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Maharajganj News: केस न दर्ज करने पर थानेदार को निलंबित करने की चर्चा
Mon, 14 Jul 2025 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 14 Jul 2025 12:56 AM IST
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महराजगंज। चौक थानाध्यक्ष रामचरन सरोज के निलंबित होने के बाद चौक थाने की कमान ओमप्रकाश गुप्ता को मिली है। क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि थानाध्यक्ष ने केवलापुर मामले में केस नहीं दर्ज कर खुद के खिलाफ कार्रवाई को निमंत्रण दिया। थानाध्यक्ष के निलंबित होने के बाद मामले में केस दर्ज कर पुलिस विवेचना कर रही है।
रविवार को चौक थाना क्षेत्र के अधिकतर चाय की दुकानों पर थानाध्यक्ष के निलंबित होने की चर्चा होती रही। छुट्टी का दिन होने के साथ ही चाय की चुस्की के बीच लोगों की चर्चा के केंद्र में एक ही सवाल रहा कि आखिर केवलापुर मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट की अनदेखी क्यों की गई? केवलापुर खुर्द सेमरहवा में 27 मई को उषा नाम की युवती का शव घर में फंदे से लटका मिला था। घटना के समय घर में युवती के नाबालिग भाई-बहन छत पर सोए थे और बाकी सदस्य कैंपियरगंज किसी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। घर पहुंचे तो कमरे में युवती का शव फंदे से लटका मिला। चौक पुलिस ने पंचनामा के बाद युवती का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवती के पिता मोती चंद्र पहले दिन से ही हत्या का आरोप लगा रहे थे। वह नामजद तहरीर लेकर थाने का चक्कर लगाते रहे लेकिन चौक थानेदार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद भी मुकदमा दर्ज करना जरूरी नहीं समझा।
जबकि पीएम रिपोर्ट युवती का गला दबाने की घटना की ओर इशारा कर रही थी। लेकिन थानाध्यक्ष इसी बात पर मामला टालते रहे कि हत्या के बाद अगर शव लटकाया गया तो छत पर सो रहे भाई-बहन की नींद कैसे नहीं टूटी और घर में रहकर भी वह इस वारदात की भनक कैसे नहीं पा सके। शनिवार को घटना के 44 दिन बाद देर शाम मामले में केस दर्ज किया गया।
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रविवार को चौक थाना क्षेत्र के अधिकतर चाय की दुकानों पर थानाध्यक्ष के निलंबित होने की चर्चा होती रही। छुट्टी का दिन होने के साथ ही चाय की चुस्की के बीच लोगों की चर्चा के केंद्र में एक ही सवाल रहा कि आखिर केवलापुर मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट की अनदेखी क्यों की गई? केवलापुर खुर्द सेमरहवा में 27 मई को उषा नाम की युवती का शव घर में फंदे से लटका मिला था। घटना के समय घर में युवती के नाबालिग भाई-बहन छत पर सोए थे और बाकी सदस्य कैंपियरगंज किसी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। घर पहुंचे तो कमरे में युवती का शव फंदे से लटका मिला। चौक पुलिस ने पंचनामा के बाद युवती का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवती के पिता मोती चंद्र पहले दिन से ही हत्या का आरोप लगा रहे थे। वह नामजद तहरीर लेकर थाने का चक्कर लगाते रहे लेकिन चौक थानेदार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद भी मुकदमा दर्ज करना जरूरी नहीं समझा।
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जबकि पीएम रिपोर्ट युवती का गला दबाने की घटना की ओर इशारा कर रही थी। लेकिन थानाध्यक्ष इसी बात पर मामला टालते रहे कि हत्या के बाद अगर शव लटकाया गया तो छत पर सो रहे भाई-बहन की नींद कैसे नहीं टूटी और घर में रहकर भी वह इस वारदात की भनक कैसे नहीं पा सके। शनिवार को घटना के 44 दिन बाद देर शाम मामले में केस दर्ज किया गया।
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