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Maharajganj News: रेल लाइन निर्माण में अभी और होगी देर

Fri, 19 Dec 2025 01:28 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 19 Dec 2025 01:28 AM IST
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There will be further delay in construction of the railway line.
महराजगंज। घुघली-महराजगंज-फरेंदा प्रस्तावित रेल मार्ग के दायरे में आने वाली जमीनों का मुआवजा वितरित किया जा रहा है। लेकिन मुआवजा वितरण से असंतुष्ट 33 किसानों ने मुआवजे को लेकर आर्बिट्रेशन दाखिल किए हैं। इन किसानों ने जमीन की वास्तविक स्थिति के अनुसार मुआवजा दिए जाने की मांग की है। किसानों के आर्बिट्रेशन का निस्तारण समय से नहीं हुआ तो प्रस्तावित रेल मार्ग के निर्माण में अवरोध उत्पन्न होगा।
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जानकारी के अनुसार, 33 किसानों द्वारा दाखिल आर्बिट्रेशन के निस्तारण में देरी होने से प्रस्तावित रेल मार्ग के निर्माण की गति प्रभावित होगी। परियोजना को पूरी होने में समस्या होगी। जिन लोगों के मकान रेलवे ट्रैक के दायरे में हैं उन्हें भी मुआवजा वितरण को लेकर समस्या है। अमितेष राय ने बताया कि जमीन अधिक रेट में खरीदी गई है। स्टैंप शुल्क भी जमा है तो कृषि के भाव से मुआवजा दिया जाना ठीक नहीं है।
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वहीं अशोक पटेल और नसीम अहमद ने बताया कि आर्बिट्रेशन दाखिल किया गया है। निर्णय के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। इन लोगों ने कहा कि बीते माह जमीन की नवैयत को लेकर हेर-फेर की बात भी सामने आ चुकी है। सड़क किनारे की जमीन को अंदर दिखाकर मुआवजा कम कर दिया गया। वहीं दूर की जमीन को सड़क के किनारे दिखा कर रकम बढ़ा दिया गया था। मामले की पोल खुली तो कार्रवाई भी हुई। मुआवजा वितरण में पारदर्शिता नहीं हुई तो नियम के मुताबिक लड़ाई लड़ने की बात लोगों ने कही।
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उधर, भूखंडों से जुड़े मामले आर्बिट्रेशन (मध्यस्तता) में फंसे हुए हैं। इस वजह से संबंधित किसानों को फिलहाल मुआवजा नहीं मिल सका है। रेल लाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया दो चरणों में की जा रही है। पहले चरण में कुल 29 गांवों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई लगभग पूरी कर ली गई है।
इन गांवों में जिन किसानों के अभिलेख पूरे और स्पष्ट हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुआवजा भुगतान किया जा चुका है। प्रशासन का दावा है कि अधिकांश प्रभावित किसानों को निर्धारित दर के अनुसार मुआवजा मिल गया है। लेकिन, 33 भूखंडों के मामले अलग-अलग तरह के विवादों में उलझे हुए हैं। कहीं आपसी बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन पाई है, तो कहीं भूमि के वास्तविक स्वामी को लेकर विवाद है। कुछ मामलों में भूमि के रकबे को लेकर भी असहमति सामने आई है। इन्हीं कारणों से इन भूखंडों का मुआवजा भुगतान रोक दिया गया है। जब तक विवादों का विधिवत निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक भुगतान संभव नहीं है।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद लिया जा रहा निर्णय : प्रभारी भूमि अध्याप्ति अधिकारी नंद प्रकाश मौर्य ने बताया कि तरकुलवा, महुअवा, मुजहना खुर्द, जोगिया और रामपुर बल्डिहा सहित कुल 33 विवादित भूखंडों के मामले मध्यस्तता की प्रक्रिया में हैं। विवादों का निस्तारण होने के बाद संबंधित किसानों को मुआवजा भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। जिन किसानों के दस्तावेज पूरे हैं और जिनके मामलों में कोई विवाद नहीं है उन्हें तुरंत भुगतान किया जा रहा है। वहीं, विवादित मामलों में दोनों पक्षों को सुनने के बाद नियमों के अनुसार निर्णय लिया जा रहा है। संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है।
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