फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   There will be no fraud in the registry, forged documents will be caught

Maharajganj News: रजिस्ट्री में नहीं होगा गड़बड़झाला पकड़े जाएंगे कूटरचित दस्तावेज

Fri, 01 Aug 2025 12:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Fri, 01 Aug 2025 12:54 AM IST
विज्ञापन
There will be no fraud in the registry, forged documents will be caught
रजिस्ट्री कार्यालय पर लगी भीड़।
महराजगंज। जिले के सभी उप निबंधक कार्यालयों में बैनामे में फर्जीवाड़ा रोकने की नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब मोबाइल पर ओटीपी आने और पैनकार्ड वेरिफिकेशन के बाद ही बैनामे की प्रक्रिया शुरू होगी।
विज्ञापन

सोमवार से ही उप निबंधक कार्यालय सदर, नौतनवा निचलौल और फरेंदा में नई व्यवस्था से बैनामा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जिले के सभी उप निबंधक कार्यालयों में बैनामा प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लागू कर दी गई है।
विज्ञापन

अब किसी भी प्रकार के बैनामे के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को ओटीपी आधारित कर दिया गया है। इसके साथ ही पैनकार्ड सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे अब बगैर सही पहचान के बैनामा कराना असंभव हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस व्यवस्था का उद्देश्य बैनामे में होने वाले फर्जीवाड़े और हेराफेरी को पूरी तरह समाप्त करना है। अब तक बैनामा कराने के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन करना होता था। उसके बाद संबंधित पक्षकार कार्यालय में पहुंचकर बाकी की प्रक्रिया पूरी करते थे, लेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया में मोबाइल नंबरों की गलत फीडिंग, फर्जी पहचानपत्र और कई अन्य तरीकों से फर्जीवाड़े की संभावना बनी रहती थी।
नई व्यवस्था में अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि बैनामे के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय पक्षकारों का सक्रिय मोबाइल नंबर फॉर्म में फीड किया जाए। उस नंबर पर एक ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) भेजा जाएगा। इसे सही ढंग से दर्ज करने के बाद ही ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा। यह ओटीपी आधारित प्रणाली यह सुनिश्चित करेगी कि आवेदनकर्ता वास्तविक व्यक्ति ही हो और कोई अन्य उसकी पहचान का दुरुपयोग न कर सके।
पहले फर्जीवाड़े की थी गुंजाइश : अब तक जिले में बैनामे की प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन इसमें मोबाइल नंबर या पहचानपत्र की अनिवार्यता नहीं थी। इसके कारण दलाल और अन्य लोग फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैनामा करा लेते थे। कई मामलों में पक्षकारों को जानकारी तक नहीं होती थी कि उनके नाम पर कोई जमीन बेची या खरीदी जा रही है। इन्हीं खामियों को दूर करने के लिए शासन स्तर से निर्देश जारी करते हुए 29 जुलाई से जिले में यह नई प्रणाली लागू कर दी गई।

कृषि भूमि के बैनामे के लिए यूनिक आईडी अनिवार्य : कृषि भूमि के संबंध में बैनामा कराना और भी सख्त हो गया है। अब ऐसे किसी भी बैनामे के लिए यूनिक आईडी को अनिवार्य कर दिया गया है। यूनिक आईडी, राजस्व विभाग की ओर से भूलेख पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई एक विशेष पहचान संख्या होती है, जो हर खतौनी में दर्ज होती है। जिन काश्तकारों की खतौनी में यूनिक आईडी दर्ज नहीं है, उन्हें बैनामे के लिए पहले अपने अभिलेख अपडेट कराने होंगे। इस व्यवस्था के कारण बृहस्पतिवार को कई किसानों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा क्योंकि उनके खतौनी रिकॉर्ड में यूनिक आईडी दर्ज नहीं थी। परिणामस्वरूप वे ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed