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करना पडे़गा। जिले में प्रत्येक हलचल पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। अगर कहीं कोई शांति व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करेगा तो कड़ी कार्रवाई होगी।
बाजार भी नए साल के स्वागत के लिए तैयार है। शहर समेत अन्य स्थानों के होटल रेस्टोरेंट भी ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयारी में लगे हैं। कोविड 19 के नियम का पालन करते हुए पूरी व्यवस्था की जा रही है। रेस्टोरेंट के आने के लिए लोगों को मास्क पहनकर आना होगा। इसके अलावा देर रात होने कार्यक्रमों पर भी पुलिस की नजर रहेगी। शहर में व्यापार मंडल की ओर से नए साल का जश्न मनाने की तैयारी की गई। इसके लिए एक मैरिज हाल का चयन किया गया है।
एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के प्रति गंभीर है। अगर सड़क पर कोई हुडदंग मचाया तो कड़ी कार्रवाई होगी। सभी थानेदार क्षेत्र में भ्रमण करेंगे। बीट के सिपाही गतिविधियों पर नजर रखेंगे। कहीं से भी छोटी सूचना आने पर भी त्वरित कार्रवाई की जाएगी। नियम का पालन करते हुए नए साल की खुशियां मनाएं। साथ ही दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें।
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जंगल में पिकनिक मनाने पर होगी कार्रवाई
निचलौल। बिहार राज्य और नेपाल राष्ट्र से सटे सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के निचलौल वन रेंज में नववर्ष पर पिकनिक मनाने वालों की अब खैर नहीं है। वन विभाग ने जंगल में पिकनिक मनाने वालों के पर पाबंदी लगा दी है। बावजूद इसके यदि कोई वन में पिकनिक मनाते पकड़ा गया तो उसके विरुद्ध वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई किया जाएगी। रेंजर दयाशंकर तिवारी ने कहा कि वन क्षेत्र के कुड़िया मंदिर, दर्जिनिया ताल सहित जंगल के अन्य जगहों पर पिकनिक मनाने पर रोक है। नए वर्ष पर जंगल में प्रवेश करने वालों पर निगरानी की जाएगी। वहीं जंगल में पेट्रोलिंग तेज करने के लिए जिम्मेदारों को निर्देश दिया गया है। निगरानी के लिए विशेष वन गश्ती टीम बनी। संवाद
नए साल का जश्न मनाने नहीं जा पाएंगे नेपाल
महराजगंज। इस बार भारत-नेपाल सीमा सील होने के कारण लोग नए साल का जश्न मनाने नेपाल नहीं जा पाएंगे। वे अपने ही देश में नए साल का जश्न मनाएंगे। कोई केदारनाथ का दर्शन करेगा तो कोई महाकाल के दर्शन कर कोरोना से मुक्ति की दुआ करेगा। वहीं नेपाल में भारतीय पर्यटकों को नहीं जाने से चहल पहल कम है। वहां के बाजारों में पहले जैसी रौनक नहीं है। नेपाल का पर्यटन कारोबार ज्यादा प्रभावित हुआ है। सोनौली कस्बे के रहने वाले नीरज, हरिश्चंद्र जायसवाल ने बताया कि इन बार नेपाल नहीं जाने को मिलेगा। कस्टम हाउस एजेंट विनायक चंद तिवारी ने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि नए साल पर नेपाल जाने को नहीं मिलेगा। नौतनवां कस्बे के पवन कुमार ने बताया कि इस बार कोरोना से बहुत कुछ बदल गया है।
कोरोना में चौपट हुआ नेपाल का पर्यटन कारोबार
भारत नेपाल मैत्री समाज एवं पर्यटन अध्यक्ष श्रीचंद गुप्ता ने बताया कि पर्यटकों की संख्या वर्ष 2018 के दौरान 37.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 526,705 हो गई थी। वर्ष 2019 में पर्यटकों की संख्या 5 प्रतिशत की गिरावट के साथ कुल 5,00,277 रही। 2019 में पर्यटकों के ठहरने की औसत अवधि 11.96 दिन थी, जो घट कर कैलेंडर वर्ष 2019 में 11.78 दिन रह गई। वर्ष 2020 में पर्यटकों की संख्या में 40 प्रतिशत की वृद्धि के साथ जनवरी फरवरी के शुरुआती समय मे पर्यटकों के आगमन में तेजी आई थी, लेकिन कोरोना महामारी से सब चौपट हो गया।
नेपाल के बाजारों में रौनक नहीं
थाई बुद्ध विहार सोनौली के प्रबंधक राजेश शुक्ला ने बताया कि नेपाल के लिए बुकिंग बंद है। बनारस और बौद्ध गया से सीधे नेपाल लुम्बिनी की बुकिंग शून्य है। पिछले साल दिसंबर माह में प्रतिदिन 30 से 40 बस विदेशी पर्यटक नेपाल जाते थे। सोटो नेपाल ट्रेवल्स रूपनदेही के अध्यक्ष संजय बजमया ने बताया कि होटल का कारोबार ठप है। इन दिनों होटल व्यवसाय से जुड़े हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश श्रेष्ठ ने बताया कि इस बार पर्यटन उद्योग कोरोना की भेंट चढ़ गया।
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जिले में प्रत्येक हलचल पर रहेगी पुलिस की पैनी नजर, शांति व्यवस्था भंग होने पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से सब कुछ बदल गया है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि नए साल का जश्न बंदिशोें के बीच मनाया जाएगा। ज्यादा भीड़ भाड़ से परहेज करने के साथ ही कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करना पडे़गा। जिले में प्रत्येक हलचल पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। अगर कहीं कोई शांति व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करेगा तो कड़ी कार्रवाई होगी।
बाजार भी नए साल के स्वागत के लिए तैयार है। शहर समेत अन्य स्थानों के होटल रेस्टोरेंट भी ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयारी में लगे हैं। कोविड 19 के नियम का पालन करते हुए पूरी व्यवस्था की जा रही है। रेस्टोरेंट के आने के लिए लोगों को मास्क पहनकर आना होगा। इसके अलावा देर रात होने कार्यक्रमों पर भी पुलिस की नजर रहेगी। शहर में व्यापार मंडल की ओर से नए साल का जश्न मनाने की तैयारी की गई। इसके लिए एक मैरिज हाल का चयन किया गया है।
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एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के प्रति गंभीर है। अगर सड़क पर कोई हुडदंग मचाया तो कड़ी कार्रवाई होगी। सभी थानेदार क्षेत्र में भ्रमण करेंगे। बीट के सिपाही गतिविधियों पर नजर रखेंगे। कहीं से भी छोटी सूचना आने पर भी त्वरित कार्रवाई की जाएगी। नियम का पालन करते हुए नए साल की खुशियां मनाएं। साथ ही दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें।
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जंगल में पिकनिक मनाने पर होगी कार्रवाई
निचलौल। बिहार राज्य और नेपाल राष्ट्र से सटे सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के निचलौल वन रेंज में नववर्ष पर पिकनिक मनाने वालों की अब खैर नहीं है। वन विभाग ने जंगल में पिकनिक मनाने वालों के पर पाबंदी लगा दी है। बावजूद इसके यदि कोई वन में पिकनिक मनाते पकड़ा गया तो उसके विरुद्ध वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई किया जाएगी। रेंजर दयाशंकर तिवारी ने कहा कि वन क्षेत्र के कुड़िया मंदिर, दर्जिनिया ताल सहित जंगल के अन्य जगहों पर पिकनिक मनाने पर रोक है। नए वर्ष पर जंगल में प्रवेश करने वालों पर निगरानी की जाएगी। वहीं जंगल में पेट्रोलिंग तेज करने के लिए जिम्मेदारों को निर्देश दिया गया है। निगरानी के लिए विशेष वन गश्ती टीम बनी। संवाद
नए साल का जश्न मनाने नहीं जा पाएंगे नेपाल
महराजगंज। इस बार भारत-नेपाल सीमा सील होने के कारण लोग नए साल का जश्न मनाने नेपाल नहीं जा पाएंगे। वे अपने ही देश में नए साल का जश्न मनाएंगे। कोई केदारनाथ का दर्शन करेगा तो कोई महाकाल के दर्शन कर कोरोना से मुक्ति की दुआ करेगा। वहीं नेपाल में भारतीय पर्यटकों को नहीं जाने से चहल पहल कम है। वहां के बाजारों में पहले जैसी रौनक नहीं है। नेपाल का पर्यटन कारोबार ज्यादा प्रभावित हुआ है। सोनौली कस्बे के रहने वाले नीरज, हरिश्चंद्र जायसवाल ने बताया कि इन बार नेपाल नहीं जाने को मिलेगा। कस्टम हाउस एजेंट विनायक चंद तिवारी ने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि नए साल पर नेपाल जाने को नहीं मिलेगा। नौतनवां कस्बे के पवन कुमार ने बताया कि इस बार कोरोना से बहुत कुछ बदल गया है।
कोरोना में चौपट हुआ नेपाल का पर्यटन कारोबार
भारत नेपाल मैत्री समाज एवं पर्यटन अध्यक्ष श्रीचंद गुप्ता ने बताया कि पर्यटकों की संख्या वर्ष 2018 के दौरान 37.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 526,705 हो गई थी। वर्ष 2019 में पर्यटकों की संख्या 5 प्रतिशत की गिरावट के साथ कुल 5,00,277 रही। 2019 में पर्यटकों के ठहरने की औसत अवधि 11.96 दिन थी, जो घट कर कैलेंडर वर्ष 2019 में 11.78 दिन रह गई। वर्ष 2020 में पर्यटकों की संख्या में 40 प्रतिशत की वृद्धि के साथ जनवरी फरवरी के शुरुआती समय मे पर्यटकों के आगमन में तेजी आई थी, लेकिन कोरोना महामारी से सब चौपट हो गया।
नेपाल के बाजारों में रौनक नहीं
थाई बुद्ध विहार सोनौली के प्रबंधक राजेश शुक्ला ने बताया कि नेपाल के लिए बुकिंग बंद है। बनारस और बौद्ध गया से सीधे नेपाल लुम्बिनी की बुकिंग शून्य है। पिछले साल दिसंबर माह में प्रतिदिन 30 से 40 बस विदेशी पर्यटक नेपाल जाते थे। सोटो नेपाल ट्रेवल्स रूपनदेही के अध्यक्ष संजय बजमया ने बताया कि होटल का कारोबार ठप है। इन दिनों होटल व्यवसाय से जुड़े हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश श्रेष्ठ ने बताया कि इस बार पर्यटन उद्योग कोरोना की भेंट चढ़ गया।